न्यूयॉर्क से इजरायल की राजधानी तेल अवीव की ओर उड़ान भरने वाली एक फ्लाइट में बम होने की सूचना मिलते ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया। इस गंभीर आपात स्थिति के सामने आते ही विमानन कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों ने फौरन हाई अलर्ट जारी कर दिया ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे को वक्त रहते टाला जा सके। फ्लाइट में बम होने की इस सनसनीखेज खबर के बाद आसमान में उड़ान भर रहे इस विमान की सुरक्षित लैंडिंग को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई थीं। संबंधित अधिकारियों ने तुरंत हरकत में आते हुए विमान को उसके तय रूट और गंतव्य के नजदीकी बड़े एयरपोर्ट पर उतारने के निर्देश जारी कर दिए।
प्राप्त शुरुआती जानकारियों के मुताबिक यह फ्लाइट अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से रवाना हुई थी और इसे इजरायल पहुंचना था। जैसे ही विमान हवा में था, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को एक अज्ञात माध्यम से फ्लाइट में विस्फोटक होने की चेतावनी मिली। इस चेतावनी के मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियों के बीच तुरंत आपात बैठक हुई और विमान का रुख मोड़कर उसे सुरक्षित रूप से उतारने की योजना बनाई गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बिना किसी देरी के पायलट को इसकी सूचना दी गई और विमान को तुरंत सुरक्षित गलियारे से ले जाने के निर्देश दिए गए ताकि जमीन पर उतरते ही तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरा विमान और यात्रियों की सुरक्षित निकासी
इस खतरनाक बम खतरे के बीच इजरायल के प्रमुख बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों, एंबुलेंस और दमकल गाड़ियों को तैनात कर दिया गया। फ्लाइट जैसे ही बेन गुरियन एयरपोर्ट के रनवे पर उतरी, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत एक सुनसान और सुरक्षित आइसोलेशन बे की तरफ खींच लिया। एयरपोर्ट प्रशासन ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए विमान के दरवाजे खोले और सभी यात्रियों को एक-एक करके पूरी सावधानी के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया। किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए एयरपोर्ट के टर्मिनल और आसपास के इलाके में सुरक्षा का कड़ा पहरा बिठा दिया गया ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तुरंत बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की विशेष टीमों को विमान के भीतर भेजा गया। टीम के सदस्यों ने विमान के हर कोने, कार्गो होल्ड और यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी लेनी शुरू कर दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह सिर्फ एक अफवाह थी या फिर वाक़ई में विमान के अंदर कोई संदिग्ध वस्तु मौजूद है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कोई अंतिम बयान जारी करने की बात कह रही हैं।
लगातार मिल रही झूठी धमकियों से बढ़ी एयरलाइंस की चिंता
पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और घरेलू विमानों को लगातार बम से उड़ाने की झूठी धमकियां मिलने की घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है। इस तरह की फर्जी कॉल्स और संदेशों के कारण विमानन कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है और दुनियाभर के लाखों यात्रियों को भारी मानसिक परेशानी और घंटों की देरी का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इस प्रकार की हरकतों के पीछे असामाजिक तत्वों या सोची-समझी साजिश का हाथ हो सकता है, जो विमानन सुरक्षा व्यवस्था को भ्रमित करना चाहते हैं।
इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर विमानन सुरक्षा के कड़े नियमों और खुफिया तंत्र की मजबूती पर बहस छिड़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि न्यूयॉर्क से उड़ान भरने वाले इस विमान के संबंध में धमकी भरा संदेश कहां से और किसने भेजा था। इस संदेश भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम कसी जा सके। फिलहाल यात्रियों ने सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद राहत की सांस ली है, जबकि सुरक्षा बलों की चेकिंग अभी भी जारी है।





