लंदन से लेकर भारत के जंगलों तक इन दिनों बाघों से जुड़े कई बड़े मामले सामने आ रहे हैं। ब्रिटेन के एक जाने-माने वन्यजीव पार्क में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। यहां एक व्यक्ति नियमों को तोड़कर सीधे साइबेरियाई बाघ के बाड़े के अंदर जा पहुंचा। बाड़े के अंदर जाते ही खतरनाक बाघ ने उस व्यक्ति पर हमला कर दिया और मौके पर ही उसकी जान चली गई। इस भयानक हादसे के बाद पार्क प्रबंधन और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
इस खौफनाक घटना के बाद ब्रिटेन के वन्यजीव पार्क प्रशासन ने एक बड़ा और मानवीय फैसला लिया है। पार्क के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि हमले को अंजाम देने वाले साइबेरियाई बाघ को किसी भी हाल में इच्छा मृत्यु यानी यूथनेशिया नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बाघ ने केवल अपनी प्राकृतिक प्रवृत्ति के तहत ही प्रतिक्रिया दी थी क्योंकि कोई अजनबी उसके निजी इलाके में घुस आया था। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि वह मृत व्यक्ति आखिर उस सुरक्षित बाड़े के अंदर तक कैसे पहुंच सका।
बाघ के बाड़े में घुसने की खौफनाक घटना और पार्क का बड़ा फैसला
ब्रिटेन की इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर चिड़ियाघरों और वन्यजीव पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की ओर खींच लिया है। जानकारों का कहना है कि जंगली जानवरों के बाड़े के पास इंसानी लापरवाही अक्सर ऐसे बड़े हादसों की वजह बन जाती है। पार्क के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने घटना के तुरंत बाद बचाव की कोशिश की थी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बाघ के हमले से उस व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो चुकी थी जिसके बाद पार्क को पर्यटकों के लिए अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया था।
दूसरी ओर भारत के जंगलों और टाइगर रिजर्व में भी सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर लगातार नए बदलाव किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर फैले प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में अब सुरक्षा का एक नया मॉडल लागू किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पेंच रिजर्व में अब गुजरात मॉडल अपनाया जाएगा जिसकी मदद से जंगलों की हर एक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। इस आधुनिक खुफिया तंत्र के जरिए वन विभाग को जंगल के भीतर होने वाली हर छोटी-बड़ी हलचल की सटीक जानकारी समय पर मिल जाएगी।
पेंच टाइगर रिजर्व में लागू होगा गुजरात मॉडल और बढ़ाई गई सुरक्षा
गुजरात मॉडल के तहत आधुनिक तकनीक और खुफिया नेटवर्क का इस्तेमाल करके वन्यजीव तस्करों और अवैध शिकारियों पर नकेल कसी जाएगी। पेंच रिजर्व के अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से बाघों और अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी। वन क्षेत्र में गश्त करने वाले कर्मचारियों को भी आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच सके।
इसके अलावा भारत के उत्तर प्रदेश में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व से भी युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नेचर गाइड के पचास नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जो युवा प्रकृति और वन्यजीवों से प्यार करते हैं वे तय की गई आखिरी तारीख तक इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन नेचर गाइडों को प्रशिक्षित करके पर्यटकों को जंगल की सैर कराने और बाघों के संरक्षण के बारे में जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पीलीभीत में नेचर गाइडों की बंपर भर्ती और वनों की सुरक्षा के नए उपाय
देशभर के टाइगर रिजर्व में इस समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि इंसानों और वन्यजीवों के बीच का टकराव रोका जा सके। जानकारों का कहना है कि जब स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में जोड़ा जाता है तो इससे रोजगार भी मिलता है और जंगल की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती है। गाइडों को जंगल के नियमों और बाघों के व्यवहार की पूरी जानकारी दी जाती है ताकि पर्यटक और जानवर दोनों सुरक्षित रह सकें।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि चाहे ब्रिटेन का चिड़ियाघर हो या भारत के घने जंगल, सुरक्षा नियमों का पालन करना हर किसी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। थोड़ी सी भी लापरवाही इंसानी जान पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन और वन विभाग मिलकर ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिससे भविष्य में ब्रिटेन जैसी घटनाओं को टाला जा सके और भारत के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या को सुरक्षित रखा जा सके।



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