नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में चुनाव से पहले मतदाता सूची यानी वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। कई राज्यों में विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस नई लिस्ट के सामने आने के बाद कई जगहों से लोगों के नाम कटने की शिकायतें मिल रही हैं। अकेले पंजाब राज्य में ही फाइनल वोटर लिस्ट से तेरह लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद आम जनता में असमंजस की स्थिति बन गई है। लोग यह जानने के लिए परेशान हैं कि उनका नाम सूची में सुरक्षित है या नहीं। चुनाव आयोग की ओर से साफ किया गया है कि मृत, शिफ्ट हो चुके या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम ही नियमानुसार हटाए गए हैं।
जमीनी स्तर पर हालात का जायजा लेने के लिए हमारे रिपोर्टर ने कई इलाकों का दौरा किया। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बीएलओ यानी बूथ लेवल अफसर घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जो लोग अपने पते पर नहीं मिले या जिनके दस्तावेज पूरे नहीं थे, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया में कई जगहों पर तकनीकी खामियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने भी इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। लुधियाना में वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली है, जहां कुछ विज्ञापनों और तस्वीरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
घर बैठे दस मिनट में ऐसे जोड़ें कटा हुआ नाम
अगर आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम नई वोटर लिस्ट से कट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने इसके लिए बेहद आसान ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया तय की है। आप घर बैठे सिर्फ दस मिनट में अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या वोटर हेल्पलाइन ऐप का इस्तेमाल करना होगा। फॉर्म छह भरकर आप अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके साथ ही पते या नाम में किसी भी तरह के संशोधन के लिए भी ऑनलाइन पोर्टल पर विकल्प मौजूद हैं। आवेदन के दौरान आपको अपने पहचान पत्र, पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
आपके इलाके में तैनात बीएलओ भी इन दिनों घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं। आप सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म भर सकते हैं। बीएलओ के पास नाम जोड़ने, हटाने और सुधार करने वाले सभी जरूरी फॉर्म उपलब्ध होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि तीन तरह के मुख्य दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी और निवास प्रमाण पत्र तैयार रखने से प्रक्रिया बहुत आसान हो जाती है। यदि किसी का नाम गलती से कटा है, तो वह तुरंत आपत्ति दर्ज करा सकता है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, चुनाव की तारीखों से ठीक पहले तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन स्वीकार किए जाते हैं, बशर्ते पात्रता की सभी शर्तें पूरी हों।
पंजाब और अन्य राज्यों में वोटर लिस्ट का ताजा अपडेट
पंजाब में हाल ही में जारी हुई फाइनल वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नाम हटने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन से पूरी सूची की दोबारा जांच करने की मांग की है। हालांकि, चुनाव आयोग ने सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निपटारा करने का भरोसा दिलाया है। आयोग का कहना है कि पारदर्शी चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना सबसे पहली शर्त है। फर्जी और दो जगहों पर वोट डालने वाले लोगों के नाम हटाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था ताकि मतदान निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
आम नागरिकों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे मतदान से पहले अपनी वोटर आईडी की स्थिति जरूर जांच लें। आप चार आसान चरणों में इंटरनेट के जरिए अपना नाम चेक कर सकते हैं। सबसे पहले मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट पर जाएं, वहां सर्च इन इलेक्टोरल रोल विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, उम्र और जिला भरकर खोजबीन करें। यदि आपका नाम सूची में दिखाई देता है, तो आपका वोट सुरक्षित है। यदि नाम गायब मिलता है, तो तुरंत ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और नया आवेदन जमा करें।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल
हमारी मैदानी पड़ताल में यह बात सामने आई कि अधिकांश लोगों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और तकनीक से अनजान लोग अपने नाम कटने की स्थिति में असमंजस में हैं। स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे इस बारे में व्यापक जागरूकता फैलाएं। द फ्रीलान्स की टीम लगातार निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों पर नजर बनाए हुए है। पाठकों से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और आधिकारिक माध्यमों से ही अपने दस्तावेजों की पुष्टि करें। मतदान आपका संवैधानिक अधिकार है, इसलिए समय रहते अपनी वोटर लिस्ट की जांच जरूर कर लें।



