नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत के संगीत प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। बीटीएस और सेवेन्टीन जैसे दुनिया भर में तहलका मचाने वाले के-पॉप बैंड्स की मूल एजेंसी 'हाइब' ने अपने सबसे बड़े फ्लैगशिप म्यूजिक फेस्टिवल 'वीवर्स कॉन' को भारत लाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मार्च 2027 में देश की राजधानी नई दिल्ली में इस भव्य संगीत महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह पहला मौका होगा जब अंतरराष्ट्रीय स्तर का इतना बड़ा के-पॉप फेस्टिवल भारत की जमीन पर अपनी धमक दिखाएगा।
दक्षिण कोरियाई मनोरंजन दिग्गज हाइब कंपनी ने हाल ही में इस बात की पुष्टि की है कि उनका यह प्रतिष्ठित फेस्टिवल अब भारत का रुख कर रहा है। वीवर्स कॉन फेस्टिवल अपने भव्य मंच, शानदार लेजर लाइट्स और दुनिया भर के नामचीन कलाकारों की लाइव परफॉर्मेंस के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। दिल्ली में होने वाले इस महासंगीत उत्सव में कई ग्लोबल स्टार्स के शामिल होने की पूरी संभावना है। आयोजकों का मानना है कि भारतीय दर्शकों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
मार्च 2027 में दिल्ली में सजेगा संगीत का सबसे बड़ा मंच
के-पॉप का क्रेज भारत में पिछले कुछ सालों में रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा है। छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के युवा बीटीएस और ब्लैकपिंक जैसे बैंड्स के दीवाने हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हाइब ने अपने इस मेगा इवेंट के लिए नई दिल्ली को चुना है। मार्च 2027 में होने वाले इस फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर अभी से ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस बड़े आयोजन के लिए सुरक्षा और टिकटिंग से जुड़ी रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि विदेशी मेहमानों और देश के कोने-कोने से आने वाले फैंस को कोई परेशानी न हो।
इस फेस्टिवल में न केवल दक्षिण कोरिया के लोकप्रिय गायक और बैंड्स आएंगे, बल्कि के-पॉप संस्कृति से जुड़ी कई अन्य गतिविधियां भी देखने को मिलेंगी। फैंस को अपने चहेते सितारों से मिलने और उनके मर्चेंडाइज खरीदने का भी खास मौका मिलेगा। राजधानी के किसी बड़े स्टेडियम या खुले मैदान में इस मेगा कॉन्सर्ट के आयोजन की योजना बनाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दिल्ली में पर्यटन को भी एक नया पंख मिलेगा।
भारत के म्यूजिक मार्केट में के-पॉप का बढ़ता दबदबा
भारत में पश्चिमी और कोरियाई संगीत का दायरा लगातार चौड़ा हो रहा है। विशेषकर जनरेशन जी यानी आज के युवा वर्ग में के-पॉप गानों और उनके डांस मूव्स का जबरदस्त क्रेज है। हाइब एजेंसी का यह कदम इस बात का पक्का सबूत है कि भारतीय बाजार अब विदेशी संगीत कंपनियों के लिए बेहद अहम बन चुका है। वीवर्स कॉन का भारत आना यह साबित करता है कि यहां के लोग अब ग्लोबल एंटरटेनमेंट के लिए खुलकर पैसे खर्च करने और हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं।
द फ्रीलान्स की टीम द्वारा जुटाई गई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस फेस्टिवल के टिकटों की बिक्री आने वाले महीनों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू की जाएगी। टिकटों की कीमतें और एंट्री के नियम क्या होंगे, इस पर कंपनी जल्द ही अपनी आधिकारिक घोषणा करेगी। देश भर के 'आर्मी' (बीटीएस फैंस) और अन्य के-पॉप लवर्स के बीच सोशल मीडिया पर अभी से ही जश्न का माहौल है। यह आयोजन भारत के लाइव इवेंट इंडस्ट्री के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।
टिकटों की बुकिंग और सुरक्षा को लेकर तैयारियां शुरू
इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और आयोजक अभी से सतर्क हो गए हैं। दिल्ली पुलिस और निजी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर भीड़ प्रबंधन का प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि कॉन्सर्ट के दौरान किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था से बचा जा सके। इसके अलावा मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन को भी इस दौरान विशेष रूप से संचालित किए जाने की उम्मीद है ताकि फैंस बिना किसी रुकावट के वेन्यू तक पहुंच सकें।
संगीत जगत के जानकारों का कहना है कि यह आयोजन भारतीय कॉन्सर्ट मार्केट की तस्वीर पूरी तरह से बदल कर रख देगा। अगर दिल्ली का यह संस्करण सफल रहता है, तो भविष्य में देश के दूसरे बड़े शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी इस तरह के अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक फेस्टिवल्स के रास्ते खुल जाएंगे। मार्च 2027 की इस तारीख पर अब पूरे देश के संगीत प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई हैं और हर कोई इस ऐतिहासिक रात का गवाह बनने के लिए बेताब है।





