नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — राजधानी दिल्ली के मौजपुर इलाके से एक बड़ी और डरावनी खबर सामने आ रही है। यहां एक स्थानीय रेस्टोरेंट में अचानक आग भड़क उठी जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और रेस्टोरेंट के अंदर अफरातफरी का माहौल बन गया।
घटना के समय रेस्टोरेंट के अंदर और पहली मंजिल पर कई ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे। धुएं का गुबार देखकर लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। रास्ता बंद होने और धुआं भरने के कारण कुछ लोगों ने पहली मंजिल से ही नीचे छलांग लगा दी। इस दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटें भी आईं जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौजपुर में आग लगने से मची अफरातफरी
जैसे ही रेस्टोरेंट से लपटें उठनी शुरू हुईं, स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को इसकी सूचना दी। आग की भयंकर स्थिति को देखते हुए दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया ताकि यह आसपास की अन्य दुकानों तक न फैल सके।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। रेस्टोरेंट के भीतर रखे सामान और ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप ले लिया। गनीमत यह रही कि समय रहते अधिकतर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा के इंतजाम
इस घटना के बाद इलाके के व्यापारियों और आम लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई रेस्टोरेंट और दुकानें बिना फायर सेफ्टी के नियमों का पालन किए चलाई जा रही हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ढिलाई हादसों को सीधा न्योता देती है।
पुलिस और नगर निगम के अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उस रेस्टोरेंट के पास आग से निपटने के जरूरी उपकरण और एनओसी थी या नहीं। लापरवाही साबित होने पर संबंधित रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल
द फ्रीलान्स की टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पाया कि संकरी गलियों में स्थित ऐसी दुकानों तक दमकल गाड़ियों का पहुंचना बहुत कठिन होता है। इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली के बाजारों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। प्रशासन को समय रहते ऐसे अवैध और असुरक्षित प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।












