चंडीगढ़/ग्राउंड ब्यूरो — हरियाणा में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही उमस और गर्मी के बीच अब राहत की फुहारें आने वाली हैं। मौसम विभाग ने राज्य के नौ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। आसमान में छाए काले बादलों और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी है। पंचकूला समेत कई इलाकों में तो ओले भी पड़े हैं जिससे तापमान में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इस बदलाव के पीछे दो पश्चिमी विक्षोभों का सक्रिय होना मुख्य कारण माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस मानसूनी विदाई के बाद और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य में हल्की गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाएगी। रात के समय तापमान में और अधिक गिरावट आने की पूरी संभावना जताई जा रही है जिससे लोगों को एसी और पंखों से राहत मिलने लगेगी।
मंडियों में भीगा धान, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
एक तरफ जहां आम जनता इस मौसम परिवर्तन से खुश है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। धान कटाई का सीजन अपने चरम पर है और किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण यमुनानगर और अन्य जिलों की मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया है। तिरपाल और पक्के शेड के अभाव में किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई जगहों पर धान में नमी की मात्रा बढ़ने से खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
राज्य के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का यह दौर लंबा चला तो धान की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, यह बारिश आगामी रबी फसलों खासकर सरसों और गेहूं की बुआई के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। मिट्टी में नमी होने से किसानों को अगली फसल की जुताई और बुआई करने में आसानी होगी। प्रशासन ने मंडियों में फंसे किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और गुटबाजी
मौसम के इन तेवरों के बीच हरियाणा की सियासत भी लगातार गरमाई हुई है। सड़क से लेकर सदन तक राजनीतिक दलों के बीच खींचतान जारी है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेता सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हुड्डा गुट का पलड़ा संगठन में भारी बताया जा रहा है, जबकि विरोधियों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे और सांगठनिक पदों को लेकर चल रही रस्साकशी का असर जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा, हरियाणा कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ہی में राज्यपाल से मुलाकात कर चुका है। पार्टी नेताओं ने जातिगत जनगणना और ओबीसी आरक्षण के मुद्दों पर अपनी बात पुरजोर तरीके से रखी है। विधायक चंद्रप्रकाश ने साफ शब्दों में कहा है कि बिना ओबीसी कॉलम के कोई भी जनगणना उन्हें मंजूर नहीं होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम के साथ-साथ राज्य का राजनीतिक पारा भी काफी चढ़ने वाला है, क्योंकि दोनों मोर्चों पर संघर्ष तेज हो गया है।
प्रशासन की तैयारी और आगे की चेतावनी
प्रशासन ने बदलते मौसम को देखते हुए सभी जिला मुख्यालयों को अलर्ट पर रख दिया है। जलभराव की आशंका वाले निचले इलाकों में विशेष नजर रखी जा रही है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए भी बिजली निगम की टीमों को मुस्तैद किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ घंटों में हवा की रफ्तार तेज हो सकती है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंडियों में किसानों की सुध लेने के लिए स्थानीय प्रशासन अब हरकत में आ गया है। जैसे ही बारिश का यह दौर थमेगा, शुष्क हवाएं एक बार फिर से लौटेंगी और तापमान में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। तब तक किसानों और आम नागरिकों दोनों को ही एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।




