नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — क्रिकेट जगत में इस समय इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट के प्रदर्शन की चर्चा चारों तरफ हो रही है। खेल गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जो रूट महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रनों और शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाएंगे। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने जो रूट को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है जिससे साफ संकेत मिलता है कि वे रूट को खुलकर अपना खेल खेलने और इतिहास रचने का पूरा मौका दे रहे हैं।
हाल ही में जारी हुई इंग्लैंड की नई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में तीस खिलाड़ियों को जगह मिली है, जिसमें युवा चेहरों के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों को भी प्राथमिकता दी गई है। ईसीबी के इस बड़े कदम का मकसद साफ है कि वे अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों को लंबे समय तक टेस्ट फॉर्मेट में बनाए रखना चाहते हैं। जो रूट इस योजना के सबसे अहम केंद्र बिंदु हैं क्योंकि वे इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं और उनका फॉर्म भी काफी शानदार चल रहा है।
सचिन तेंदुलकर के वे पांच रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना नामुमकिन
भले ही जो रूट टेस्ट मैचों में तेजी से रन बना रहे हैं और शतकों का अंबार लगा रहे हैं, लेकिन क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर के कुछ ऐसे विश्व रिकॉर्ड हैं जिन तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है। सचिन के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो सौ टेस्ट मैच खेलने का ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिसके आसपास पहुंचना भी मौजूदा दौर के किसी भी क्रिकेटर के लिए बेहद मुश्किल काम है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल तीस हजार से ज्यादा रन बनाने का उनका मुकाम भी एक ऐसा पहाड़ है जो शायद ही कभी ढहे।
सचिन तेंदुलकर ने अपने लंबे और शानदार करियर में कुल सौ अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। आधुनिक दौर के क्रिकेट में लगातार वर्कलोड और तीनों फॉर्मेट के दबाव के बीच सौ शतकों के आंकड़े को छूना लगभग असंभव माना जा रहा है। सचिन ने अपने पूरे करियर के दौरान दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों का सामना किया और बिना किसी विवाद के भारतीय टीम की बल्लेबाजी रीढ़ को संभाले रखा। जो रूट के आंकड़े भले ही शानदार हों, लेकिन सचिन के शुरुआती दौर के संघर्ष और उनकी निरंतरता की बराबरी करना आज के किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा।
एक्टिव क्रिकेटर्स की दौड़ में जो रूट और एशियाई दिग्गजों की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सक्रिय खिलाड़ियों की सूची पर नजर डालें तो इसमें शीर्ष पांच में एशिया के तीन बड़े खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि जो रूट इस फेहरिस्त में काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वे दुनिया के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में हैं जो लगातार हर साल भारी मात्रा में रन बना रहे हैं। हाल ही में फील्डिंग के दौरान एक और बड़े रिकॉर्ड में फेरबदल देखने को मिला जहां ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा कैच पकड़ने के मामले में जो रूट को पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
मैदान पर खिलाड़ियों के बीच चल रही यह प्रतिस्पर्धा खेल प्रेमियों के लिए एक अलग ही रोमांच पैदा कर रही है। एक तरफ जहां जो रूट का पूरा ध्यान केवल बल्लेबाजी और रिकॉर्ड तोड़ने पर है, वहीं दुनिया के अन्य खिलाड़ी भी अपनी फिटनेस और खेल के दम पर नए आयाम छू रहे हैं। स्टीव स्मिथ का आगे निकलना यह बताता है कि खेल के हर विभाग में रिकॉर्ड तोड़ने और बनाने की होड़ कितनी तेज हो चुकी है, जिससे आने वाले महीनों में टेस्ट क्रिकेट का मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प होने वाला है।
भविष्य की राह और जो रूट के सामने खड़ी असली चुनौतियाँ
आने वाले सालों में जो रूट के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फिटनेस को बनाए रखने की होगी क्योंकि आधुनिक क्रिकेट में लगातार मैच खेलने से शरीर पर बहुत असर पड़ता है। ईसीबी का समर्थन उनके लिए संजीवनी का काम जरूर कर रहा है, लेकिन विदेशी दौरों पर भारतीय, ऑस्ट्रेलियाई और अन्य मजबूत टीमों के गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाना उनके लिए आसान नहीं होगा। अंग्रेजी मीडिया और क्रिकेट विश्लेषक लगातार इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि रूट अपने करियर के अंतिम पड़ाव तक किस तरह से फॉर्म और लय को बरकरार रख पाते हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और खेल विशेषज्ञों की राय यही कहती है कि जो रूट में क्षमता की कोई कमी नहीं है और वे सचिन के कई बड़े रिकॉर्ड्स को चुनौती जरूर देंगे। मगर सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज कुछ खास कीर्तिमान ऐसे हैं जो आने वाले कई दशकों तक अजय बने रह सकते हैं। फिलहाल क्रिकेट फैंस की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जो रूट इंग्लैंड के लिए खेलते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज कराने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।












