कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में पिछले कुछ घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर की मुख्य सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया है जिससे यातायात पूरी तरह ठप सा हो गया है। कई इलाकों में दुकानों और अस्पतालों के भीतर तक बारिश का पानी भर गया है जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में पहले ही अलर्ट जारी कर रखा है।
खराब मौसम का असर केवल सड़क यातायात तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसका सीधा असर विमान सेवाओं पर भी देखने को मिला है। गया जी एयरपोर्ट पर उतरने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट को मौसम खराब होने के कारण कोलकाता एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट करना पड़ा। इस अचानक हुए बदलाव से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी और उन्हें घंटों विमान के भीतर या हवाई अड्डे पर ही इंतजार करना पड़ा। एयरलाइंस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रियों को किसी बड़ी असुविधा से बचाया जा सके।
रेलवे ट्रैक पर लैंडस्लाइड और ट्रेनों की आवाजाही ठप
बारिश और आंधी के कहर ने रेल यातायात को भी बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद हुए लैंडस्लाइड के कारण प्रसिद्ध दार्जिलिंग मेल रास्ते में ही फंस गई है। पटरियों पर मलबा आ जाने के कारण ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है जिससे दूर-दराज के यात्रियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के तकनीकी दल और बचाव कर्मी मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटे हैं ताकि जल्द से जल्द रेल मार्ग को दोबारा शुरू किया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की बारिश ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मामूली बारिश में भी शहर तालाब बन जाता है। इस बार तो हालात और भी ज्यादा खराब हो गए हैं क्योंकि अस्पतालों और रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से बीमार लोगों और बच्चों को निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन को विशेष नौकाओं और राहत दलों की मदद लेनी पड़ रही है।
मैदानों से लेकर खेल के मैदानों तक बारिश का साया
मौसम की इस मार का असर केवल रोजमर्रा के कामों पर ही नहीं बल्कि खेलकूद की गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह चिंता सताने लगी है कि कहीं आगामी कोलकाता बनाम गुजरात (KKR vs GT) मुकाबला इस बारिश की भेंट न चढ़ जाए। अगर बारिश का यह दौर ऐसे ही जारी रहा तो मैच रद्द भी हो सकता है जिससे खेल प्रेमियों का दिल टूटना तय है। मैदान पर पानी भरने के कारण ग्राउंड्समैन को भी पिच और आउटफील्ड को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों तक आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है और जमीनी अपडेट्स आप तक पहुंचाती रहेगी।
प्रशासन की तैयारियां और राहत कार्यों का जायजा
राज्य सरकार और नगर निगम के अधिकारी स्थिति से निपटने के लिए मैदानी इलाकों में उतर चुके हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए बड़े-बड़े पंप लगाए गए हैं ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। आपदा प्रबंधन दल को भी पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अस्पतालों और जरूरी सेवाओं वाले स्थानों पर बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि आम जनता में प्रशासन की सुस्त तैयारियों को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। हालांकि अधिकारी जल्द ही सभी समस्याओं के समाधान का दावा कर रहे हैं। आने वाले घंटों में मौसम का रुख क्या होगा यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल कोलकाता और आसपास के जिलों के लोगों के लिए यह बारिश एक बड़ी आफत बनकर आई है जिससे उबरने में अभी वक्त लग सकता है।






