विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की याद में आज भी नम हैं आंखें, सिनेमा से लेकर सोशल मीडिया तक गूंज रहा है 'अप्पू' का नाम
राजनीतिपढ़ने में समय: 4 मिनट

कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की याद में आज भी नम हैं आंखें, सिनेमा से लेकर सोशल मीडिया तक गूंज रहा है 'अप्पू' का नाम

कन्नड़ सिनेमा के चहेते सुपरस्टार पुनीत राजकुमार को दुनिया छोड़े भले ही वक्त बीत गया हो, लेकिन उनके चाहने वालों के दिलों में उनकी यादें आज भी ताजा हैं। सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें लगातार याद कर रहे हैं और उनकी फिल्मों से जुड़े किस्से साझा कर रहे हैं।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•41
🌐Read in English →
शेयर करें:
कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की याद में आज भी नम हैं आंखें, सिनेमा से लेकर सोशल मीडिया तक गूंज रहा है 'अप्पू' का नाम
📷 कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की याद में आज भी नम हैं आंखें, सिनेमा से लेकर सोशल मीडिया तक गूंज रहा है 'अप्पू' का नाम — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • कन्नड़ सिनेमा के चहेते सुपरस्टार पुनीत राजकुमार को दुनिया छोड़े भले ही वक्त बीत गया हो, लेकिन उनके चाहने वालों के दिलों में उनकी यादें आज भी ताजा हैं। सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें लगातार याद कर रहे हैं और उनकी फिल्मों से जुड़े किस्से साझा कर रहे हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

बेंगलुरु/ग्राउंड ब्यूरो — कर्नाटक के दिलों पर राज करने वाले कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार पुनीत राजकुमार को आज भी लोग बेहद प्यार से याद करते हैं। हर कोई उन्हें अपने प्रिय 'अप्पू' के रूप में जानता है, जिनकी सादगी और दरियादिली ने करोड़ों लोगों का दिल जीता था। उनके अचानक दुनिया से चले जाने का गम आज भी उनके फैंस और पूरे फिल्म जगत के भीतर साफ महसूस किया जा सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके चाहने वाले लगातार पोस्ट शेयर करके उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

पुनीत राजकुमार सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि वे समाज सेवा के कामों में भी हमेशा आगे रहते थे। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई ऐसे नेक काम किए जिनका जिक्र आज भी लोग गर्व के साथ करते हैं। उनकी फिल्मों के गाने और उनके प्रेरणादायक भाषण आज भी युवाओं को आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। यही वजह है कि आज भी लोग उनके पुराने वीडियो और बयानों को बार-बार देखना पसंद करते हैं।

सिनेमाघरों में फिल्मों की स्क्रीनिंग पर राजनीति और विवाद

पुनीत राजकुमार की आखिरी फिल्मों और उनकी याद से जुड़े मामलों पर हाल ही में राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा देखने को मिली है। कुछ समय पहले राजनीतिक बयानों के बीच यह बात सामने आई थी कि सिनेमाघरों में उनकी आखिरी फिल्म 'जेम्स' के बजाय दूसरी फिल्मों को प्राथमिकता दिए जाने को लेकर सवाल उठे थे। वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि फैंस अपने चहेते स्टार की फिल्म बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं। ऐसे विवादों से साफ जाहिर होता है कि आज भी पुनीत राजकुमार के प्रति लोगों का क्रेज किसी भी बड़े स्टार से कम नहीं है।

उनके निधन के बाद पूरे दक्षिण भारत में शोक की लहर दौड़ गई थी और आज भी जब उनकी कोई फिल्म या गाना टीवी पर आता है, तो फैंस भावुक हो जाते हैं। फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े कलाकारों ने भी कई मौकों पर यह माना है कि पुनीत जैसा इंसान मिलना इस इंडस्ट्री के लिए बहुत मुश्किल है। वे हमेशा अपने साथी कलाकारों का सम्मान करते थे और नए कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका देते थे।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

सोशल मीडिया पर उमड़ता है फैंस का बेपनाह प्यार

आज के डिजिटल दौर में जब भी कोई खास दिन होता है या फैंस को उनकी याद आती है, तो सोशल मीडिया पर उनके नाम का ट्रेंड शुरू हो जाता है। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उनके वीडियो क्लिप्स और तस्वीरें तेजी से वायरल होती हैं। लोग उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को याद करके एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं। यह साफ दिखाता है कि शारीरिक रूप से वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें अमर हैं।

मैदान पर काम करने वाले हमारे रिपोर्टर्स ने पाया कि बेंगलुरु और पूरे कर्नाटक के स्थानीय बाजारों में आज भी उनकी तस्वीरें और पोस्टर्स आसानी से दिख जाते हैं। ऑटोरिक्शा चालकों से लेकर बड़े व्यापारियों तक, हर कोई उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानता है। पुनीत राजकुमार ने अपने अभिनय और अच्छे स्वभाव से जो जगह बनाई थी, उसे आज की पीढ़ी भी पूरी शिद्दत से याद रख रही है।

फिल्मी दुनिया में खालीपन और अप्पू की विरासत

कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में पुनीत राजकुमार के जाने के बाद जो खालीपन आया है, उसे भरना आसान नहीं है। निर्देशक और निर्माता भी मानते हैं कि उनके जैसा ऊर्जावान अभिनेता इस सदी में मिलना बेहद दुर्लभ है। उनकी फिल्में न सिर्फ मनोरंजन का साधन थीं, बल्कि उनमें समाज के लिए कोई न कोई अच्छा संदेश जरूर होता था। 'द फ्रीलान्स' की इस ग्राउंड पड़ताल से यह साफ है कि पुनीत राजकुमार सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक ऐसा विचार बन चुके हैं जो हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।

आधिकारिक वीडियो / ट्रेलर झलक

ऑफिशियल ट्रेलर / वीडियो झलक (Official Video)

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

गूगल ट्रेंड्स पर अचानक क्यों गूंजा 'नमो नारायणन' नाम, क्या है इसके पीछे का सच

गूगल ट्रेंड्स पर अचानक क्यों गूंजा 'नमो नारायणन' नाम, क्या है इसके पीछे का सच

चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!

चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!

विद्या बालन की नई फिल्म और सोशल मीडिया पर अचानक क्यों बढ़ा सर्च?

विद्या बालन की नई फिल्म और सोशल मीडिया पर अचानक क्यों बढ़ा सर्च?

गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाया नामो नारायणन का नाम?

गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाया नामो नारायणन का नाम?

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, दशहरे के बाद किसानों के खाते में आ सकते हैं दो हजार रुपये

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, दशहरे के बाद किसानों के खाते में आ सकते हैं दो हजार रुपये

विद्या बालन की नई फिल्म के ऐलान ने सोशल मीडिया पर क्यों मचाई धूम?

विद्या बालन की नई फिल्म के ऐलान ने सोशल मीडिया पर क्यों मचाई धूम?

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘पुनीत राजकुमार’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

गूगल ट्रेंड्स पर अचानक क्यों गूंजा 'नमो नारायणन' नाम, क्या है इसके पीछे का सचPOLITICS

गूगल ट्रेंड्स पर अचानक क्यों गूंजा 'नमो नारायणन' नाम, क्या है इसके पीछे का सच

16 अक्टू॰36
चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!POLITICS

चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!

16 अक्टू॰45
विद्या बालन की नई फिल्म और सोशल मीडिया पर अचानक क्यों बढ़ा सर्च?POLITICS

विद्या बालन की नई फिल्म और सोशल मीडिया पर अचानक क्यों बढ़ा सर्च?

16 अक्टू॰26
गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाया नामो नारायणन का नाम?POLITICS

गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाया नामो नारायणन का नाम?

16 अक्टू॰32
पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, दशहरे के बाद किसानों के खाते में आ सकते हैं दो हजार रुपयेPOLITICS

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, दशहरे के बाद किसानों के खाते में आ सकते हैं दो हजार रुपये

16 अक्टू॰50
विद्या बालन की नई फिल्म के ऐलान ने सोशल मीडिया पर क्यों मचाई धूम?POLITICS

विद्या बालन की नई फिल्म के ऐलान ने सोशल मीडिया पर क्यों मचाई धूम?

16 अक्टू॰26
विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?POLITICS

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?

16 अक्टू॰39
आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोपPOLITICS

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

16 अक्टू॰51
विज्ञापन • ADVERTISEMENT