नई दिल्ली — देश भर के करोड़ों किसानों की निगाहें इस समय प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त पर टिकी हुई हैं। हर साल की तरह इस बार भी दशहरे के त्योहार के आसपास किसानों को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, योजना की 24वीं किस्त का आधिकारिक अपडेट इसी हफ्ते सामने आ सकता है। सरकार की इस योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे दो हजार रुपये की राशि भेजी जाती है। जिन किसानों ने अपने दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लिया है, उनके खातों में पैसे जल्द पहुंचेंगे।
कृषि मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस बार भी किस्त जारी करने से पहले सभी लाभार्थियों की सूची की पूरी जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। कई राज्यों में किसानों ने अपने बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक कराने का काम पूरा कर लिया है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी। पिछले कुछ महीनों में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं और यह किस्त उसी दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। किसान भाई अपना नाम लाभार्थी सूची में आसानी से देख सकते हैं।
ऐसे चेक करें अपना स्टेटस और नाम
अगर आप भी इस योजना का लाभ ले रहे हैं तो आपको अपना स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले आपको पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर आपको 'फार्मर कॉर्नर' का विकल्प मिलेगा, जिस पर क्लिक करना होगा। इसके बाद 'लाभार्थी स्थिति' वाले विकल्प पर क्लिक करके अपना आधार नंबर या बैंक खाता संख्या दर्ज करनी होगी। सारी जानकारी भरने के बाद आपके सामने आपकी किस्त का पूरा विवरण आ जाएगा कि पैसा कब तक आपके खाते में आएगा।
यदि किसी किसान के खाते में पैसे आने में कोई दिक्कत आ रही है तो उसका मुख्य कारण ई-केवाईसी या बैंक विवरण में गलती हो सकती है। इसे सुधारने के लिए किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी जा सकते हैं या फिर पोर्टल पर जाकर खुद भी अपना आधार प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं। स्थानीय कृषि अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उनका पैसा तय समय पर सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गूंज रही किसानों की आवाज
भारत के अलावा दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी किसानों से जुड़े मुद्दे इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान में गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसानों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर ली है। वहां के किसान संगठनों का कहना है कि लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन उस हिसाब से उन्हें फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। इसके अलावा वियतनाम में भी स्थानीय प्रशासन और किसान संघ के सदस्यों के बीच खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगातार संवाद बैठकें हो रही हैं ताकि जमीनी स्तर पर अन्नदाताओं की दिक्कतों को दूर किया जा सके।
इन तमाम अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खबरों के बीच भारत के किसानों का पूरा ध्यान फिलहाल सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली मदद पर ही केंद्रित है। त्योहारी सीजन के समय मिलने वाले इन दो हजार रुपयों से छोटे और सीमांत किसानों को खेती के जरूरी सामान खरीदने में बहुत बड़ी राहत मिलती है। द फ्रीलान्स की टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा होगी, सबसे पहले आप तक सटीक जानकारी पहुंचाई जाएगी। किसानों से अपील है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करें।






