नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजनीति में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं को पूरी तरह से सतर्क कर दिया है। उन्होंने सभी सहयोगियों को संदेश भेजा है कि वे अगले चौबीस घंटे के भीतर राजधानी में जुटने के लिए तैयार रहें। इस अचानक आए संदेश से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा बड़ा कदम उठाया जाने वाला है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो साझा किया है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा है कि जैसी कांग्रेस है, वैसी ही भाजपा भी है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों के आपसी तालमेल को लेकर भी नए सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, कांग्रेस के अंदरखाने का मानना है कि मौजूदा मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए यह रणनीति बेहद जरूरी है।
दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनों का बढ़ता तनाव
दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है। सीपीजे यानी सेंटर फॉर सोशल जस्टिस या संबंधित नागरिक संगठनों ने दिल्ली पुलिस को साफ अल्टीमेटम दे दिया है। संगठनों का कहना है कि पुलिस जल्द से जल्द उनके प्रदर्शन की तारीख तय करे। यदि अनुमति नहीं मिलती है तो वे अपने स्तर पर आगे की रणनीति तय करेंगे। पुलिस प्रशासन इस मामले में बेहद सतर्कता बरत रहा है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है।
इसी बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का एक बयान भी काफी चर्चा में है। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो को लेकर जब विवाद बढ़ा, तो शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने उन्हें बिल्कुल नहीं धक्का दिया है। उन्होंने इन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि मीडिया में बातें गलत तरीके से पेश की जा रही हैं। इस सफाई के बाद कांग्रेस खेमे ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पार्टी किसी भी तरह के अंदरूनी विवाद से बचना चाहती है।
रणनीति और CJP के मुद्दों पर चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह ताजा निर्देश किसी बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी हो सकती है। नेहा बोरा जैसे मामलों और अन्य सामाजिक मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। अभिजीत दिपके और अन्य विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। इंडिया गठबंधन के तमाम घटक दल अब जमीन पर उतरकर विरोध प्रदर्शन तेज करने की योजना बना रहे हैं।
जमीनी स्तर पर हमारे संवाददाताओं ने पाया है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजनीतिक दफ्तरों में बैठकों का दौर रातभर चल रहा है। नेताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना फोन चालू रखें और दिल्ली से दूर न जाएं। चौबीस घंटे के भीतर नोटिस मिलते ही सभी को एक मंच पर पहुंचना होगा। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और अधिक तीखा होने की पूरी संभावना है।
विपक्ष का अगला बड़ा कदम और तैयारियां
इन तमाम हलचलों के बीच आम जनता की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष सड़क पर उतरकर कौन सा मुद्दा सबसे पहले उठाता है। महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ संस्थाओं के इस्तेमाल का मामला मुख्य रूप से उठाया जा सकता है। राहुल गांधी खुद इस पूरी रणनीति की कमान संभाले हुए हैं। 'द फ्रीलान्स' की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और पल-पल की जमीनी अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।







