नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इन दिनों राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के बैनर तले युवा छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में हुए एक प्रदर्शन के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। इस वायरल वीडियो में एक युवती राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखती नजर आ रही है। युवती के बेबाक अंदाज और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ तीखे तेवर को देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान रह गया।
वायरल वीडियो में दिख रही युवती ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि चाहे जितना लाठीचार्ज किया जाए, वे पीछे नहीं हटेंगे। युवती की इन बातों को सुनकर वहां खड़े कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी कुछ पलों के लिए हैरान नजर आए। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए, लेकिन छात्रों का जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा था। देश की राजधानी में चल रहे इन छात्र आंदोलनों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी पारा बढ़ा दिया है।
पुलिस की लाठी के खिलाफ बांसुरी और अनोखे विरोध के तरीके
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों ने पुलिस के बल प्रयोग का जवाब बेहद शांतिपूर्ण और अनोखे तरीके से दिया। सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक युवा प्रदर्शनकारी पुलिस की लाठी के सामने बांसुरी बजाते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो में शांति और अहिंसा का संदेश देने की कोशिश की गई है। छात्रों के इस रचनात्मक विरोध ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पुलिस की सख्ती के बीच इस तरह के शांतिपूर्ण प्रतिरोध ने पूरे प्रदर्शन की दिशा को ही बदल दिया है।
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछार और अन्य बल प्रयोग किए। इसके बावजूद युवा पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इस पूरे मामले में कई छात्र नेताओं के हिरासत में लिए जाने की भी खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर हैं और युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष की रणनीति और जनता के मुद्दों पर सियासत
कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने साफ कर दिया है कि जनहित से जुड़े मुद्दे और युवाओं की समस्याएं ही उनका मुख्य एजेंडा हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और अन्य वरिष्ठ नेता लगातार यह कह रहे हैं कि देश के युवाओं को रोजगार और न्याय मिलना चाहिए। दिल्ली में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों को विपक्षी दलों का भी परोक्ष समर्थन मिल रहा है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि युवाओं का यह गुस्सा आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
दूसरी ओर, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है। बिना अनुमति के भीड़ जुटाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासनिक अमला पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और आगे की राह
द फ्रीलान्स की टीम ने जब जमीनी स्तर पर जाकर छात्रों और स्थानीय लोगों से बात की, तो यह साफ हुआ कि युवाओं में व्यवस्था के खिलाफ भारी नाराजगी है। बेरोजगारी, शिक्षा की बदतर स्थिति और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों पर युवा खुलकर बोलने लगे हैं। राहुल गांधी की इस यात्रा और छात्रों के बीच उनकी मौजूदगी को राजनीतिक गलियारों में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन युवा आंदोलनों का क्या जवाब देती है और क्या नीतिगत बदलाव किए जाते हैं।







