नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। यहां सोमवार को एक चार मंजिला जर्जर इमारत अचानक ढह गई। हादसे के वक्त इमारत के आसपास और नीचे कई लोग मौजूद थे। ये सभी लोग मलबे और आसपास के इलाकों से कबाड़ और कचरा बीनने का काम करते थे। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में भारी हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह इमारत काफी पुरानी और कमजोर हालत में थी। इसके बावजूद इसके आसपास लगातार गतिविधियां जारी थीं। कचरा बीनने वाले गरीब मजदूर अक्सर इसी इमारत के पास अपना कबाड़ छांटते थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपनी मदद से राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि अंदर दबे लोगों को बाहर निकाला जा सके।
मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश जारी
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए क्रेन और जेसीबी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस जगह पर रहने और काम करने वाले ज्यादातर लोग रोहिंग्या और बांग्लादेशी शरणार्थी थे। वे झुग्गियों और ऐसी ही कमजोर इमारतों के आसपास रहकर गुजारा करते थे। ठंड और कबाड़ बीनने के इस काम के दौरान वे इस जानलेवा खतरे की चपेट में आ गए।
घायलों को पास के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इतनी खतरनाक और जर्जर हालत वाली इमारत में लोगों को किसने रहने या गोदाम चलाने की अनुमति दी थी। स्थानीय निगम अधिकारियों की लापरवाही पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं कि समय रहते इस जर्जर मकान को सील क्यों नहीं किया गया था।
प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा के सवाल
इस हादसे के बाद दिल्ली के कई इलाकों में बनी पुरानी और अवैध इमारतों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठ गया है। सीमापुरी जैसी घनी बस्तियों में हजारों लोग ऐसे जोखिम भरे मकानों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी अधिकारी समय पर कार्रवाई नहीं करते हैं। दीपावली के बाद पहले से ही दिल्ली की हवा और प्रदूषण का बुरा हाल है, ऊपर से ऐसे हादसों ने गरीबों की जिंदगी को और मुश्किल बना दिया है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान पूरी ताकत से चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस हादसे में कुल कितने लोग हताहत हुए हैं। प्रशासन ने आसपास के लोगों को भी ऐसी खतरनाक इमारतों से दूर रहने की चेतावनी दी है। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जमीनी अपडेट जुटा रही है।






