विशाखापत्तनम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां स्कूली छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। मामला मारिकस इलाके का है जहां एक स्थानीय गुरुकुल स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। छात्र इस फैसले के सख्त खिलाफ हैं और उनका कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपना स्कूल यहां से नहीं जाने देंगे। छात्रों ने इस मामले को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को कड़ी चेतावनी भी दी है। उनका साफ कहना है कि अगर स्कूल को यहां से हटाया गया तो उनका आंदोलन और तेज होगा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी ताकत का अहसास कराया। सोशल मीडिया पर भी इस स्टूडेंट प्रोटेस्ट के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। छात्रों का तर्क है कि स्कूल को दूर ले जाने से उनकी पढ़ाई और रोजाना आने-जाने पर बुरा असर पड़ेगा। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि अभी तक सरकार या मंत्री की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
मारिकस में स्कूल हटाने पर छात्रों का कड़ा विरोध
आंध्र प्रदेश के ही एक अन्य शैक्षणिक घटनाक्रम में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम यानी टीटीडी ने बड़ा ऐलान किया है। एसवी संगीत, नृत्य कॉलेज और नादस्वरम पाठशाला में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन कोर्सों में दाखिला लेने के लिए छात्रों से आवेदन मांगे गए हैं। जो छात्र संगीत और भारतीय कलाओं में अपनी रुचि रखते हैं, वे तय तारीखों के भीतर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। संस्थान की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रवेश से जुड़ी बाकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजनीति और स्थानीय खबरों में भाजपा नेता बंदी संजय कुमार के बयानों और गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। वे लगातार विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। उनके समर्थकों के बीच भी इन बयानों को लेकर काफी हलचल है। राजनीतिक हलकों में इन गतिविधियों को आगामी स्थानीय समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राज्य का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
तिब्बत के द्रगको इलाके में बौद्ध स्कूल पर चली बुलडोजर कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और संस्कृति से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। तिब्बत के खाम द्रगको क्षेत्र में एक तिब्बती बौद्ध स्कूल को जबरन गिराए जाने की खबर है। सेंट्रल तिब्बतियन प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि स्थानीय प्रशासन ने इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्कूल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद मानवाधिकार संगठनों और तिब्बती समुदाय में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। जानकारों का कहना है कि यह कदम स्थानीय संस्कृति और भाषा को मिटाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
इन तमाम बड़ी घटनाओं के बीच आम जिंदगी और सेहत से जुड़े छोटे वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब देखे जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, खांसी क्यों और कैसे आती है, इस पर बने एक एजुकेशनल वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। ' ' नाम के प्लेटफॉर्म से ऐसे कई ज्ञानवर्धक वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जो बच्चों और बड़ों को शरीर की सामान्य बीमारियों के बारे में आसान भाषा में समझाते हैं। इंटरनेट पर इस तरह की जानकारी लोगों के बीच काफी मददगार साबित हो रही है।
विशाखापत्तनम के छात्रों का अगला कदम और प्रशासनिक हलचल
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक विशाखापत्तनम के मारिकस में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। छात्र अपनी मांग पर अड़े हैं और स्थानीय अभिभावक भी उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार छात्रों की इस चेतावनी पर क्या कदम उठाती है और क्या स्कूल को उसी जगह बनाए रखने पर कोई फैसला लिया जाता है या नहीं।







