India's ancient forts and historical heritages: 10 gorgeous photos
See India's ancient forts and historical heritage: 10 special 10 grand pictures and interesting facts related to them.
आगरा का ऐतिहासिक और विशाल लाल किला
उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा का लाल किला भारत के सबसे शानदार मुग़लकालीन स्मारकों में से एक है। इस भव्य किले का निर्माण सम्राट अकबर ने 1656 में शुरू करवाया था, जिसे बाद में शाहजहाँ ने संगमरमर से और अधिक सुंदर बनाया। इसके भीतर जहाँगीरी महल, खास महल और शीश महल जैसी कई खूबसूरत इमारतें मौजूद हैं। यूनेस्को ने इस ऐतिहासिक धरोहर को 1983 में विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया था।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले की भव्यता
भारत के सबसे बड़े किलों में शुमार चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान के गौरव और वीरता का प्रतीक है। यह विशाल किला एक ऊँची पहाड़ी पर बना है और इसके अंदर कई ऐतिहासिक महल, विजय स्तंभ और जैन मंदिर स्थित हैं। रानी पद्म और मीराबाई जैसी महान विभूतियों का इतिहास इस पावन भूमि से गहराई से जुड़ा हुआ है। यहाँ की हर एक दीवार और बुर्ज राजपूतों के अदम्य साहस और बलिदान की दास्तान बयान करती है।
ग्वालियर किले की अनूठी और प्राचीन वास्तुकला
मध्य प्रदेश की शान बढ़ाने वाला ग्वालियर का किला एक पहाड़ी पर स्थित है, जिसे भारत के किलों का रत्न कहा जाता है। इस प्राचीन किले का निर्माण राजा मानसिंह तोमर ने करवाया था और इसमें खूबसूरत नीले पत्थरों का अनूठा प्रयोग किया गया है। इसके भीतर स्थित तेली का मंदिर और साबहू मंदिर अपनी बेहतरीन शिल्पकारी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। मुग़ल बादशाह बाबर ने इसे 'भारत के किलों के बीच एक हार का मोती' बताया था।
मेहरगढ़ किला जोधपुर: मारवाड़ का मुकुट
राजस्थान के जोधपुर शहर में एक ऊँची चट्टान पर खड़ा मेहरगढ़ किला अपनी मजबूती और भव्यता के लिए जाना जाता है। राव जोधा द्वारा 1459 में बनवाए गए इस किले की दीवारें इतनी चौड़ी हैं कि उन पर हाथी भी आसानी से चल सकते हैं। इसके संग्रहालय में शाही पालकियों, हथियारों और राजसी वस्त्रों का एक अद्भुत संग्रह सुरक्षित रखा गया है। किले की ऊँचाइयों से पूरे जोधपुर शहर का नीला नज़ारा बेहद मनमोहक और अद्भुत दिखाई देता है।
दिल्ली का लाल किला और उसकी ऐतिहासिक शान
पुरानी दिल्ली की शान माना जाने वाला लाल किला मुग़ल वास्तुकला का एक बेहतरीन और जीवंत नमूना है। इसका निर्माण शाहजहाँ ने अपनी नई राजधानी शाहजहाँनाबाद के केंद्र के रूप में करवाया था। हर साल स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री इसी ऐतिहासिक प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं। दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास जैसी इसकी भव्य इमारतें बीते दौर की बेमिसाल शानो-शौकत की गवाही देती हैं।
जैसलमेर का सोनार किला: मरुस्थल का स्वर्ण
थार मरुस्थल के बीच स्थित जैसलमेर का किला पीले बलुआ पत्थर से बना है, जो धूप में सोने की तरह चमकता है। रावल जैसल द्वारा 1156 ईस्वी में स्थापित यह किला आज भी एक जीवंत बस्ती है जहाँ हजारों लोग निवास करते हैं। बिना चूने के केवल पत्थरों की interlocking तकनीक से बनी इसकी दीवारें इसकी वास्तुकला का अजूबा हैं। यह दुनिया के गिने-चुने ऐसे जीवित किलों में से एक है जहाँ आज भी पुराना जनजीवन आबाद है।
कुंभलगढ़ किला: अजेय और लंबी दीवार
राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित कुंभलगढ़ किला अपनी अजेय बनावट और विशालता के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। राणा कुंभा द्वारा बनवाए गए इस किले की रक्षा दीवार चीन की दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है। इस किले के भीतर तीन सौ से अधिक प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जिनमें जैन और हिंदू मंदिर शामिल हैं। यहाँ का बादल महल वह ऐतिहासिक स्थान है जहाँ महान योद्धा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था।
रणथंभौर का प्राचीन और प्राकृतिक किला
सवाई माधोपुर के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों के बीच स्थित यह किला इतिहास और प्रकृति का अनूठा संगम है। चौहान वंश के राजाओं द्वारा निर्मित इस दुर्ग के भीतर हम्मीर महल और प्राचीन गणेश मंदिर स्थित हैं। चारों तरफ से पहाड़ियों और झीलों से घिरे होने के कारण यह किला रणनीतिक रूप से बेहद सुरक्षित माना जाता था। यहाँ आने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक खंडहरों को देखने के साथ-साथ बाघों के दर्शन का रोमांच भी मिलता है।
हैदराबाद का गोलकुंडा किला और उसकी अद्भुत ध्वनि
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित गोलकुंडा किला अपनी शानदार इंजीनियरिंग और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। काकतीय राजवंश के समय से शुरू हुआ यह किला कुतुबशाही राजाओं के शासनकाल में अपनी पराकाष्ठा पर पहुँचा था। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके प्रवेश द्वार पर ताली बजाने की आवाज़ मुख्य महल तक साफ सुनाई देती है। यह किला कभी विश्व प्रसिद्ध कोहिनूर हीरे के व्यापार और संरक्षण का प्रमुख केंद्र हुआ करता था।
मैसूर पैलेस: कर्नाटक की शाही विरासत
कर्नाटक के मैसूर शहर में स्थित मैसूर पैलेस, जिसे अंबा विलास पैलेस भी कहा जाता है, बेहद भव्य ऐतिहासिक धरोहर है। यह वाडियार राजवंश का आधिकारिक निवास स्थान था, जिसकी वास्तुकला में इंडो-सैनिक, हिंदू और गोथिक शैलियों का सुंदर मेल है। इसके अंदर बने दरबार हॉल और सोने के मंडप पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। दशहरे के पावन अवसर पर इस पूरे महल को लाखों बल्बों से सजाया जाता है, जो देखने में किसी परीलोक जैसा लगता है।
Related Coverage

Video: Car Stuck on Railway Track as Train Approaches, Panic Ensues
statesBengaluru CEO Refuses Jobs to Men From 4 States Citing Safety Concerns, Sparks Massive Social Media Debate
statesVideo: 'Will Not Hire Men From These 4 States', Bengaluru CEO's Announcement Sparks Massive Outrage
states