नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — एप्पल के नए ऑडियो प्रोडक्ट्स हमेशा से ग्राहकों के बीच चर्चा का विषय रहे हैं। पिछले कुछ घंटों से इंटरनेट पर 'एयरपॉड्स प्रो 3' ट्रेंड कर रहा है। टेक बाजार में इन दिनों यह सवाल सबसे बड़ा है कि क्या ग्राहकों को एयरपॉड्स 5 के मुकाबले नए प्रो वर्जन को चुनना चाहिए। हमारी फील्ड जांच में सामने आया है कि इस बार एप्पल अपने ऑडियो गियर में कुछ ऐसा लाने की तैयारी में था जो अब तक किसी ने नहीं देखा था।
ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल इस बार एयरपॉड्स में छोटे कैमरे फिट करने की योजना बना रहा था। इन कैमरों का मुख्य काम विजुअल इंटेलिजेंस को सपोर्ट देना था ताकि यूजर अपने आसपास की चीजों को देखकर जानकारी पा सकें। हालांकि, अंदरखाने से खबर आई है कि कंपनी ने आखिरी समय पर इस क्रांतिकारी विचार को फिलहाल रोक दिया है। इसके पीछे तकनीकी चुनौतियां और बैटरी की खपत जैसी मुख्य वजहें बताई जा रही हैं।
एयरपॉड्स प्रो 3 और नए फीचर्स को लेकर असमंजस
तकनीक के जानकारों का मानना है कि कैमरा और विजुअल इंटेलिजेंस जैसे फीचर्स आने वाले समय में ऑडियो डिवाइस का रूप बदल सकते थे। बाजार में चर्चा यह भी है कि एप्पल ने इस साल अपने पोर्टफोलियो में कई बदलाव किए हैं। जिन लोगों ने पहले एयरपॉड्स प्रो 3 की उम्मीद में इंतजार किया था, वे अब एयरपॉड्स 4 जैसे विकल्पों की तरफ देख रहे हैं। इस बदलाव ने आम खरीदारों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि उन्हें अपना पैसा कहां लगाना चाहिए।
दूसरी तरफ, एप्पल के विज्ञापनों और मार्केटिंग रणनीतियों पर भी लोग सवाल उठा रहे हालिया विज्ञापनों में गानों की जगह सिर्फ शोर और फुटबॉल स्टार्स के डांस को तरजीह दी गई है। इस अलग किस्म के विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि क्या कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के जरिए कोई नया संदेश देना चाहती है। ग्राहक समझ नहीं पा रहे हैं कि एप्पल अपने ऑडियो विज्ञापनों में संगीत को क्यों छिपा रहा है।
पुराने मॉडलों से तुलना और ग्राहकों की दुविधा
बाजार में इस वक्त यह बहस जोरों पर है कि क्या ग्राहकों को अपने पुराने हेडफोन बदलकर नए मॉडल लेने चाहिए। कई टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपके पास पहले से ठीक-ठाक काम करने वाला ईयरफोन है, तो जल्दबाजी में पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। एयरपॉड्स प्रो 3 को लेकर जितनी चर्चा कैमरों की वजह से हो रही थी, उतनी ही चर्चा अब इसके साधारण अपडेट्स पर सिमट जाने की वजह से हो रही है।
हमारे ग्राउंड सर्वे में यह बात सामने आई है कि भारतीय बाजार में टेक प्रेमी इन नए गैजेट्स के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, फीचर्स में हुए अंतिम समय के बदलावों से कुछ लोग निराश भी हैं। कीमत और मिलने वाले फायदों को लेकर हर कोई अपने हिसाब से गणित लगा रहा है। आने वाले हफ्तों में यह साफ हो पाएगा कि एप्पल अपने इन नए ऑडियो प्रोडक्ट्स को किस कीमत पर बाजार में उतारता है।
भविष्य की तकनीक और एप्पल की अगली चाल
भले ही इस बार कैमरे वाले एयरपॉड्स को रोक दिया गया हो, लेकिन टेक जगत का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में जरूर आएगी। एप्पल जैसी कंपनियां अपने हर उत्पाद पर सालों तक काम करती हैं और सही समय का इंतजार करती हैं। ग्राहकों के लिए फिलहाल यह जरूरी है कि वे बिना किसी अफवाह के आश्वस्त होकर ही खरीदारी करें। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर अपनी नजर बनाए रखेगी और जैसे ही कोई पुख्ता आधिकारिक जानकारी आएगी, हम आप तक सबसे पहले पहुंचाएंगे।





