नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — स्मार्टफोन बाजार में सॉफ्टवेयर अपडेट का इंतजार कर रहे यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ओप्पो ने अपने नए और अत्याधुनिक एंड्राइड आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम कलरओएस 17 का आधिकारिक रोलआउट कैलेंडर जारी कर दिया है। इस नए अपडेट के आने से भारत में ओप्पो के साथ-साथ वनप्लस के कई लोकप्रिय स्मार्टफोन्स का रूप-रंग और काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। कंपनी ने साफ कर दिया है कि किन चुनिंदा फोन्स को यह अपडेट सबसे पहले मिलेगा और किसे इसके लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नए अपडेट में यूजर्स को कई आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई फीचर्स और दमदार पोलर लाइट इंजन का साथ मिलेगा। इससे फोन की बैटरी लाइफ बेहतर होगी और ऐप तेजी से खुलेंगे। बाजार में चर्चा है कि वनप्लस के कई यूजर लंबे समय से अपने फोन्स में नए सॉफ्टवेयर अनुभव का इंतजार कर रहे थे। ओप्पो की इस घोषणा के बाद उन सभी यूजर्स की उम्मीदें पूरी होती दिख रही हैं जो अपने डिवाइस को अपटेड रखना चाहते थे।
कलरओएस 17 के पहले चरण में किन फोन्स को मिलेगा अपडेट
रोलआउट योजना के मुताबिक, कंपनी ने अपने फोन्स को अलग-अलग चरणों में बांटा है ताकि सर्वर पर ज्यादा दबाव न पड़े। पहले चरण की शुरुआत भारत में इसी महीने से हो रही है जिसमें कंपनी के फ्लैगशिप और प्रीमियम रेंज के स्मार्टफोन्स को शामिल किया गया है। ओप्पो की फाइंड सीरीज और वनप्लस के मुख्य मॉडल्स को सबसे पहले यह सॉफ्टवेयर अपग्रेड दिया जाएगा। कंपनी की तकनीकी टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि अपडेट के दौरान यूजर्स का पुराना डाटा सुरक्षित रहे और फोन में कोई तकनीकी रुकावट न आए।
जमीनी स्तर पर हमारे संवाददाताओं ने पाया कि वनप्लस यूजर्स के मन में यह सवाल जरूर था कि क्या उन्हें ओप्पो जैसा इंटरफेस मिलेगा या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस बार यूजर इंटरफेस को और अधिक सहज बनाया है ताकि दोनों ब्रांड्स के ग्राहकों को एक जैसी बेहतरीन गति और अनुभव मिल सके। तकनीकी जानकारों का मानना है कि ओप्पो का यह कदम बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
स्मार्टफोन यूजर्स को किन बातों का रखना होगा खास ध्यान
यदि आपका फोन भी इस नई सूची में शामिल है तो अपडेट डाउनलोड करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले अपने फोन का पूरा डेटा किसी अन्य जगह सुरक्षित यानी बैकअप कर लें ताकि गलती से भी कोई जरूरी फाइल डिलीट न हो। इसके अलावा फोन को वाई-फाई नेटवर्क से जोड़ें क्योंकि यह अपडेट फाइल साइज में काफी बड़ी होगी। बैटरी कम से कम पचास प्रतिशत से ज्यादा चार्ज होनी चाहिए ताकि इंस्टॉलेशन के दौरान फोन बीच में बंद न पड़े।
हमारे फील्ड सर्वे में यह भी सामने आया है कि कई लोग बिना सोचे समझे इंटरनेट से अनधिकृत सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लेते हैं जिससे फोन खराब होने का खतरा रहता है। हमेशा कंपनी के आधिकारिक सेटिंग्स मेनू में जाकर ही सॉफ्टवेयर अपडेट की जांच करें और नोटिफिकेशन आने पर ही आगे बढ़ें। बाजार के इस नए बदलाव से साफ है कि आने वाले दिनों में स्मार्टफोन का यह अनुभव ग्राहकों के लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है।
बाजार में दूसरी कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ेगा
ओप्पो और वनप्लस की तरफ से उठाए गए इस कदम का सीधा असर अन्य कंपनियों पर भी पड़ रहा है। आज के समय में हर ग्राहक अपने फोन में बेहतरीन बैटरी, तेज रफ्तार और आधुनिक फीचर्स चाहता है। जब कंपनियां समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट देना शुरू करती हैं तो ग्राहकों का उस ब्रांड पर भरोसा और ज्यादा गहरा हो जाता है। यही वजह है कि अन्य निर्माता कंपनियां भी अपनी सॉफ्टवेयर नीतियों में तेजी लाने पर मजबूर हो रही हैं।
द फ्रीलान्स की टीम लगातार इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। जैसे-जैसे अगला चरण शुरू होगा और नए फोन्स को यह अपडेट मिलना शुरू होगा, हम जमीन पर उतरकर इसकी असलियत की फिर से जांच करेंगे। फिलहाल यूजर्स के लिए यही सलाह है कि वे अपने फोन के मॉडल के हिसाब से कंपनी के आधिकारिक कैलेंडर की जांच कर लें और धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करें।










