तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले से इस वक्त एक बड़ी और गंभीर जमीनी खबर सामने आ रही है। यहां के स्थानीय लोग और किसान इन दिनों कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में केरावपल्ली बांध के पानी में खतरनाक और जहरीला झाग उठने की बात सामने आई है। इस गंभीर समस्या को लेकर किसानों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा अब खुलकर बाहर आने लगा है। बांध के पानी की इस खराब हालत के कारण आसपास के गांवों में खेती और रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों का साफ कहना है कि प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
केरावपल्ली बांध के पास बने इस गंभीर हालात के अलावा कृष्णगिरि में राजनीतिक सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानीय मुद्दों को लेकर जिले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासनिक अमले को इस प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इन तमाम विरोध प्रदर्शनों और किसानों के आंदोलनों के बीच आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी भी लगातार प्रभावित हो रही है। लोग अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से लगातार गुहार लगा रहे हैं।
केरावपल्ली बांध के जहरीले झाग से किसानों का जीवन संकट में
कृषि कार्यों के लिए मशहूर कृष्णगिरि जिले के किसानों के लिए केरावपल्ली बांध का पानी जीवनरेखा माना जाता है। लेकिन इस पानी में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और सफेद झाग ने किसानों की नींद उड़ा दी है। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्रियों का दूषित केमिकल युक्त पानी बिना किसी रोक-टोक के बांध में छोड़ा जा रहा है। इस जहरीले पानी से न केवल फसलें बर्बाद हो रही हैं बल्कि आसपास के इलाकों में मवेशियों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस प्रदूषण को नहीं रोका गया तो वे और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
दूसरी ओर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इस मामले की जांच की बात कह रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि पानी के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया जा रहा है। हालांकि स्थानीय किसानों का कहना है कि सिर्फ कागजी कार्रवाई से उनकी समस्याओं का हल नहीं निकलने वाला है। उन्हें धरातल पर ठोस और स्थाई परिणाम चाहिए ताकि उनकी उपजाऊ जमीन और फसलें सुरक्षित रह सकें।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल
बांध के मुद्दे के अलावा कृष्णगिरि में राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और समस्याओं का तुरंत समाधान करने की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच आम जनता की समस्याओं पर सियासत गरमा गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता और अधिक बढ़ सकती है। विपक्षी दल इसे सरकार की विफलता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं सत्ताधारी दल के स्थानीय नेता स्थिति को संभालने और प्रशासन के जरिए राहत पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। इन सबके बीच आम आदमी अपनी बुनियादी जरूरतों और पर्यावरण बचाने की गुहार लगा रहा है।
बाजार में वाहनों और सोने के दामों की स्थिति
राजनीतिक और पर्यावरणीय उठापटक के बीच कृष्णगिरि के बाजारों में आर्थिक गतिविधियां भी जारी हैं। ऑटोमोबाइल बाजार में महिंद्रा एक्सयूवी 700 और बजाज पल्सर जैसी गाड़ियों के दाम लगातार चर्चा में हैं। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही वाहन खरीदार कीमतों की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। इसके अलावा सर्राफा बाजार में सोने के 22 और 24 कैरेट के रोजमर्रा के लाइव भाव पर भी लोगों की पैनी नजर बनी हुई है। बाजार के ये आंकड़े दिखाते हैं कि एक तरफ जहां लोग अपनी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम बाजार अपनी रफ्तार से चल रहा है।








