राजधानी लखनऊ में कारोबारी की संदिग्ध मौत और उलझती कड़ियां
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलाسه सामने आ रहे हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे और उसके सहयोगियों की तलाश के लिए पुलिस विभाग की कई टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। घटना को बीते हुए लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद मुख्य आरोपी अब तक कानून की गिरफ्त से कोसों दूर है। पुलिस महकमे के तमाम दावों और सरगर्मी के बाद भी आरोपियों का सुराग न मिल पाना कई सवाल खड़े करता है।
घटना की शुरुआत 9 अक्टूबर को हुई थी, जब हजरतगंज इलाके के बल्लू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिरने के कारण 28 वर्षीय युवा व्यवसायी शिवा शर्मा की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई थी। मृतक शिवा कई रेस्टोरेंट और कैफे का संचालन करते थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार का साफ तौर पर कहना था कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।
नेपाल सीमा पर पुलिस की दबिश और लगातार बदलते ठिकाने
जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे घटना के तुरंत बाद भूमिगत हो गई थीं। पुलिस की शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई थी कि आरोपी सीतापुर, लखीमपुर खीरी और बहराइच के रास्तों से होते हुए नेपाल सीमा पार कर चुके हैं। नेपाल के महीम नगर बस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में भी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और एक अन्य साथी को देखे जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस नेपाल के अलग-अलग शहरों में उनकी टोह ले रही हैं।
हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी में सबसे बड़ी बाधा उनका लगातार अपना ठिकाना बदलना बन रहा है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा दुबे नेपाल में हर कुछ घंटों में अपना शहर और ठिकाना बदल देती है। पुलिस टीमों को जब कभी उनकी सटीक लोकेशन का कोई सुराग मिलता है, उससे पहले ही वे वहां से गायब हो जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और पड़ोसी देश के स्थानीय तंत्र से तालमेल बिठाने में आ रही दिक्कतों के कारण भी जांच टीम को बार-बार नाकामी का सामना करना पड़ रहा है।
अदालत से गैर-जमानती वारंट और 25 हजार रुपये का इनाम घोषित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लखनऊ पुलिस की अर्जी पर अदालत ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने अपनी छापेमारी की रफ्तार और दायरा दोनों बढ़ा दिए हैं। इसके साथ ही, फरार चल रहे इन सभी आरोपियों के बारे में कोई भी पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए 25-25 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया है ताकि आम जनता की मदद से इन्हें जल्द दबोचा जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक शिवा शर्मा के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई थी, जिसमें फेफड़ों के फटने और आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचना शामिल है। परिवार द्वारा सौंपी गई एक पर्सनल डायरी में पिछले कुछ महीनों के दौरान कथित मानसिक प्रताड़ना और दबाव का जिक्र भी मिला है। पुलिस इन सभी दस्तावेजों, बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि मौत के पीछे छिपे हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके।
सहारनपुर कनेक्शन और स्कोडा कार का पुराना आपराधिक इतिहास
इस पूरे मामले की तफ्तीश के दौरान एक नया और हैरान करने वाला एंगल भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि फरार मॉडल श्रद्धा दुबे के नाम पर पंजीकृत एक लग्जरी स्कोडा कार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के साइबर क्राइम थाने की कस्टडी में खड़ी है। यह वही वाहन है जिसे वर्ष 2024 में आयुष्मान योजना से जुड़े लगभग 90.59 लाख रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड मामले की जांच के दौरान जब्त किया गया था। पुलिस की पुरानी फाइलों के मुताबिक, लखनऊ के रहने वाले एक अन्य आरोपी ने कथित तौर पर उस ठगी की रकम से इस स्कोडा कार को खरीदा था और उसका रजिस्ट्रेशन श्रद्धा दुबे के नाम पर करवाया था।
इस पुराने खुलासे के सामने आने के बाद श्रद्धा दुबे की पृष्ठभूमि और उसके संपर्कों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। हालांकि, मौजूदा हत्याकांड से इस पुरानी कार का सीधा संबंध क्या है, इसकी जांच साइबर और स्थानीय पुलिस मिलकर कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर एक छोटे-बड़े सुराग को जोड़कर देख रहे हैं ताकि किसी भी मु मुजरिम को बख्शा न जा सके।
वीडियो जारी कर सफाई और सोशल मीडिया से दूरी का खेल
फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया था। उसने अपने इस वीडियो संदेश में दावा किया था कि शिवा शर्मा की किसी ने हत्या नहीं की थी, बल्कि उन्होंने खुदकुशी की थी। साथ ही उसने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों और कुछ नेताओं के साथ नाम जोड़े जाने पर तीखी आपत्ति भी जताई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सफाई देने के ठीक बाद से ही उसने और उसके सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है और अपने अकाउंट्स से दूरी बना ली है।
"मामले की हर पहलू से बेहद बारीकी के साथ जांच की जा रही है। अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है और हमारी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी फरार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और सच्चाई सामने आ जाएगी।"— स्थानीय पुलिस अधिकारी
फिलहाल, लखनऊ पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल ट्रैकिंग और मुखबिर तंत्र की मदद से नेपाल में छिपे बैठे आरोपियों तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। परिवार और आम जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब तक पुलिस इन शातिर आरोपियों को शिकंजे में कसने में कामयाब हो पाती है।












