विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/टेक & ऑटो/भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर एलन मस्क का बड़ा बयान, क्या अंबानी हैं देश के असली बॉस?
टेक & ऑटोपढ़ने में समय: 5 मिनट

भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर एलन मस्क का बड़ा बयान, क्या अंबानी हैं देश के असली बॉस?

एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की एंट्री रुकने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
✍️
टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस
तकनीक व ऑटोमोबाइल डेस्क•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•43
🌐Read in English →
शेयर करें:
भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर एलन मस्क का बड़ा बयान, क्या अंबानी हैं देश के असली बॉस?
📷 भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर एलन मस्क का बड़ा बयान, क्या अंबानी हैं देश के असली बॉस? — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की एंट्री रुकने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — अंतरिक्ष आधारित इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क ने भारत में अपने कारोबार को शुरू करने में आ रही रुकावटों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मस्क ने सोशल मीडिया पर एक तीखी टिप्पणी करते हुए भारत के कुछ बड़े उद्योगपतियों पर उनकी कंपनी को लाइसेंस मिलने में जानबूझकर देरी कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि क्या देश में बड़े उद्योगपति ही नियमों को तय करते हैं और क्या वे ही असली बॉस हैं। मस्क के इस बयान के बाद देश के टेलीकॉम बाजार में हलचल तेज हो गई है।

एलन मस्क के इस बयान पर देश की सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मस्क की पोस्ट का हवाला देते हुए तंज कसा है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे होने का इशारा किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि देश के डिजिटल बाजार में कुछ गिने-चुने लोगों का ही दबदबा बना हुआ है। इससे विदेशी कंपनियों को निष्पक्ष मुकाबला करने का मौका नहीं मिल रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या भारत सरकार वास्तव में बड़ी कंपनियों के दबाव में काम कर रही है।

मस्क के दावों पर सरकार की सख्त सफाई

विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार के संबंधित विभागों ने एलन मस्क के इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया है। सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि किसी भी कंपनी को रोकने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। देश में टेलिकॉम और स्पेक्ट्रम आवंटन के नियम पूरी तरह पारदर्शी हैं और हर कंपनी को कानून के दायरे में रहकर ही काम करना होता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि स्टारलिंक को अभी तक लाइसेंस इसलिए नहीं मिला है क्योंकि कंपनी ने सुरक्षा और डेटा से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेजों को अभी तक पूरा नहीं किया है। जैसे ही सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, लाइसेंस पर आगे का फैसला ले लिया जाएगा।

द फ्रीलान्स की टीम ने जब इस पूरे मामले की जमीनी हकीकत और विधिक प्रक्रियाओं की पड़ताल की, तो सामने आया कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए कई तरह के कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। देश के कानून के मुताबिक, विदेशी कंपनियों को अपना डेटा भारत के अंदर ही स्टोर करना होगा और सुरक्षा एजेंसियों को समय-समय पर उसकी जांच का अधिकार देना होगा। स्टारलिंक और सरकार के बीच इन्हीं तकनीकी और सुरक्षा शर्तों को लेकर बातचीत चल रही है। इसे सीधे तौर पर किसी उद्योगपति द्वारा रोका जाना कहना पूरी तरह गलत और तथ्यों के परे है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

बाजार में दूसरी कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

भारत के इंटरनेट बाजार में इस समय जियो और एयरटेल जैसी बड़ी घरेलू कंपनियों का मजबूत कब्जा है। अगर एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी को भारत में काम करने की पूरी अनुमति मिल जाती है, तो देश के दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट की रफ्तार और पहुंच पूरी तरह बदल जाएगी। स्टारलिंक मुख्य रूप से उन ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों को जोड़ने की योजना बना रही है जहां अभी तक मोबाइल टावर या फाइबर केबल नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों के सामने एक नया और बड़ा मुकाबला खड़ा हो सकता है, जिसके लिए वे अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं।

आम जनता और छोटे व्यापारियों के मन में भी इस बात को लेकर उत्सुकता है कि क्या सैटेलाइट इंटरनेट का प्लान बहुत महंगा होगा। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टारलिंक की सेवाएं उन इलाकों के लिए ज्यादा फायदेमंद होंगी जहां सामान्य ब्रॉडबैंड काम नहीं करता है। हालांकि, इसकी कीमत आम मोबाइल रिचार्ज जितनी सस्ती होगी या नहीं, इस पर अभी संशय बना हुआ है। ग्राहक यह जानना चाहते हैं कि क्या उन्हें भविष्य में बेहतर और बिना रुकावट वाला इंटरनेट मिल पाएगा।

रीचार्ज कराने और लाइसेंस मिलने से जुड़ी जरूरी बातें

फिलहाल भारत में स्टारलिंक की सेवाएं शुरू होने में अभी कुछ महीनों का वक्त और लग सकता है। जब तक कंपनी सरकार के सभी सुरक्षा मानकों को लिखित रूप से पूरा नहीं करती, तब तक कमर्शियल लॉन्च संभव नहीं है। एलन मस्क के बयानों और राजनीतिक बयानों के बीच आम आदमी को यह समझना जरूरी है कि देश में स्पेक्ट्रम और लाइसेंस के नियम सबके लिए एक समान हैं। द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि आने वाले दिनों में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर प्रतिस्पर्धा और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोई अंतिम तस्वीर साफ होगी।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी का बड़ा बयान: बैंक और अस्पताल अब फोन में, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे

मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी का बड़ा बयान: बैंक और अस्पताल अब फोन में, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे

भारत और वेस्टइंडीज का टी20 मुकाबला: रांची में ट्रैफिक और पार्किंग का नया प्लान जारी

भारत और वेस्टइंडीज का टी20 मुकाबला: रांची में ट्रैफिक और पार्किंग का नया प्लान जारी

दक्षिण भारत की लोकप्रिय पत्रिका 'अवल विकटन' ने डिजिटल दौर में कैसे बनाई अपनी खास जगह

दक्षिण भारत की लोकप्रिय पत्रिका 'अवल विकटन' ने डिजिटल दौर में कैसे बनाई अपनी खास जगह

नेमरा की माटी में विलीन हुईं रूपी सोरेन, अश्रुपूर्ण आंखों से सीएम हेमंत सोरेन ने मां को दी अंतिम विदाई

नेमरा की माटी में विलीन हुईं रूपी सोरेन, अश्रुपूर्ण आंखों से सीएम हेमंत सोरेन ने मां को दी अंतिम विदाई

एलॉन मस्क क्यों भड़के? जियो की 1600 सैटेलाइट वाली महा-योजना से स्टारलिंक के माथे पर चिंता की लकीरें

एलॉन मस्क क्यों भड़के? जियो की 1600 सैटेलाइट वाली महा-योजना से स्टारलिंक के माथे पर चिंता की लकीरें

सेंसेक्स में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे आठ लाख करोड़ रुपये

सेंसेक्स में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे आठ लाख करोड़ रुपये

अमेरिकी फैसले ने बढ़ाई इंफोसिस और टीसीएस की मुश्किलें, भारतीय आईटी सेक्टर पर मंडराया बड़ा खतरा

अमेरिकी फैसले ने बढ़ाई इंफोसिस और टीसीएस की मुश्किलें, भारतीय आईटी सेक्टर पर मंडराया बड़ा खतरा

माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में भारी गिरावट से बाजार में हड़कंप, झटके में डूबे अरबों रुपये

माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में भारी गिरावट से बाजार में हड़कंप, झटके में डूबे अरबों रुपये

✍️

टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा व मोबिलिटी टीम

द फ्रीलांस की टेक और ऑटो डेस्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता गैजेट्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के नए नवाचारों पर प्रामाणिक और उपभोक्ता-केंद्रित रिव्यू व रिपोर्ट्स प्रस्तुत करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘स्टारलिंक’ व टेक & ऑटो से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी का बड़ा बयान: बैंक और अस्पताल अब फोन में, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचेTECH-AUTO

मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी का बड़ा बयान: बैंक और अस्पताल अब फोन में, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे

8 अक्टू॰27
भारत और वेस्टइंडीज का टी20 मुकाबला: रांची में ट्रैफिक और पार्किंग का नया प्लान जारीTECH-AUTO

भारत और वेस्टइंडीज का टी20 मुकाबला: रांची में ट्रैफिक और पार्किंग का नया प्लान जारी

8 अक्टू॰28
दक्षिण भारत की लोकप्रिय पत्रिका 'अवल विकटन' ने डिजिटल दौर में कैसे बनाई अपनी खास जगहTECH-AUTO

दक्षिण भारत की लोकप्रिय पत्रिका 'अवल विकटन' ने डिजिटल दौर में कैसे बनाई अपनी खास जगह

8 अक्टू॰43
नेमरा की माटी में विलीन हुईं रूपी सोरेन, अश्रुपूर्ण आंखों से सीएम हेमंत सोरेन ने मां को दी अंतिम विदाईTECH-AUTO

नेमरा की माटी में विलीन हुईं रूपी सोरेन, अश्रुपूर्ण आंखों से सीएम हेमंत सोरेन ने मां को दी अंतिम विदाई

8 अक्टू॰43
एलॉन मस्क क्यों भड़के? जियो की 1600 सैटेलाइट वाली महा-योजना से स्टारलिंक के माथे पर चिंता की लकीरेंTECH-AUTO

एलॉन मस्क क्यों भड़के? जियो की 1600 सैटेलाइट वाली महा-योजना से स्टारलिंक के माथे पर चिंता की लकीरें

8 अक्टू॰33
सेंसेक्स में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे आठ लाख करोड़ रुपयेTECH-AUTO

सेंसेक्स में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे आठ लाख करोड़ रुपये

8 अक्टू॰37
अमेरिकी फैसले ने बढ़ाई इंफोसिस और टीसीएस की मुश्किलें, भारतीय आईटी सेक्टर पर मंडराया बड़ा खतराTECH-AUTO

अमेरिकी फैसले ने बढ़ाई इंफोसिस और टीसीएस की मुश्किलें, भारतीय आईटी सेक्टर पर मंडराया बड़ा खतरा

8 अक्टू॰34
माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में भारी गिरावट से बाजार में हड़कंप, झटके में डूबे अरबों रुपयेTECH-AUTO

माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में भारी गिरावट से बाजार में हड़कंप, झटके में डूबे अरबों रुपये

8 अक्टू॰40
विज्ञापन • ADVERTISEMENT