नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — दलाल स्ट्रीट में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घंटी बजने से पहले ही हलचल तेज हो गई। देश भर के लाखों छोटे और बड़े निवेशक सुबह से ही कारोबारी चैनलों और उनकी लाइव चर्चाओं पर आंखें गड़ाए बैठे हैं। बाजार खुलने से पहले के संकेतों में कुछ तेजी की उम्मीद दिख रही थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम चिंता बढ़ा रहे हैं। कच्चे तेल में अगर उछाल जारी रहा तो भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। इसी डर से बाजार के शुरुआती रुझान बेहद मिले-जुले नजर आ रहे हैं।
मुंबई के शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि आज छह मुख्य कारण बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी ब्याज दरों के संकेत सबसे प्रमुख हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर भी नजर रखी जा रही है। जब भी बाजार किसी दोराहे पर खड़ा होता है, तब आम निवेशक सीधे स्क्रीन पर टकटकी लगा लेते हैं। वे समझना चाहते हैं कि दिन के कारोबार में कहां पैसा लगाना सुरक्षित रहेगा और किन शेयरों से तुरंत दूरी बनानी चाहिए।
कच्चे तेल की चाल और बाजार के छह बड़े ट्रिगर
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की वजह से कच्चे तेल के दाम लगातार चढ़ रहे हैं। तेल का महंगा होना भारतीय कंपनियों की उत्पादन लागत को सीधे बढ़ा देता है। इसका असर पेंट, टायर और तेल रिफाइनरी कंपनियों के मुनाफे पर पड़ता है। बाजार विशेषज्ञों ने सुबह की चर्चा में साफ कहा कि कच्चे तेल की चाल पर कड़ी नजर रखनी होगी। अगर ब्रेंट क्रूड अस्सी डॉलर प्रति बैरल के पार टिका रहा तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। इसके विपरीत अगर घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर रहे तो बाजार को नीचे से सहारा भी मिल सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि दिन की शुरुआत में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी देखी जा सकती है। धातु और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का दौर चलने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे माहौल में विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सोचे-समझे बड़े सौदे करने से बचना चाहिए। बाजार जब तक किसी एक दिशा में मजबूत पकड़ नहीं बनाता, तब तक केवल चुनिंदा शेयरों में ही काम करना समझदारी होगी।
अनिल सिंघवी की नवरात्रि रणनीति और कमाई वाले बीस शेयर
कारोबारी चैनल पर सुबह के समय प्रबंध संपादक अनिल सिंघवी की राय सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। नवरात्रि के पावन पर्व के मौके पर उन्होंने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खास शेयर छांटे हैं। इन शेयरों को उन्होंने नवरत्न एसआईपी का नाम दिया है। इस रणनीति में निवेशकों को सारा पैसा एक साथ लगाने की मनाही की गई है। इसके बजाय पैसे को तीन अलग-अलग चरणों में लगाने का सुझाव दिया गया है। जानकारों का आकलन है कि ऐसे मजबूत शेयर आने वाले समय में अस्सी प्रतिशत तक का मुनाफा दे सकते हैं।
इसके साथ ही दिन के कारोबारियों के लिए बीस खास शेयरों की सूची भी साझा की गई। इसमें नकद बाजार के शेयर और वायदा बाजार के सौदे दोनों शामिल हैं। इन शेयरों में मुख्य रूप से वे कंपनियां शामिल हैं जिनके तिमाही आंकड़े अच्छे आने की उम्मीद है। कुछ ऐसे शेयर भी चुने गए हैं जिनको हाल ही में सरकार या निजी क्षेत्र से बड़े ठेके मिले हैं। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों को हमेशा नुकसान रोकने की सीमा यानी स्टॉपलॉस तय करके ही काम करना चाहिए।
खाली पार्किंग से कमाई और नए चिपसेट की कारोबारी चर्चा
शेयर बाजार के शेयरों के अलावा बिजनेस चर्चाओं में नए तकनीकी नवाचार भी जगह बना रहे हैं। शहरों में पार्किंग की भारी किल्लत को देखते हुए पार्कोबोट नाम के नए विचार पर चर्चा हुई। इस मॉडल के जरिए लोग अपनी खाली पड़ी जमीन या पार्किंग की जगह को किराए पर देकर नियमित कमाई कर सकते हैं। शहरी इलाकों में गाड़ियों की बढ़ती तादाद के बीच इस तरह के स्टार्टअप कारोबार की नई संभावनाएं खोल रहे हैं। इसे छोटे व्यवसायियों के लिए एक नया अवसर माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस में क्वालकॉम के नए स्नैपड्रैगन चिपसेट पेश किए गए। यह नई चिप तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेज इंटरनेट स्पीड को सामान्य मोबाइल फोन तक पहुंचाने में मदद करेगी। चिपसेट उद्योग में हो रहे इस बदलाव से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को नया बल मिलने की उम्मीद है। बाजार के विश्लेषक मानते हैं कि तकनीकी कंपनियों के शेयर लंबी अवधि में इस तरह की साझेदारियों से बड़ा लाभ कमा सकते हैं।
खुदरा निवेशकों के लिए बाजार में संभलकर चलने की सलाह
द फ्रीलान्स की टीम ने दलाल स्ट्रीट और स्थानीय ब्रोकिंग दफ्तरों में मौजूद निवेशकों से जमीनी बातचीत की। ज्यादातर खुदरा कारोबारियों का कहना है कि वे सुबह के लाइव विश्लेषण को देखकर ही अपनी रणनीति बनाते हैं। जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता होती है तो आम निवेशक किसी भी अफवाह से डर जाते हैं। अनुभवी दलालों का कहना है कि नए निवेशकों को सिर्फ दूसरों की देखा-देखी बड़ा जोखिम नहीं उठाना चाहिए। अपनी गाढ़ी कमाई को बाजार में लगाने से पहले कंपनी के बुनियादी बहीखाते की जांच करना बहुत जरूरी है।
शेयर बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। विशेषज्ञों की राय है कि निवेशक अपने पूरे पैसे को किसी एक सेक्टर में न लगाएं। पैसे को अलग-अलग अच्छे शेयरों में बांटकर रखने से जोखिम कम हो जाता है। त्योहारों के इस मौसम में बाजार में नए मौकों की कमी नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना ही सबसे बड़ी कमाई साबित हो सकता है। आज के पूरे सत्र में बाजार की नजरें विदेशी संस्थागत निवेशकों की अंतिम खरीद-बिक्री के आंकड़ों पर टिकी रहेंगी।









