लंदन की धरती से ध्रुव राठी का बड़ा राजनीतिक ऐलान
लोकप्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारत में विभिन्न कानूनी लड़ाइयों और पुलिस कार्रवाई का सामना करने के बाद, वह अब ब्रिटेन की राजधानी लंदन पहुंच चुके हैं। लंदन पहुंचते ही उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए एक बड़ा राजनीतिक ऐलान कर दिया है। राठी ने घोषणा की है कि वह लंदन के प्रतिष्ठित संसद चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस कदम से एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए ध्रुव राठी ने लंदन में मौजूद समर्थकों से दोपहर 12 बजे इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। राठी के इस अचानक ऐलान के बाद ब्रिटेन में रह रहे भारतीय समुदाय और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
भारत वापसी और गुरुग्राम आवास पर पुलिस हिरासत
लंदन पहुंचने से कुछ ही दिन पहले ध्रुव राठी भारत आए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के समर्थन में वे बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक सक्रिय नजर आए थे। हालांकि, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले मुख्य प्रदर्शन से ठीक पहले गुरुग्राम स्थित उनके सेक्टर-56 आवास से दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई निषेधाज्ञा और प्रदर्शन की अनुमति न होने के नियमों के तहत की गई थी। करीब 18 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। भारत में इस राजनीतिक ड्रामे के बाद उनका विदेश रवाना होना और वहां से नए सिरे से विरोध का ऐलान करना इस पूरे घटनाक्रम को एक नया आयाम दे रहा है.
साकेत कोर्ट का समन और मानहानि का पुराना विवाद
भारत में ध्रुव राठी की मुश्किलें सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अदालती मामलों में भी उनका नाम प्रमुखता से चल रहा है। भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास पांडे द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट का नया समन सीधे गुरुग्राम स्थित उनके घर के मुख्य दरवाजे पर चस्पा कर दिया गया है।
यह पूरा कानूनी विवाद साल 2018 में अपलोड किए गए एक वीडियो से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस वीडियो में उनकी प्रतिष्ठा को ठेس पहुंचाने वाले बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए गए थे। अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि राठी लंबे समय से ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं और समन तामील करने में लगातार बाधा आ रही थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को तय की गई है।
सनातन संस्कृति से जुड़े वीडियो पर भी कानूनी शिकंजा
मानहानि के मामलों के अलावा ध्रुव राठी एक अन्य कानूनी पचड़े में भी फंसते नजर आ रहे हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता को लेकर बनाए गए एक अन्य विवादित वीडियो को लेकर भी दिल्ली की साकेत कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया है। याचिकाकर्ता के वकीलों का दावा है कि वीडियो में सनातन संस्कृति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले अमर्यादित दावे किए गए हैं।
इस याचिका में हर्जाने और निषेधाज्ञा की मांग की गई है। इन तमाम कानूनी लड़ाइयों, मानहानि के मुकदमों और पुलिसिया पूछताछ के बीच ध्रुव राठी का लंदन पहुंचकर इस तरह का आक्रामक रुख अपनाना यह साफ करता है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है।












