होम/देश/अमित शाह को सीजेपी नेता अभिजीत दीपके की खुली चेतावनी, कहा- 'इस बार बच्चों पर लाठी चलाई तो आपका इस्तीफा होगा'
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

अमित शाह को सीजेपी नेता अभिजीत दीपके की खुली चेतावनी, कहा- 'इस बार बच्चों पर लाठी चलाई तो आपका इस्तीफा होगा'

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधी चेतावनी दी है। मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन के दौरान उन्होंने 20 जुलाई की लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए सरकार पर तीखे हमले किए।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•3 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•28
🌐Read in English →
शेयर करें:
अमित शाह को सीजेपी नेता अभिजीत दीपके की खुली चेतावनी, कहा- 'इस बार बच्चों पर लाठी चलाई तो आपका इस्तीफा होगा'
📷 अमित शाह को सीजेपी नेता अभिजीत दीपके की खुली चेतावनी, कहा- 'इस बार बच्चों पर लाठी चलाई तो आपका इस्तीफा होगा' — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.
  • मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान संस्थापक अभिजीत दीपके का एक आक्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.
  • अभिजीत दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए चेतावनी दी कि यदि इस बार प्रदर्शनकारी बच्चों पर लाठी चलाई गई, तो उनका इस्तीफा लिया जाएगा.
  • मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में बिना अनुमति के हुए इस प्रदर्शन के मामले में आयोजकों और 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर गरमाई राजनीति

देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का दौर तेजी से चल रहा है। चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ कई नए संगठन भी सड़क पर उतर आए हैं। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले देश भर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिनकी गूंज अब सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक सुनाई दे रही है।

हाल ही में एक प्रतिष्ठित अखबार में छपी रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के आंतरिक हालातों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे, जिसके बाद से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग ने तूल पकड़ लिया। इसी सिलसिले में दो अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ-साथ मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में भी हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के बयानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

संबंधित खबरें

उत्तराखंड में एसआईआर अभियान का बड़ा असर: देहरादून में घटे करीब 3 लाख मतदाता, राजनीतिक दलों के समीकरण बदले

उत्तराखंड में एसआईआर अभियान का बड़ा असर: देहरादून में घटे करीब 3 लाख मतदाता, राजनीतिक दलों के समीकरण बदले

मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा राजनीतिक हमला: बोले- मौजूदा लोकसभा और सभी विधानसभाएं अवैध, बैलेट पेपर से हों चुनाव

मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा राजनीतिक हमला: बोले- मौजूदा लोकसभा और सभी विधानसभाएं अवैध, बैलेट पेपर से हों चुनाव

यूपी चुनाव से पहले भाजपा की नई मीडिया टीम का ऐलान: 31 प्रवक्ता और 25 पैनलिस्ट नियुक्त

यूपी चुनाव से पहले भाजपा की नई मीडिया टीम का ऐलान: 31 प्रवक्ता और 25 पैनलिस्ट नियुक्त

अभिजीत दीपके के आंदोलन पर बड़ा एक्शन: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद एक्स पोस्ट बैन, मुंबई पुलिस ने दर्ज किया केस

अभिजीत दीपके के आंदोलन पर बड़ा एक्शन: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद एक्स पोस्ट बैन, मुंबई पुलिस ने दर्ज किया केस

वोट चोरी के आरोपों पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत: कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने, सड़क से सदन तक छिड़ी जंग

वोट चोरी के आरोपों पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत: कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने, सड़क से सदन तक छिड़ी जंग

बच्चों की आड़ में सियासत: प्रदर्शन में नाबालिगों के इस्तेमाल पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एफआईआर के निर्देश

बच्चों की आड़ में सियासत: प्रदर्शन में नाबालिगों के इस्तेमाल पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एफआईआर के निर्देश

मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर सियासी पारा हाई: अभिजीत दीपके के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा, लगाए तीखे नारे

मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर सियासी पारा हाई: अभिजीत दीपके के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा, लगाए तीखे नारे

अमित शाह को सीधी चेतावनी: 'इस बार तुम्हारा इस्तीफा होगा'

मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाए। हाथ में माइक थामे दीपके ने सीधे तौर पर देश के गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए एक विवादित और तीखा बयान दिया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस बार पुलिस या प्रशासन को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने के आदेश न दिए जाएं।

अभिजीत दीपके ने चेतावनी देते हुए कहा, 'मोटा भाई, इस बार पुलिस को लाठी चलाने के ऑर्डर मत देना। एक गलती तुमने कर दी थी 20 जुलाई को बच्चों पर लाठियां चलवाकर। अगर दोबारा ऐसी गलती हुई, तो इस बार तुम्हारा इस्तीफा तय है।' उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

जंतर-मंतर आंदोलन और पिछली घटनाओं का जिक्र

अपने संबोधन के दौरान अभिजीत दीपके ने बीते महीनों में हुए आंदोलनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि इससे पहले जून और जुलाई के महीने में जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी सड़क पर उतरी थी। दीपके के मुताबिक, 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और बच्चों पर लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था।

लगभग एक महीने तक चले उस लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार सरकार की तरफ से कदम उठाए गए और CJP ने अपना आंदोलन स्थगित किया था। अब एक बार फिर से संगठन ने नए मुद्दों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इस बार उनका मुख्य निशाना चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर है, जिसके तहत देश भर में गड़बड़ियों के आरोप लगाए जा रहे हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के नाम पर देश भर में करोड़ों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से चुपचाप हटा दिए गए हैं। सीजेपी का आरोप है कि यह सब सत्ताधारी पार्टी को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों के समर्थन में अभी तक संगठन की तरफ से कोई पुख्ता दस्तावेज या फॉरेंसिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिसके चलते इन दावों की सत्यता पर राजनीतिक विश्लेषक सवाल खड़े कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयानों और आक्रामक आंदोलनों के जरिए नए राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थानों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना और सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्रियों को चुनौती देना भारतीय लोकतंत्र में एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन: आयोजकों और 500 अज्ञात लोगों पर FIR

कानून व्यवस्था और नियमों की अनदेखी करने पर मुंबई पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। शिवाजी पार्क में बिना उचित प्रशासनिक अनुमति के आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस हरकत में आ गई। मुंबई पुलिस के आधिकारिक बयानों के अनुसार, शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है।

"शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP के प्रदर्शन के आयोजकों और करीब 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।" — मुंबई पुलिस अधिकारी

इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों की कथित भागीदारी और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ा रुख अपनाते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), एक्स कॉर्प के ग्रीवांस ऑफिसर और महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है।

आगे की राह और राजनीतिक प्रभाव

कॉकरोच जनता पार्टी के इन तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में सियासी पारा और अधिक चढ़ने वाला है। सीजेपी के नेताओं ने ऐलान किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे। एक तरफ जहां संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर बहस छिड़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह के उग्र प्रदर्शनों और कानूनी कार्रवाइयों ने देश की राजनीति को एक बार फिर चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

उत्तराखंड में एसआईआर अभियान का बड़ा असर: देहरादून में घटे करीब 3 लाख मतदाता, राजनीतिक दलों के समीकरण बदलेNATIONAL

उत्तराखंड में एसआईआर अभियान का बड़ा असर: देहरादून में घटे करीब 3 लाख मतदाता, राजनीतिक दलों के समीकरण बदले

4 अक्टू॰48
मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा राजनीतिक हमला: बोले- मौजूदा लोकसभा और सभी विधानसभाएं अवैध, बैलेट पेपर से हों चुनावNATIONAL

मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा राजनीतिक हमला: बोले- मौजूदा लोकसभा और सभी विधानसभाएं अवैध, बैलेट पेपर से हों चुनाव

4 अक्टू॰28
यूपी चुनाव से पहले भाजपा की नई मीडिया टीम का ऐलान: 31 प्रवक्ता और 25 पैनलिस्ट नियुक्तNATIONAL

यूपी चुनाव से पहले भाजपा की नई मीडिया टीम का ऐलान: 31 प्रवक्ता और 25 पैनलिस्ट नियुक्त

4 अक्टू॰39
अभिजीत दीपके के आंदोलन पर बड़ा एक्शन: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद एक्स पोस्ट बैन, मुंबई पुलिस ने दर्ज किया केसNATIONAL

अभिजीत दीपके के आंदोलन पर बड़ा एक्शन: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद एक्स पोस्ट बैन, मुंबई पुलिस ने दर्ज किया केस

4 अक्टू॰30
वोट चोरी के आरोपों पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत: कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने, सड़क से सदन तक छिड़ी जंगNATIONAL

वोट चोरी के आरोपों पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत: कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने, सड़क से सदन तक छिड़ी जंग

3 अक्टू॰28
बच्चों की आड़ में सियासत: प्रदर्शन में नाबालिगों के इस्तेमाल पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एफआईआर के निर्देशNATIONAL

बच्चों की आड़ में सियासत: प्रदर्शन में नाबालिगों के इस्तेमाल पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एफआईआर के निर्देश

3 अक्टू॰50
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर सियासी पारा हाई: अभिजीत दीपके के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा, लगाए तीखे नारेNATIONAL

मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर सियासी पारा हाई: अभिजीत दीपके के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा, लगाए तीखे नारे

3 अक्टू॰40