शेयर बाजार में आईपीओ की धूम, निवेशकों ने दिखाया भारी उत्साह
भारतीय शेयर बाजार इन दिनों प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी का गवाह बन रहा है। हाल ही में खुले एक नए पब्लिक इश्यू ने बाजार में निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस आईपीओ के तहत दांव लगाने का मौका आखिरी दिन तक खुला रहा, जिसके दौरान आम और संस्थागत निवेशकों ने बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। शुरुआती दो दिनों की सुस्त रफ्तार के बाद अंतिम घंटों में बोलियों का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसने इस इश्यू को बेहद लोकप्रिय बना दिया।
वित्तीय बाजार के जानकारों का मानना है कि छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों ने इस बार बेहतर रिटर्न की उम्मीद के साथ अपना पैसा लगाया है। ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर जिस तरह का सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है, उससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा इस बिजनेस मॉडल पर मजबूत है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और इसके उत्पादों की बाजार में मांग को देखते हुए यह रुझान आगे भी बना रह सकता है।
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अंतिम दिन 18 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट का गणित
इस आईपीओ को निवेशकों की तरफ से मिली प्रतिक्रिया बेहद शानदार रही है। बोली प्रक्रिया के समापन तक इस पूरे इश्यू को कुल मिलाकर 18.07 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया। कंपनी की तरफ से कुल 78.72 लाख शेयर बाजार में उतारे गए थे, जिसके मुकाबले निवेशकों ने कई गुना अधिक बोलियां लगाईं। खुदरा निवेशकों के कोटे में भी अच्छी खासी मांग देखने को मिली, जहां तय शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने जमकर दांव खेला।
दूसरी तरफ, अनौपचारिक बाजार यानी ग्रे मार्केट में इस शेयर की कीमत लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। मौजूदा समय में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 28 प्रतिशत के मजबूत दायरे में ट्रेड कर रहा है। ऊपरी प्राइस बैंड को आधार मानकर चलें तो निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छे मुनाफे की उम्मीद बंध गई है। हालांकि, वित्तीय विश्लेषक यह भी सलाह देते हैं कि ग्रे मार्केट के आंकड़े पूरी तरह अनौपचारिक होते हैं और वास्तविक लिस्टिंग इन दरों से अलग भी हो सकती है।
प्राइस बैंड और निवेश से जुड़ी जरूरी बातें
कंपनी ने इस आईपीओ के लिए जो प्राइस बैंड तय किया था, उसके तहत निवेशकों को प्रति शेयर 126 रुपये से 134 रुपये के बीच बोली लगानी थी। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए न्यूनतम एक लॉट यानी 111 शेयरों के लिए आवेदन करना अनिवार्य था। यदि किसी निवेशक ने सबसे ऊपरी प्राइस बैंड यानी 134 रुपये के हिसाब से एक लॉट के लिए आवेदन किया है, तो उसे लगभग 14,874 रुपये की पूंजी लगानी पड़ी है।
छोटे खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक ने इस सीमा के भीतर अपनी सुविधानुसार बोलियां प्रस्तुत की हैं। कम पूंजी वाले निवेशकों के लिए भी यह प्राइस रेंज काफी सुलभ मानी जा रही है, यही वजह है कि रिटेल सेगमेंट में भी शेयरों को खरीदने के लिए होड़ सी मची रही। कंपनी प्रबंधन और मर्चेंट बैंकरों ने इश्यू की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सुनियोजित तरीके से संचालित किया है।
ऑटोमोटिव सेक्टर में मजबूत पकड़ रखती है कंपनी
यह कंपनी जनवरी 1995 में वजूद में आई थी और आज के समय में यह ड्राइवलाइन सिस्टम के लिए प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन पार्ट्स तैयार करने वाली एक प्रमुख वर्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी बन चुकी है। बाजार में इसके उत्पादों की एक लंबी श्रृंखला है, जिसमें पांच हजार से अधिक स्टॉक कीपिंग यूनिट्स यानी एसकेयू शामिल हैं। इनमें प्रिसिजन-मशीन्ड टॉर्क-ट्रांसमिशन पार्ट्स के अलावा फोर्ज्ड और असेंबल किए गए उपकरण भी मुख्य रूप से आते हैं।
कंपनी का कारोबार केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कमर्शियल वाहनों के साथ-साथ एसयूवी, डिफेंस सेक्टर, आपातकालीन सेवाओं, भारी उपकरणों और औद्योगिक मशीनों के लिए भी जरूरी कलपुर्जे उपलब्ध कराती है। कंपनी के पास इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग की आधुनिक सुविधाएं हैं, जिनमें फोर्जिंग, सटीक मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट और टेस्टिंग जैसी तमाम प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता पर पूरा नियंत्रण बना रहता है।
आगे की क्या है समय सारिणी और जरूरी निर्देश
आईपीओ की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरणों में पहुंच चुकी है। बोली प्रक्रिया बंद होने के बाद अब निवेशकों की निगाहें शेयर आवंटन यानी अलॉटमेंट पर टिकी हुई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शेयरों के आवंटन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके खातों में पैसे वापस लौटने की प्रक्रिया भी निर्धारित समय के भीतर शुरू कर दी जाएगी।
सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने के बाद, इस कंपनी के शेयर तय तारीख पर देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाएंगे। बाजार पंडितों का सुझाव है कि निवेशकों को लिस्टिंग के दिन बाजार की चाल को देखते हुए ही अपनी रणनीति तय करनी चाहिए और किसी भी फैसले से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लेनी चाहिए।
"शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के फंडामेंटल और वित्तीय दस्तावेजों की पूरी जांच कर लेनी चाहिए ताकि अनपेक्षित जोखिमों से बचा जा सके।" — बाजार विशेषज्ञ, द फ्रीलांस








