समुद्र के रास्ते भारत में जहर घोलने की बड़ी साजिश नाकाम
भारतीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। अरब सागर के विशाल विस्तार में चलाए गए एक सुनियोजित खुफिया अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने नशीले पदार्थों के एक बहुत बड़े जखीरे को पकड़ा है। इस सनसनीखेज कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के करीब एक संदिग्ध ईरानी नाव को इंटरसेप्ट किया गया, जिस पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की इस मुस्तैदी से देश के भीतर युवाओं की नसों में जहर घोलने की एक और खतरनाक कोशिश को समय रहते विफल कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारियों के अनुसार, यह पूरा अभियान केंद्रीय खुफिया एजेंसियों, गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल के बीच बेहतरीन तालमेल का परिणाम है। पिछले कुछ दिनों से लगातार मिल रहे खुफिया इनपुट के आधार पर समुद्र और हवा दोनों मोर्चों पर निगरानी बढ़ा दी गई थी। तटरक्षक बलों के जहाजों और निगरानी विमानों ने संदिग्ध जहाजों की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया था, जिसके बाद इस सटीक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
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लक्षद्वीप के पास अरब सागर में चला हॉट परस्यूट ऑपरेशन
कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को लक्षद्वीप के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में एक संदिग्ध नौका के सक्रिय होने की पुख्ता सूचना मिली। भारतीय तटरक्षक बल की यूनिट्स ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इस ईरानी 'धौ' यानी पारंपरिक नौका की पहचान की। जैसे ही सुरक्षाबलों ने संदिग्ध नौका को रुकने का इशारा किया, चालक दल ने अपनी हरकतों से भागने की कोशिश की, जिसके बाद समंदर में एक रोमांचक और खतरनाक 'हॉट परस्यूट' यानी पीछा करने का सिलसिला शुरू हुआ।
तटरक्षक बलों ने अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए न केवल उस संदिग्ध नौका का पीछा किया, बल्कि बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उसके करीब पहुंचकर उस पर सवार भी हो गए। नौका की सघन तलाशी लिए जाने पर सुरक्षाबलों के होश उड़ गए, क्योंकि वहां बोरियों और गुप्त खानों में छिपाकर रखा गया मादक पदार्थों का भारी जखीरा मिला। इस नाव पर पांच पाकिस्तानी नागरिक सवार थे, जिन्हें तुरंत अपनी गिरफ्त में ले लिया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन हजार करोड़ से अधिक है मादक पदार्थों की कीमत
जब्त किए गए नशीले पदार्थों की मात्रा और गुणवत्ता ने एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नौका से कुल 526 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाले प्रतिबंधित ड्रग्स बरामद किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से अत्याधुनिक हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल हैं, जिनकी तस्करी दुनिया भर के कुख्यात सिंडिकेट करते हैं। वैश्विक काले बाजार में इन मादक पदार्थों की कुल कीमत तीन हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है।
यह इस साल समंदर के रास्ते पकड़े गए सबसे बड़े ड्रग्स जखीरों में से एक है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की खेप का पकड़ा जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय तस्कर भारतीय तटों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने इन असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई बंदरगाह पहुंचे आरोपी और ज़ब्त खेप
समुद्र के बीचों-बीच चली इस सफल कार्रवाई के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने पकड़ी गई संदिग्ध नौका, उस पर सवार पांचों पाकिस्तानी नागरिकों तथा बरामद किए गए सभी 526 किलो नशीले पदार्थों को अपनी कड़ी सुरक्षा घेराबंदी में मुंबई पोर्ट पर पहुंचाया। मुंबई पहुंचने के बाद अब देश की तमाम प्रमुख सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से इन आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
जांच का मुख्य केंद्र इस बात का पता लगाना है कि यह खेप पाकिस्तान के किस बंदरगाह से चली थी और इसे समंदर के रास्ते भारत के किस हिस्से या अन्य देश में पहुंचाया जाना था। इसके अलावा, इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़े अन्य स्लीपर सेल और भारतीय मददगारों के बारे में भी सुराग जुटाए जा रहे हैं ताकि इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों को काटा जा सके।
भारत सरकार की 'नशा मुक्त भारत' और जीरो टॉलरेंस नीति
देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों का रुख बेहद कड़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बाद भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना और विभिन्न राज्यों की एटीएस ने मिलकर समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कस दिया है। देश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ लगातार चलाए जा रहे अभियानों ने ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
"भारतीय तटरक्षक बल हमारी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करने, नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को पाने के लिए ड्रग सिंडिकेट को खत्म करने और देश को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों से बचाने के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध है।" — रक्षा एवं सुरक्षा विशेषज्ञ
तटरक्षक अधिकारियों का कहना है कि भारत की समुद्री सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और निगरानी तंत्र अब पहले से कहीं अधिक आधुनिक और चौकस हो चुका है। अंतरिक्ष आधारित सर्विलांस से लेकर अत्याधुनिक जहाजों और विमानों की गश्त ने तस्करों के लिए भारतीय जलक्षेत्र में सेंध लगाना लगभग असंभव बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।








