हैदराबाद के होटल में बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां के एक होटल के कमरे के अंदर एक 34 वर्षीय बैंककर्मी महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतका की पहचान बी. सिरिशा के रूप में हुई है, जो विकाराबाद जिले के नगासमुद्रम की रहने वाली थीं और एक बैंक में कस्टमर-केयर एक्जीक्यूटिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है और युद्धस्तर पर मामलों की तहकीकात शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना शहर के एक चर्चित इलाके में स्थित होटल की है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका के साथ एक युवक भी आया था, जो होटल के कमरे में कुछ समय बिताने के बाद सुबह तड़के ही वहां से फरार हो गया। होटल के कर्मचारियों और प्रबंधन ने जब कमरे की तरफ कोई सुगबुगाहट नहीं देखी और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तब जाकर इस भयानक राज से पर्दा उठा। इसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़कर या खोलकर शव को अपने कब्जे में लिया।
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फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे ली गई थी होटल में एंट्री
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला पहलू होटल में चेक-इन करने के दौरान अपनाए गए तौर-तरीकों का है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि मृत महिला बी. सिरिशा और उसके साथ मौजूद मुख्य आरोपी ए. श्रीनिवास ने होटल में कमरा हासिल करने के लिए फर्जी नामों और जाली पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। होटल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जब पुलिस ने बारीकी से छानबीन की, तो पता चला कि आरोपी श्रीनिवास ने अपना नाम 'गणेश' लिखवाया था, जबकि सिरिशा का नाम 'दुर्गा' दर्ज कराया गया था। दोनों ने होटल के कमरा नंबर में शरण ली थी और खुद को एक जोड़ा बताकर वहां रुके थे।
पुलिस अब यह पता लगाने की गंभीर कोशिश कर रही है कि आखिर इन दोनों ने अपनी असली पहचान क्यों छिपाई और फर्जी नामों के सहारे होटल में रुकने के पीछे उनकी क्या सोची-समझी साजिश थी। दस्तावेजों में इस तरह की हेराफेरी यह साफ इशारा करती है कि इस घटना के पीछे कोई गहरी प्लानिंग या सोची-समझी रणनीति हो सकती है। होटल के रिसेप्शन काउंटर पर जमा कराए गए आईडी कार्ड्स की भी प्रामाणिकता जांची जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि वे दस्तावेज असली थे या पूरी तरह से फर्जी तैयार किए गए थे।
सुबह तड़के चकमा देकर फरार हुआ मुख्य आरोपी
घटना के चश्मदीद होटल स्टाफ और रिसेप्शन पर मौजूद कर्मियों ने पुलिस को जो बयान दिए हैं, वे इस मामले को और अधिक पेचीदा बनाते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे मुख्य आरोपी ए. श्रीनिवास अकेले ही रिसेप्शन पर पहुंचा। उसने होटल के कर्मचारियों को यह कहकर गुमराह किया कि उसकी साथी सिरिशा अभी कमरे में आराम कर रही हैं और वह सुबह नाश्ता करने के बाद खुद ही होटल से चेक-आउट करेंगी। यह कहकर आरोपी बड़ी चालाकी से वहां से निकल भागा और उसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं चला।
जब काफी देर तक कमरे की तरफ से कोई हलचल नहीं हुई और तय समय पर भी चेक-आउट नहीं किया गया, तब होटल कर्मियों को शक हुआ। इसके बाद जब कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस को तुरंत इसकी जानकारी दी गई। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दरवाजा खोलकर भीतर दाखिल हुआ, जहां बिस्तर पर महिला का मृत शरीर पड़ा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में कई टीमों को विभिन्न ठिकानों पर रवाना कर दिया है।
पहचान की गुत्थी और अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड
इस सनसनीखेज मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य पुलिस के सामने आ रहे हैं। मृतका के पास से मिले आधार कार्ड में उसका नाम 'दुर्गा' दर्ज पाया गया है, जबकि पुलिस की शुरुआती तहकीकात में उसके पिछले इलाज से जुड़े एक निजी अस्पताल के रिकॉर्ड में उसका असली नाम 'सिरिशा' सामने आया। एक ही महिला के दो अलग-अलग नाम सामने आने से पुलिस भी असमंजस में है कि आखिर सच्चाई क्या है। इसके साथ ही पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि पूर्व में महिला का किसी निजी अस्पताल में इलाज हुआ था, जो कथित तौर पर उसके पति द्वारा किए गए किसी हमले के बाद कराया गया था। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट रूप से नहीं कह रही है कि इस पुरानी पारिवारिक कलह या हमले का इस हत्याकांड से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
"पुलिस इस मामले के हर एक पहलू की बेहद बारीकी से जांच कर रही है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हमारी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और बहुत जल्द उसे पकड़ लिया जाएगा।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी, हैदराबाद
होटल के सीसीटीवी फुटेज और आगे की कार्रवाई
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस अब एसआर नगर इलाके के होटल और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस यह ट्रैक करने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और मृतका होटल में किस वक्त और किस हालत में पहुंचे थे, उनके साथ कोई और तीसरा शख्स भी था या नहीं, और घटना के बाद आरोपी किस दिशा में फरार हुआ। होटल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स के तमाम वीडियो फुटेज को सुरक्षित कर लिया गया है और उनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि सबूतों की कोई कमी न रहे।
इसके अलावा, पुलिस उन तमाम लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने उस रात होटल परिसर में या आसपास संदिग्ध गतिविधियों को देखा होगा। होटल मालिकों और प्रबंधकों के लिए भी यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि वे मेहमानों को कमरे देते समय सरकार के तय दिशानिर्देशों और पहचान पत्रों की सत्यता का कड़ाई से पालन करें। हैदराबाद पुलिस का दावा है कि इस जघन्य वारदात की गुत्थी को बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा और हत्यारे को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।








