प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग का खौफनाक अंत
उत्तर प्रदेश के एक इलाके में हुई दो दोस्तों की सनसनीखेज हत्या के मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक धार्मिक स्थल की पवित्रता को कलंकित करते हुए मंदिर के भीतर ही दो युवकों की हत्या कर उनके शवों को जमीन में दफना दिया गया था। इस मामले की तह तक पहुंचने के बाद पुलिस ने जब पर्दाफाश किया, तो जो सच सामने आया उसने सबको हैरान कर दिया। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मंदिर का मुख्य पुजारी ही मास्टरमाइंड निकला, जिसने अपने ही प्रेम प्रसंग के राज खुलने के डर से इस दोहरे हत्याकांड की पटकथा लिखी थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि चांदीनगर क्षेत्र के एक मंदिर में रहने वाला पुजारी नरेश नाथ एक महिला के साथ अवैध संबंधों में लिप्त था। यह मामला तब गंभीर मोड़ पर आ गया जब मृत युवकों में से एक, अंकित, के हाथ पुजारी और उसकी प्रेमिका के कुछ निजी फोटो और आपत्तिजनक वीडियो लग गए। इन डिजिटल सबूतों के हाथ लगते ही ब्लैकमेलिंग का एक ऐसा खेल शुरू हुआ, जिसने आखिरकार दो जिंदगियों को लील लिया।
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अंकित और इसरार की गुमशुदगी से खुला था राज
घटना की शुरुआत 25 जुलाई को हुई थी, जब सिंगौली तगा निवासी 27 वर्षीय दिव्यांग युवक अंकित अपने दोस्त 34 वर्षीय इसरार के साथ बाइक पर सवार होकर घर से निकला था। दोनों ने कहा था कि वे कुछ काम से खेकड़ा जा रहे हैं, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। जब काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो 29 जुलाई को अंकित की बहन ने चांदीनगर थाने में दोनों के लापता होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जब अपनी जांच का दायरा बढ़ाया, तो शक की सुई मंदिर के पुजारी और उसके सहयोगियों की ओर घूमने लगी।
पुलिस ने अपनी तकनीक और सर्विलांस की मदद से कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। आखिरकार 13 अगस्त की तड़के पुलिस टीम ने लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर परिसर में दबिश दी। मंदिर के आंगन में एक हिस्से की खुदाई कराई गई, जहां से पुलिस को अंकित और इसरार दोनों के शव बरामद हुए। शवों को ठिकाने लगाने के बाद हत्यारों ने उस स्थान पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी थीं और ऊपर से धुना जलाकर सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी ताकि किसी को शक न हो।
चाय में नशीला पदार्थ देकर रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि इस पूरी वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था। मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ ने अपने दो चेलों—उज्ज्वल पांचाल और कृष्णा यादव के साथ मिलकर अंकित और इसरार को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया था। घटना वाले दिन जब अंकित अपने दोस्त इसरार के साथ मंदिर पहुंचा, तो उन्हें पहले चाय में नींद की गोलियां और नशीले इंजेक्शन दिए गए।
नशे की हालत में जब दोनों युवक अचेत हो गए, तब पुजारी और उसके शिष्यों ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से मंदिर परिसर के भीतर ही गड्ढा खोदकर दोनों के शवों को दफना दिया गया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों शिष्यों—उज्ज्वल और कृष्ण यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ पुलिस की पकड़ से बचकर भागने में कामयाब हो गया था।
"मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि मृत युवक अंकित उसकी बहन के साथ उसके संबंधों के आधार पर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और भारी रकम वसूल चुका था। वीडियो वायरल होने के डर से उसने अपने शिष्यों के साथ मिलकर इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।" — चांदीनगर थाना पुलिस
नेपाल से लेकर कोलकाता तक चला गिरफ्तारी का ड्रामा
हत्या की इस घटना को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ ने देश छोड़ने का फैसला किया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तारी के डर से वह सबसे पहले नेपाल भाग गया था। नेपाल में कुछ समय बिताने के दौरान वहां अचानक भीषण बाढ़ आ गई, जिससे उसके छिपने के ठिकाने तबाह हो गए। मजबूर होकर वह नेपाल से सीधे कोलकाता पहुंच गया।
कोलकाता पहुंचने के बाद शातिर पुजारी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए नया पैंतरा बदला। उसने अपने परिचितों की मदद ली और एक भिक्षु का रूप धारण करके रहने लगा। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने अपने पास मौजूद स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया और उसकी जगह एक बेहद साधारण छोटा फोन इस्तेमाल करने लगा ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। हालांकि, पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिर तंत्र ने आखिरकार उसका सुराग लगा ही लिया और कोलकाता से उसे धर दबोचा।
जेल में बयानों से खुला ब्लैकमेलिंग का पूरा सच
हाल ही में पुलिस ने न्यायालय से अनुमति प्राप्त करने के बाद जेल पहुंचकर हत्यारोपी पुजारी नरेश नाथ के विस्तृत बयान दर्ज किए। बयानों में पुजारी ने स्वीकार किया कि अंकित उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। वह न केवल मंदिर छोड़ने की धमकी देता था, बल्कि अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का डर दिखाकर बार-बार उससे मोटी रकम ऐंठ रहा था। घटना वाले दिन भी जब अंकित ने उसे दोबारा ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तो उसके सब्र का बांध टूट गया और उसने खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बाइक और मृतका का मोबाइल फोन पूर्वी यमुना नहर और यमुना नदी से बरामद करने के प्रयास किए हैं। इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध की दुनिया में छिपा हर राज आखिरकार सामने आ ही जाता है, चाहे आरोपी देश के किसी भी कोने में जाकर छिपने की कोशिश क्यों न कर ले।







