सहकारिता आंदोलन की मजबूती और आम आदमी का भरोसा
देशभर में सहकारिता आंदोलन (Cooperative Movement) ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। समय के साथ को-ऑपरेटिव बैंकों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार किया है और तकनीक को अपनाया है, जिसके चलते आम जनता का इन वित्तीय संस्थानों पर भरोसा तेजी से बढ़ा है। छोटे निवेशकों, व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने में ये बैंक अहम भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुई वार्षिक बैठकों में इन संस्थानों के आंकड़े बताते हैं कि सही प्रबंधन और पारदर्शिता के साथ काम करने पर को-ऑपरेटिव बैंक भी बड़े व्यावसायिक बैंकों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों और कस्बों में संचालित होने वाले बैंक स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराते हैं। यही वजह है कि इन बैंकों से जुड़ने वाले सदस्यों और खाताधारकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल ही में हुई एक ऐसी ही महत्वपूर्ण बैठक में बैंक की वित्तीय प्रगति का पूरा लेखा-जोखा पेश किया गया, जिसने सहकारिता जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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अध्यक्षीय प्रतिवेदन में सामने आए शानदार वित्तीय आंकड़े
हाल ही में संपन्न हुई बालोतरा अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की 26वीं वार्षिक आमसभा में बैंक की वित्तीय सेहत से जुड़े कई सकारात्मक आंकड़े सामने आए। बैंक अध्यक्ष अशोक कुमार सिंघवी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वित्तीय वर्ष का विस्तृत प्रतिवेदन पेश किया गया। अध्यक्ष ने बैंक की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था लगातार तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रही है और इसके सदस्यों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, बैंक की हिस्सा पूंजी (Share Capital) बढ़कर 7.05 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि बैंक के पास कुल जमाएं (Deposits) 233.27 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा, जरूरतमंदों और व्यापारियों को दिए गए ऋण (Loans) का आंकड़ा 129.76 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। इन सभी सकारात्मक पहलों के परिणामस्वरूप बैंक का शुद्ध लाभ (Net Profit) 1.55 करोड़ रुपए रहा, जिससे संस्था की आर्थिक स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत नजर आती है।
बढ़ता कारोबार और ग्राहकों के लिए नई डिजिटल सुविधाएं
वित्तीय वर्ष के दौरान बैंक के कुल कारोबार (Total Business) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। बैंक का कुल व्यवसाय अब बढ़कर 363.03 करोड़ रुपए के मुकाम पर पहुंच गया है। प्रबंध संचालक गौतम जैन ने पिछली वार्षिक आमसभा की कार्यवाही का पाठ किया, जिसकी उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से पुष्टि की। बैठक में यह भी बताया गया कि बैंक अपने ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैंक की ओर से एक विशेष मिस्ड कॉल सेवा शुरू की गई है। इसके तहत खाताधारक अपने बैंक खाते के बैलेंस की जानकारी घर बैठे सिर्फ एक मिस्ड कॉल से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ग्राहकों को निर्धारित नंबर 8806442262 पर मिस्ड कॉल देनी होगी, जिससे कुछ ही सेकंड में बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी। इस डिजिटल पहल से बुजुर्गों और तकनीक से कम परिचित ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।
बुनियादी ढांचे का विस्तार और नई शाखाओं का लोकार्पण
बैंक के विस्तार योजनाओं पर बात करते हुए अध्यक्ष अशोक कुमार सिंघवी ने बताया कि ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बैंक के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौर का चौक शाखा के नए भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन का लोकार्पण जल्द ही किया जाएगा, जिससे ग्राहकों को और अधिक सुगम और आरामदायक बैंकिंग वातावरण मिल सकेगा।
"सहकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए हमारा मुख्य उद्देश्य हर सदस्य और ग्राहक को बेहतर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। आने वाले दिनों में बैंक के दायरे को और बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।" — अशोक कुमार सिंघवी, बैंक अध्यक्ष
इस प्रकार के बुनियादी विकास कार्यों से न केवल बैंक की कार्यकुशलता बढ़ती है बल्कि स्थानीय स्तर पर ग्राहकों का अनुभव भी बेहतर होता है। नए भवन के शुरू होने से बैंकिंग कार्यों में तेजी आएगी और अधिक संख्या में लोग बैंक की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सदस्यों के बहुमूल्य सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना
वार्षिक आमसभा के दौरान एक खुली चर्चा का सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बैंक के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख सदस्यों में भैरूलाल नामा, मांगीलाल, रामेश्वरी चौधरी, मेवाराम पंवार, साईना बानो और केवलचंद प्रजापत शामिल रहे। इन सदस्यों ने बैंक की सेवाओं को और बेहतर बनाने, ऋण प्रक्रिया को सरल करने तथा अधिक लोगों तक पहुंचने के संबंध में कई रचनात्मक सुझाव दिए।
बैठक में उपाध्यक्ष गणपतलाल ढेलड़िया, संचालक अरिहंत तातेड़, डॉ. घेवरराम भील, चंद्रादेवी बालड़, तारा खत्री, भूपतराज कोठारी, महेंद्र कुमार वैद, ललीत कुमार प्रजापत, लालचंद पुनीत, वीरमचंद जैन, सहवृत संचालक पवन कुमार बांठिया, अभिषेक गुप्ता, रमेश कुमार जाटोल और देवाराम चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपाध्यक्ष गणपतलाल ढेलड़िया ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया और सहकारिता की भावना को बनाए रखने का आह्वान किया।


