होम/देश/बिहार एमएलसी चुनाव: एनडीए की घेराबंदी और इंडिया गठबंधन में बिखराव का सियासी गणित
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

बिहार एमएलसी चुनाव: एनडीए की घेराबंदी और इंडिया गठबंधन में बिखराव का सियासी गणित

बिहार विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी दफ्तर में एनडीए के घटक दलों की मैराथन बैठकों के बीच, दूसरी तरफ आरजेडी के उम्मीदवारों के ऐलान से नाराज कांग्रेस सभी सीटों पर अकेले प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•1 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•42
🌐Read in English →
शेयर करें:
बिहार एमएलसी चुनाव: एनडीए की घेराबंदी और इंडिया गठबंधन में बिखराव का सियासी गणित
📷 बिहार एमएलसी चुनाव: एनडीए की घेराबंदी और इंडिया गठबंधन में बिखराव का सियासी गणित — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • बिहार विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी दफ्तर में एनडीए के घटक दलों की मैराथन बैठकों के बीच, दूसरी तरफ आरजेडी के उम्मीदवारों के ऐलान से नाराज कांग्रेस सभी सीटों पर अकेले प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

पटना: 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के राजनीतिक गलियारों में विधान परिषद (MLC) की 8 खाली सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर तापमान लगातार बढ़ रहा है। पटना के बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एनडीए के शीर्ष नेताओं की मैराथन बैठकें इस बात का स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि सत्ताधारी गठबंधन इस चुनाव में कोई भी कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता। जमीन पर उतरी हमारी टीम ने जब अंदरखाने की पड़ताल की, तो कई चौकाने वाले सियासी समीकरण सामने आए।

एनडीए का 'जीत का प्लान' और बीजेपी दफ्तर में हलचल

बीजेपी कार्यालय में पिछले कई घंटों से चल रही बैठकों का मुख्य एजेंडा इन 8 एमएलसी सीटों पर एनडीए की एकजुटता को और मजबूत करना है। लोकसभा चुनाव के ठीक बाद हो रहे इन विधान परिषद चुनावों को एनडीए अपनी ताकत दिखाने के एक और बड़े मौके के रूप में देख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन पर लगभग सहमति बन चुकी है, लेकिन औपचारिक मुहर लगना बाकी है। गठबंधन के सभी प्रमुख घटक दल—जेडीयू, बीजेपी और अन्य सहयोगी—इस बार आपसी समन्वय के साथ मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं ताकि विपक्ष को किसी भी प्रकार की सेंधमारी का मौका न मिल सके।

संबंधित खबरें

हसन नवाज के विवादित बोल और पाकिस्तानी क्रिकेट का कड़वा सच

हसन नवाज के विवादित बोल और पाकिस्तानी क्रिकेट का कड़वा सच

फेस्टिव सीजन से ठीक पहले रसोई और बाजार पर महंगाई की मार, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़े

फेस्टिव सीजन से ठीक पहले रसोई और बाजार पर महंगाई की मार, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़े

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल दोषी करार, अभियोजन पक्ष ने मांगी फांसी

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल दोषी करार, अभियोजन पक्ष ने मांगी फांसी

पंजाब में 'चिट्टा' खत्म करने की डेडलाइन: शाह के वादे पर कितनी सियासत और कितना सच?

पंजाब में 'चिट्टा' खत्म करने की डेडलाइन: शाह के वादे पर कितनी सियासत और कितना सच?

सूरत का खौफनाक राज: 4 साल तक घर में छिपाए रखे 3 कत्ल, आंगन से मिले कंकाल

सूरत का खौफनाक राज: 4 साल तक घर में छिपाए रखे 3 कत्ल, आंगन से मिले कंकाल

इंडिया गठबंधन: क्या यह मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का स्वर्णकाल है या अंदरूनी कलह का शिकार?

इंडिया गठबंधन: क्या यह मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का स्वर्णकाल है या अंदरूनी कलह का शिकार?

भारत-यूएई पनडुब्बी तेल पाइपलाइन: होर्मुज संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा की एक नई भू-राजनीतिक बिसात

भारत-यूएई पनडुब्बी तेल पाइपलाइन: होर्मुज संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा की एक नई भू-राजनीतिक बिसात

मानसून की विदाई और 51% भारत में सूखा: मौसम के इस চরম असंतुलन से क्या है बड़ा खतरा

मानसून की विदाई और 51% भारत में सूखा: मौसम के इस চরম असंतुलन से क्या है बड़ा खतरा

जेडीयू की खास रणनीति: दिग्गजों पर दांव लगाने की तैयारी

इस सियासी उठापटक के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी ने अपने संभावित उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। चर्चा है कि दरभंगा सीट से दिलीप चौधरी को पार्टी मैदान में उतार सकती है, वहीं नीरज कुमार समेत चार अन्य नामों पर भी अंदरखाने गहन मंथन चल रहा है। जेडीयू का पूरा जोर जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय प्रभाव को साधते हुए मजबूत चेहरों पर दांव लगाने का है, ताकि सदन के भीतर पार्टी की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। हालांकि, इन नामों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो चुकी है।

इंडिया गठबंधन में दरार: आरजेडी के बाद कांग्रेस के तेवर तल्ख

एक तरफ जहां एनडीए अपनी रणनीति को अमली जामा पहनाने में जुटी है, वहीं विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन में ऑल इज वेल नजर नहीं आ रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी खासी नाराज बताई जा रही है। कांग्रेस खेमे का मानना है कि सीटों के बंटवारे या उम्मीदवारों के चयन से पहले उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया। इस एकतरफा फैसले से बिफरी कांग्रेस अब बगावती तेवर अपनाते हुए बिहार एमएलसी चुनाव की सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो विपक्ष की एकजुटता को एक बड़ा झटका लग सकता है और इसका सीधा फायदा सत्ता पक्ष को मिल सकता है।

पटना मरीन ड्राइव गोलंबर का नया सियासी सिगूफा

इन सब के बीच राजधानी पटना में एक और मांग ने जोर पकड़ लिया है, जो राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है। पटना मरीन ड्राइव के एक गोलंबर का नाम दिवंगत कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के नाम पर रखने की मांग उठाई गई है। इसे लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस मांग के पीछे भी आगामी चुनावों को देखते हुए दलित वोटबैंक को अपने पाले में खींचने की एक सूक्ष्म सियासत काम कर रही है।

भविष्य का असर और निष्कर्ष

'द फ्रीलान्स' के स्वतंत्र विश्लेषण के मुताबिक, बिहार के ये एमएलसी चुनाव भले ही प्रत्यक्ष जनता के बीच न हो, लेकिन यह आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की ताकत और उनके आंतरिक अनुशासन का एक बड़ा लिटमस टेस्ट साबित होने वाले हैं।

जमीनी हकीकत यह है कि एनडीए जहां अपनी रणनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन कर रहा है, वहीं विपक्षी खेमे में आपसी खींचतान और संवादहीनता एक बार फिर सतह पर आ गई है। जैसे-जैसे नामांकन और चुनाव की तारीखें नजदीक आएंगी, बिहार की राजनीति में और अधिक रोमांचक मोड़ देखने को मिलेंगे। 'द फ्रीलान्स' की इस खबर पर पैनी नजर बनी रहेगी।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

हसन नवाज के विवादित बोल और पाकिस्तानी क्रिकेट का कड़वा सचPOLITICS

हसन नवाज के विवादित बोल और पाकिस्तानी क्रिकेट का कड़वा सच

1 अक्टू॰30
फेस्टिव सीजन से ठीक पहले रसोई और बाजार पर महंगाई की मार, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़ेNATIONAL

फेस्टिव सीजन से ठीक पहले रसोई और बाजार पर महंगाई की मार, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़े

1 अक्टू॰49
मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल दोषी करार, अभियोजन पक्ष ने मांगी फांसीCRIME

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल दोषी करार, अभियोजन पक्ष ने मांगी फांसी

1 अक्टू॰24
पंजाब में 'चिट्टा' खत्म करने की डेडलाइन: शाह के वादे पर कितनी सियासत और कितना सच?NATIONAL

पंजाब में 'चिट्टा' खत्म करने की डेडलाइन: शाह के वादे पर कितनी सियासत और कितना सच?

1 अक्टू॰37
सूरत का खौफनाक राज: 4 साल तक घर में छिपाए रखे 3 कत्ल, आंगन से मिले कंकालCRIME

सूरत का खौफनाक राज: 4 साल तक घर में छिपाए रखे 3 कत्ल, आंगन से मिले कंकाल

1 अक्टू॰31
इंडिया गठबंधन: क्या यह मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का स्वर्णकाल है या अंदरूनी कलह का शिकार?NATIONAL

इंडिया गठबंधन: क्या यह मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का स्वर्णकाल है या अंदरूनी कलह का शिकार?

1 अक्टू॰25
भारत-यूएई पनडुब्बी तेल पाइपलाइन: होर्मुज संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा की एक नई भू-राजनीतिक बिसातNATIONAL

भारत-यूएई पनडुब्बी तेल पाइपलाइन: होर्मुज संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा की एक नई भू-राजनीतिक बिसात

1 अक्टू॰49
मानसून की विदाई और 51% भारत में सूखा: मौसम के इस চরম असंतुलन से क्या है बड़ा खतराBUSINESS

मानसून की विदाई और 51% भारत में सूखा: मौसम के इस চরম असंतुलन से क्या है बड़ा खतरा

1 अक्टू॰33