जम्मू-कश्मीर की वादियों में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों का लोहा मनवाने वाला ऑपरेशन सफल रहा है। 'द फ्रीलान्स' की ऑन-द-ग्राउंड पड़ताल और खुफिया इनपुट के अनुसार, बडगाम जिले के दुर्गम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पिछले कई घंटों से चल रही भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैतायबा के एक बेहद खतरनाक कमांडर को ढेर कर दिया है। इस ऑपरेशन को स्थानीय सैन्य हलकों में 'ऑपरेशन अशदर' नाम दिया गया था, जिसने घाटी में सक्रिय आतंकी सिंडिकेट की कमर तोड़ कर रख दी है।
यूसमर्ग के ऊंचे इलाकों में छिपा था मोस्ट वांटेड
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों को सुराग मिला था कि कुछ विदेशी आतंकवादी बडगाम के यूसमर्ग सेक्टर के घने जंगलों और दुर्गम ऊंचाइयों पर शरण लिए हुए हैं। ये वही इलाके हैं जहां सर्दियों और बारिश के मौसम में विजिबिलिटी कम होती है और आतंकियों को छिपने के प्राकृतिक ठिकाने मिल जाते हैं। जैसे ही सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने घेराबंदी शुरू की, वैसे ही छिपे हुए आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी। हमारी फील्ड टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी बताती है कि यह ऑपरेशन बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया गया ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आतंकियों को नेस्तनाबूद किया जा सके।
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कौन था मारा गया पाकिस्तानी कमांडर मूसा उर्फ सुलेमान?
मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक सुलेमान शाह उर्फ मूसा (जिसे कुछ रिपोर्टों में यासिर भी कहा गया है) के रूप में हुई है। वह लश्कर-ए-तैतायबा का एक कुख्यात और मोस्ट वांटेड कमांडर था जो लंबे समय से सुरक्षाबलों के राडार पर था। मूसा न केवल बडगाम बल्कि आसपास के जिलों में भी कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसका खात्मा इस क्षेत्र में लश्कर के ऑपरेशनल ढांचे के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। वह युवाओं को बरगलाने और स्थानीय स्तर पर स्लीपर सेल एक्टिवेट करने की साजिशों में भी मुख्य रूप से शामिल था।
'भाग सकते हो, बच नहीं सकते...' - सुरक्षाबलों का कड़ा संदेश
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि घाटी में सक्रिय आतंकवादियों के पास अब सुरक्षाबलों के शिकंजे से बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। 'ऑपरेशन अशदर' के तहत जिस सटीकता से इस विदेशी कमांडर को खोजकर ढेर किया गया, वह भारतीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के बीच बेहतरीन तालमेल का नतीजा है। सैन्य अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि जो भी कानून और देश की शांति के खिलाफ हथियार उठाएगा, उसका यही हश्र होगा। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य संदिग्ध छिपा न हो।
घाटी में सुरक्षा समीकरण और भविष्य का असर
इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर के बाद बडगाम और श्रीनगर के आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी आकाओं द्वारा घाटी में अशांति फैलाने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन हमारे सुरक्षाबल हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं। मूसा जैसे खूंखार कमांडर का मारा जाना इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षाबल अब आतंकियों को उनके छिपने के ठिकानों पर ही मात दे रहे हैं। 'द फ्रीलान्स' इस ऑपरेशन से जुड़े हर नए अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए है।








