होम/देश/दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन: पुरानी इमारतों और स्मारकों को संवारने के लिए दो करोड़ रुपये तक देगी सरकार
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन: पुरानी इमारतों और स्मारकों को संवारने के लिए दो करोड़ रुपये तक देगी सरकार

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। 'हमारे स्मारक, हमारा गौरव' योजना के तहत पुरानी इमारतों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए संस्थाओं को भारी आर्थिक मदद दी जाएगी।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
22 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन: पुरानी इमारतों और स्मारकों को संवारने के लिए दो करोड़ रुपये तक देगी सरकार
📷 दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन: पुरानी इमारतों और स्मारकों को संवारने के लिए दो करोड़ रुपये तक देगी सरकार — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिल्ली सरकार की नई योजना के तहत स्मारकों और पुरानी इमारतों के जीर्णोद्धार के लिए दो करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
  • श्रेणी-ए के स्मारकों के संरक्षण के लिए 90 प्रतिशत और सरकारी संस्थाओं को पूरी 100 प्रतिशत फंडिंग मिलेगी।
  • यह पहल दिल्ली मुख्यमंत्री हेरिटेज रिवाइवल स्कीम के अंतर्गत शुरू की गई है, जिससे ऐतिहासिक धरोहरों को बचाया जा सकेगा।
प्रायोजित • SPONSOREDVoterAction Campaign Suite
VoterAction - कागज़ पर नहीं, ऐप पर लड़े जाते हैं चुनाव | अभियान की पूरी कमान

दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए बड़ा कदम

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अपनी समृद्ध और प्राचीन ऐतिहासिक विरासत के लिए दुनिया भर में पहचानी जाती है। यहां मुगल काल, सल्तनत काल और ब्रिटिश काल से जुड़ी तमाम इमारतें, हवेलियां और स्मारक आज भी मौजूद हैं जो हमारे गौरवशाली इतिहास की गवाही देते हैं। समय के साथ रखरखाव के अभाव में इनमें से कई इमारतें जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए अब दिल्ली सरकार ने बड़ा और अहम कदम उठाया है। राजधानी के पुराने स्मारकों को संवारने के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं और संगठनों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।

सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य शहर की उन ऐतिहासिक इमारतों को नया जीवन देना है जो अनदेखी या धन के अभाव में बर्बाद हो रही हैं। इस योजना के जरिए न केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण किया जाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी पुरानी संस्कृति और वास्तुकला की अमूल्य निशानियों को सहेज कर भी रखा जाएगा। सरकार की इस घोषणा से उन संगठनों को बड़ी राहत मिली है जो लंबे समय से हेरिटेज कंजर्वेशन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई

बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई

क्या है 'हमारे स्मारक, हमारा गौरव' योजना और इसके नियम?

दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई इस विशेष योजना का नाम 'हमारे स्मारक, हमारा गौरव' रखा गया है। इस योजना को दिल्ली मुख्यमंत्री हेरिटेज रिवाइवल स्कीम के तहत लागू किया गया है। योजना के नियमों के मुताबिक, सरकार किसी भी ऐतिहासिक परियोजना की लागत का सामान्य तौर पर 75 फीसदी हिस्सा खुद उठाएगी। इसके अलावा एक वित्तीय वर्ष में प्रति परियोजना अधिकतम दो करोड़ रुपये की भारी-भरकम सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

यह फंडिंग उन सभी पंजीकृत स्वैच्छिक संगठनों, ट्रस्टों और गैर-लाभकारी संस्थाओं को मिलेगी जो ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के कार्य में रुचि रखते हैं। इस वित्तीय मदद से संस्थाओं को काम कराने में पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे पूरी तन्मयता के साथ धरोहरों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने का काम कर सकेंगे।

श्रेणी-ए स्मारकों को 90% और सरकारी संस्थाओं को 100% फंडिंग

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें स्मारकों के वर्गीकरण और काम करने वाली संस्थाओं की प्रकृति के आधार पर फंडिंग का अनुपात तय किया गया है। इसके तहत श्रेणी-ए के स्मारकों के संरक्षण कार्यों के लिए सरकार 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान देगी। इससे इन अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील इमारतों की मरम्मत बेहतरीन तरीके से हो सकेगी।

वहीं दूसरी ओर, यदि कोई सरकारी संस्थान या निकाय इस प्रकार के संरक्षण कार्य को अपने हाथ में लेता है, तो उसे सरकार की तरफ से पूरे 100 फीसदी यानी शत-प्रतिशत फंडिंग दी जाएगी। इस प्रावधान से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर हेरिटेज साइट्स के विकास में पैसों की कोई बाधा न आए और काम पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा हो सके।

"दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत हमारे अतीत का वह आईना है जिसमें हमारी संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अनमोल विरासतों को सुरक्षित रखा जाए। इसके लिए वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।" — दिल्ली सरकार के संबंधित विभाग के अधिकारी

ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार से पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह कदम केवल ऐतिहासिक इमारतों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहर के पर्यटन उद्योग को भी एक नया पंख मिलेगा। जब शहर के प्राचीन स्मारक, हवेलियां और पुरानी दीवारें चमक उठेंगी, तो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए दिल्ली और अधिक आकर्षक पर्यटन केंद्र बन जाएगी।

हेरिटेज टूरिज्म बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गाइड, हस्तशिल्प व्यापारी और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों से जुड़े लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा, नागरिकों में भी अपने शहर के इतिहास को लेकर एक नई जागरूकता और गर्व की भावना पैदा होगी, जो हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

योजना का लाभ लेने के लिए क्या करनी होगी प्रक्रिया?

इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए इच्छुक स्वैच्छिक संस्थाओं और संगठनों को एक तयशुदा प्रक्रिया से गुजरना होगा। संस्थाओं को अपने प्रस्ताव विभाग के समक्ष रखने होंगे, जिसमें यह बताना होगा कि वे किस स्मारक के संरक्षण का काम करना चाहते हैं, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है और उस पर अनुमानित लागत कितनी आएगी।

सरकार की एक विशेष समिति इन प्रस्तावों की बारीकी से जांच करेगी और तकनीकी तथा ऐतिहासिक महत्व के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देगी। मंजूरी मिलने के बाद तय चरणों के हिसाब से अनुदान राशि जारी की जाएगी, ताकि काम में पूरी गुणवत्ता बनी रहे और तय समय सीमा के भीतर ऐतिहासिक इमारतों का पुनरुद्धार कार्य पूरा किया जा सके।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरलNATIONAL

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

25 सित॰
यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देशNATIONAL

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

25 सित॰
सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?NATIONAL

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

25 सित॰
प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरलNATIONAL

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

25 सित॰
महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयानNATIONAL

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

25 सित॰
शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवालNATIONAL

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

25 सित॰
डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियमNATIONAL

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

25 सित॰
बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाईNATIONAL

बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई

25 सित॰