राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के दावों की खुली पोल
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भले ही तमाम बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। ताजा मामला दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पॉश और संवेदनशील माने जाने वाले कालकाजी मंदिर इलाके से सामने आया है, जहां आस्था की आड़ में दरिंदगी का एक खौफनाक खेल खेला गया। यहाँ दर्शन करने आई एक 17 साल की नाबालिग लड़की को अपराधियों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजधानी के सार्वजनिक स्थल और पार्क भी अब सुरक्षित नहीं बचे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपनी जिंदगी के एक सामान्य दिन की तरह अपने एक दोस्त के साथ मंदिर आई थी। लेकिन किसे पता था कि कुछ ही पलों में उसकी जिंदगी का यह सबसे डरावना और काला दिन बन जाएगा। आरोपियों ने न केवल मासूम की अस्मत लूटी, बल्कि खाकी जैसे पवित्र और भरोसेमंद नाम का दुरुपयोग कर जनता के मन में कानून के प्रति डर का गलत फायदा उठाया। इस वारदात के सामने आने के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
संबंधित खबरें
कैसे हुई पूरी घटना: आस्था कुंज पार्क में रची गई साजिश
घटना की शुरुआत सोमवार की शाम करीब सात बजे हुई। पीड़िता अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंची थी। दोनों ने मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना की। इसके बाद, शाम करीब साढ़े सात बजे वे दोनों टहलने के लिए मंदिर के पास ही स्थित प्रसिद्ध 'आस्था कुंज पार्क' में चले गए। पार्क का माहौल शांत था और शाम ढल रही थी, इसलिए उन्हें किसी भी खतरे का अंदेशा नहीं था। वे पार्क के अंधेरे कोने में बातचीत कर रहे थे, तभी वहां कुछ ऐसा हुआ जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।
अंधेरे का फायदा उठाकर 25 से 30 वर्ष की आयु के तीन युवक अचानक उनके सामने आ गए। इन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए अपना रौब झाड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने धमकी दी कि पार्क में इस तरह घूमना गैरकानूनी है और वे इस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे। इससे पहले कि दोनों दोस्त कुछ समझ पाते या विरोध कर पाते, उनमें से एक बदमाश ने लड़की के दोस्त को जबरन दबोच लिया और उसे हिलने-डुलने या शोर मचाने से रोक दिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर नाबालिग के साथ इस घिनौनी और अमानवीय वारदात को अंजाम दिया।
जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए दरिंदे
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी राक्षसी प्रवृत्ति का परिचय देते हुए पूरी तरह बेखौफ नजर आए। उन्होंने जाते-जाते पीड़िता और उसके दोस्त को कड़ी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने इस घटना के बारे में किसी को भी कुछ बताया, तो वे उन्हें जान से मार देंगे। इसके बाद तीनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। डरे-सहमे पीड़ित किशोर-किशोरी ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी।
रात करीब 8:45 बजे पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) पर इस घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारी और पीसीआर वैन तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए पीड़िता को तुरंत चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल भेजा और कालकाजी थाने में पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई: मुठभेड़ के बाद एक आरोपी दबोचा
घटना के बाद हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस को मंगलवार तड़के करीब छह बजे एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस को सूचना मिली कि इस जघन्य अपराध में शामिल एक मुख्य आरोपी आसिफ अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर साउथ-ईस्ट दिल्ली की तरफ जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत अमर कॉलोनी इलाके में डीएम (DM) ऑफिस के पास नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध की घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, जब आरोपी आसिफ को अहसास हुआ कि वह पुलिस के जाल में फंस चुका है, तो उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। अपनी रक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे अपनी हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। मुठभेड़ स्थल पर फॉरेंसिक टीम (FSL) ने पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
"राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कालकाजी मंदिर के पास हुई इस घटना में शामिल एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है, और अन्य दो की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, दिल्ली पुलिस
बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संकट
कालकाजी मंदिर के पास हुई यह दर्दनाक घटना अकेली नहीं है, जिसने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया हो। ठीक इसके एक दिन पहले, यानी सोमवार की शाम को ही सेंट्रल दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड इलाके से भी एक नाबालिग बच्ची के साथ यौन हिंसा की ऐसी ही एक और शर्मनाक वारदात सामने आई थी। स्थानीय लोग एक 34 वर्षीय आरोपी अंकित को पकड़कर शिदीपुरा पुलिस चौकी लेकर पहुंचे थे, जिस पर बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप था। लगातार आ रहे ऐसे मामले इस बात की तस्दीक करते हैं कि समाज में विकृत मानसिकता किस हद तक हावी हो रही है।
बदलते दौर में जहां एक तरफ देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। जनता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि सिर्फ पुलिस की गश्त बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसे अपराधियों के मन में कानून का ऐसा खौफ पैदा करना होगा कि भविष्य में कोई भी इस तरह की घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके। फिलहाल पुलिस बाकी बचे दोनों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और दावा कर रही है कि उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।







