मुंबई की हाई-प्रोफाइल लाइफ और फिल्मी चमक-धमक के बीच अब आर्थिक घोटालों की तपिश तेज होती जा रही है। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता डिनो मोरिया एक बड़े वित्तीय विवाद के घेरे में आ गए हैं। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मीठी नदी से गाद निकालने (डीसिल्टिंग) के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में अभिनेता से लंबी पूछताछ की है। इस मामले ने न केवल मनोरंजन जगत बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर महानगरपालिका के फंड के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरा प्रकरण बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शहर की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना से जुड़ा है। मानसून के दौरान मुंबई में होने वाले जलभराव और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए नदी की सफाई का ठेका दिया गया था, जिसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और वित्तीय हेराफेरी के सबूत सामने आए हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस परियोजना के नाम पर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
65 करोड़ रुपये के कथित गबन का पूरा मामला
जांच के दायरे में आया मुख्य विषय मीठी नदी की सफाई के लिए आवंटित किए गए फंड का दुरुपयोग है। शुरुआती रिपोर्ट्स और पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरी परियोजना में लगभग 65 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का गबन किया गया है। नगर निकाय द्वारा मानसून पूर्व की तैयारियों और ड्रेनेज सुधार कार्यों के लिए भारी-भरकम बजट पास किया गया था, लेकिन धरातल पर काम की गुणवत्ता और बिलों में भारी अंतर पाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि कोच्चि स्थित एक निजी कंपनी 'मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' से विशेष ड्रेजिंग मशीनें और स्लज पुशर्स खरीदने के नाम पर भारी रकम ट्रांसफर की गई थी। हालांकि, जब स्वतंत्र रूप से इन भुगतानों और खरीद की फाइलों की जांच की गई, तो पता चला कि कागजों पर दिखाए गए खर्च और वास्तविक कार्यों में जमीन-आसमान का फर्क था। फर्जी बिलों और बढ़ी हुई लागत दिखाकर सरकारी धन को सुनियोजित तरीके से ठिकाने लगाया गया।
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मुख्य आरोपी के साथ संपर्कों और कॉल रिकॉर्ड्स का खुलासा
इस हाई-प्रोफाइल जांच में अभिनेता डिनो मोरिया का नाम तब सामने आया जब पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपियों—केतन कदम और जय जोशी—के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और वित्तीय लेन-देन की गहराई से छानबीन की। तकनीकी साक्ष्यों से यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी केतन कदम के साथ अभिनेता और उनके परिवार के सदस्यों की लगातार बातचीत होती रही है।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि निजी जान-पहचान के दायरे से आगे बढ़कर दोनों पक्षों के बीच कुछ वित्तीय लेनदेन भी हुए हैं। इसी संदिग्ध वित्तीय और व्यावसायिक संबंधों की सच्चाई का पता लगाने के लिए EOW ने अभिनेता को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। कमिश्नर कार्यालय में हुई इस मैराथन पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने अभिनेता से तमाम वित्तीय दस्तावेजों और संपर्कों को लेकर तीखे सवाल किए।
"मीठी नदी सफाई घोटाले और बीएमसी फंड के दुरुपयोग मामले में संलिप्तता की गहराई से जांच की जा रही है। मुख्य आरोपियों के साथ मिले डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर अभिनेता से पूछताछ की जा रही है ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक तस्वीर साफ हो सके।" — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आर्थिक अपराध शाखा (EOW)
केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर भी है यह पूरा प्रकरण
यह पहला मौका नहीं है जब डिनो मोरिया किसी बड़ी जांच एजेंसी के रडार पर आए हों। इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियां इस मामले में सक्रिय रही हैं। पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत मुंबई और कोच्चि समेत कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। उस दौरान भी जांच का मुख्य केंद्र वही लोग और कंपनियां थीं जो इस नदी सफाई घोटाले से जुड़े ठेकेदारों और नगर निकाय के अधिकारियों के संपर्क में थीं।
इसके अलावा, यह कानूनी शिकंजा ऐसे समय में कसा है जब अभिनेता के नाम की चर्चा कुछ अन्य संवेदनशील मामलों और पुरानी घटनाओं की जांच के दौरान भी सुर्खियों में रही है। बहरहाल, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस बात की तस्दीक करने में जुटी हैं कि क्या इस कथित घोटाले का दायरा सिर्फ स्थानीय ठेकेदारों तक सीमित था या इसमें कुछ हाई-प्रोफाइल चेहरे भी वित्तीय रूप से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे।
सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर महानगरों के बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन कार्यों के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। मुंबई जैसे महानगर में जहां हर साल मानसून के दौरान जलभराव आम नागरिकों के लिए जी का जंजाल बन जाता है, वहां नदी सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। आम जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले में संलिप्त सभी चेहरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आने वाले दिनों में इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां कोर्ट में साक्ष्यों के आधार पर अपनी अगली रिपोर्ट पेश करेंगी। फिलहाल, डिनो मोरिया से हुई इस मैराथन पूछताछ के बाद से बॉलीवुड और राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है, और हर किसी की नजरें जांच एजेंसियों के अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।








