बिग बॉस 20 के सफर पर विराम और बाहर आते ही शुरू हुआ नया विवाद
लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' के घर में जब अभिनेत्री ईशा रिखी ने कदम रखा था, तो दर्शकों और उनके प्रशंसकों को पूरी उम्मीद थी कि वह खेल में लंबा सफर तय करेंगी। अपने बेबाक अंदाज और अनोखे तेवरों की वजह से उन्होंने शुरुआती दिनों में ही घर के अंदर अपनी एक मजबूत छाप छोड़ दी थी। हालांकि, दर्शकों की उम्मीदों के विपरीत उनका सफर समय से पहले ही समाप्त हो गया और उन्हें शो से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। घर से बाहर आने के बाद से ही ईशा लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं और उन्होंने शो के दौरान घटी कई अहम घटनाओं पर खुलकर अपनी राय रखनी शुरू कर दी है।
शो के दौरान ईशा रिखी का एक एपिसोड में काफी इमोशनल ब्रेकडाउन हुआ था, जिसके बाद बाहर बैठी सेलिब्रिटी माही विज ने उन पर गंभीर टिप्पणियां की थीं। माही ने ईशा पर इनडायरेक्टली तौर पर कुछ लोगों को बदनाम करने और ड्रामेबाजी करने का आरोप लगाया था। अब जब ईशा खेल से बाहर आ चुकी हैं, तो उन्होंने इन तमाम तीखी बातों पर चुप्पी तोड़ते हुए माही विज के बयानों को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया है। इस पूरे वाकये ने सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत तक हलचल मचा दी है, जहां फैंस इस पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं।
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माही विज की टिप्पणियों पर ईशा रिखी का छलका दर्द, बोलीं- पीठ पीछे बोलना गलत
एक प्रमुख मीडिया इंटरव्यू के दौरान बातचीत करते हुए ईशा रिखी ने माही विज की उन तमाम बातों को बेहद असंवेदनशील बताया, जो उन्होंने शो के दौरान उनके रोने और टूटने पर कही थीं। ईशा का मानना है कि किसी की पूरी बात या पृष्ठभूमि जाने बिना सार्वजनिक रूप से इस तरह के तंज कसना एक परिपक्व इंसान को शोभा नहीं देता। उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की हुई कि माही ने अपनी बात सीधे उनके मुंह पर कहने के बजाय पीठ पीछे कही, जो कि एक बेहद निराशाजनक रवैया है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ईशा ने इस बात पर भी जोर दिया कि माही खुद भी एक महिला हैं और एक महिला होने के नाते उन्हें दूसरी महिला के दर्द और मानसिक स्थिति के प्रति थोड़ा संवेदनशील होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हर इंसान की सहनशक्ति और जीवन के संघर्षों से निपटने का तरीका बिल्कुल अलग होता है। ऐसे में किसी की मुश्किल घड़ी का इस तरह मजाक उड़ाना या उस पर सवाल खड़े करना कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
"मुझे बहुत बुरा लगा, मुझे खराब लगा कि आप एक महिला हैं फिर भी आपने किसी की स्थिति को बहुत आसानी से जज किया और बिना पूरी स्टोरी जाने आप इस पर इतनी बड़ी बात कैसे बोल सकती हैं। मुझे लगता है ये सच में बहुत ही असंवेदनशील है। आप ये बातें मुझसे सामने से नहीं कहीं, बल्कि मेरे पीठ पीछे बोलीं जो काफी निराशाजनक था।"— ईशा रिखी, अभिनेत्री
डिप्रेशन और इमोशनल ब्रेकडाउन को लेकर लोगों की मानसिकता पर जताई गहरी नाराजगी
इंटरव्यू के दौरान बातचीत करते हुए ईशा रिखी ने समाज में मेंटल हेल्थ और डिप्रेशन को लेकर बनी संकीर्ण सोच पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी लोग किसी के मानसिक तनाव या ट्रॉमा को गंभीरता से लेने के बजाय उस पर सवाल उठाने से बाज नहीं आते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा होता है, तब भी समाज या बाहर बैठे लोग उसे नाटक या पब्लिसिटी स्टंट का नाम देने में जरा भी संकोच नहीं करते हैं।
ईशा ने बहुत स्पष्ट शब्दों में समझाया कि कोई भी इंसान केवल सहानुभूति बटोरने के लिए घंटों तक फर्जी आंसू नहीं बहा सकता और न ही कोई नाटक इतनी लंबी अवधि तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि जब कोई कैमरे के सामने टूटता है, तो वह उसकी असली लाचारी और मानसिक पीड़ा होती है, न कि कोई बनावटी ड्रामा। लोगों को दूसरों के दर्द का मजाक उड़ाने के बजाय उनकी परिस्थितियों को समझने का प्रयास करना चाहिए।
अपने उस इमोशनल पल को याद कर भावुक हुईं अभिनेत्री
शो के उस खास एपिसोड को याद करते हुए ईशा ने बताया कि उन्होंने कैमरे के सामने खुद को कमजोर दिखाने से बचने की पूरी कोशिश की थी। जब वह वॉशरूम एरिया की तरफ जा रही थीं, तब भी वह लगातार खुद को यही समझा रही थीं कि उन्हें रोना नहीं है और अपनी भावनाओं पर काबू रखना है। लेकिन उस पल कुछ ऐसी परिस्थितियां और ट्रिगर्स सामने आए, जिसके आगे उनका आत्मबल टूट गया और वह खुद को रोने से रोक नहीं पाईं।
ईशा ने यह भी महसूस किया कि उस दौरान देखने वालों का पूरा ध्यान उनके आंसुओं के पीछे छिपे दर्द को समझने के बजाय उनके शब्दों और तात्कालिक रिएक्शन पर ही अटक गया था। लोगों ने यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि वह किस मानसिक दौर से गुजर रही हैं। अंत में उन्होंने यही कहा कि आप दुनिया के हर इंसान को खुश या संतुष्ट नहीं कर सकते हैं, इसलिए जरूरी यह है कि आप अपने सच के साथ खड़े रहें।








