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देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

वीडियो: फ्रांस में Gen Z का फूटा गुस्सा, सैकड़ों स्कूल बंद और हजारों छात्र हिरासत में; जानें क्यों सुलग उठा यह समृद्ध देश

फ्रांस में संसाधनों की कमी, जर्जर इमारतों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर Gen Z छात्रों का गुस्सा सड़क पर आ गया है। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में सैकड़ों स्कूल बंद करने पड़े हैं और 6,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•32
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वीडियो: फ्रांस में Gen Z का फूटा गुस्सा, सैकड़ों स्कूल बंद और हजारों छात्र हिरासत में; जानें क्यों सुलग उठा यह समृद्ध देश
📷 वीडियो: फ्रांस में Gen Z का फूटा गुस्सा, सैकड़ों स्कूल बंद और हजारों छात्र हिरासत में; जानें क्यों सुलग उठा यह समृद्ध देश — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • फ्रांस में 14 से 18 साल के हाई स्कूल के छात्र (Gen Z) सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे देश में बड़ा राष्ट्रीय संकट पैदा हो गया है.
  • छात्रों की मुख्य मांगें शिक्षकों की कमी, भीड़भाड़ वाली कक्षाएं, जर्जर स्कूल भवन और तनावपूर्ण यूनिवर्सिटी एंट्रेंस सिस्टम को सुधारना है.
  • प्रदर्शन के दौरान आगजनी, हिंसा और पुलिस के साथ झड़पें हुईं, जिसमें 6,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और कई छात्र घायल हुए हैं.

आधुनिक इतिहास की पहली बड़ी क्रांति फ्रांस में हुई थी। आर्थिक संकट, भारी टैक्स, सामाजिक असमानता और निरंकुश राजशाही के खिलाफ भड़का जनआक्रोश 1789 में ऐसी क्रांति में बदला, जिसने दुनिया को ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व’ का सिद्धांत दिया। राजशाही गई, फ्रांस गणतंत्र बना और इतिहास की दिशा बदल गई।

आज दशकों बाद फ्रांस सबसे बड़े छात्र आंदोलन को काबू में करने के लिए संघर्ष कर रहा है। 14 से 18 साल के लड़के सड़क पर हैं। ये ज्यादातर हाई स्कूल के छात्र हैं, इन्हें फ्रांस का Gen Z भी कहा जा सकता है। पेरिस के उत्तरी किनारे के एक स्कूल में हड़ताल कर रहे शिक्षकों के समर्थन में शुरू हुआ एक विरोध प्रदर्शन 'भावनाओं के विस्फोट' में बदल गया और देखते ही देखते यह एक राष्ट्रीय संकट बन गया है।

सैकड़ों स्कूल बंद और हजारों छात्र हिरासत में

पिछले कुछ हफ़्तों में फ्रांस में सैकड़ों हाई स्कूलों को बंद करना पड़ा है और 6,000 से ज़्यादा लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। इनमें से ज़्यादातर नाबालिग हैं जिनका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। इस दौरान छात्र, शिक्षक और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसी प्रदर्शन में उत्तर-पूर्वी शहर लेंस में एक छात्र का हाथ तब ब्लास्ट में उड़ गया जब उसने पुलिस की ओर से फायर किए गए एक ग्रेनेड को कथित तौर पर उठा लिया। जबकि टूर्स शहर में एक दूसरे छात्र की आंख चली गई।

एक आम भारतीय तो यही समझता है कि फ्रांस यूरोप के अमीर देशों में है, फिर इस समृद्ध देश के छात्र आज सड़क पर क्यों हैं? राफेल, रेनां और लॉरियल बनाने वाले देश में किस बात की किल्लत हो गई कि बच्चों को इंकलाब का रास्ता चुनना पड़ रहा है?

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छात्रों की शिकायतें और बदहाल शिक्षा व्यवस्था

फ्रांस में छात्रों का प्रदर्शन सिर्फ किसी एक फैसले के खिलाफ नहीं है, बल्कि बदहाल होती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बढ़ता गुस्सा है। भारत के लोगों को यह जानकर हैरानी हो सकती है कि टीचर, जर्जर स्कूल भवन और खराब सुविधाएं फ्रांस जैसे विकसित देश में भी प्रदर्शन की वजह बन सकती हैं।

छात्रों की सबसे बड़ी मांग है कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और सपोर्ट स्टाफ नियुक्त किए जाएं। उनका कहना है कि शिक्षक गैरहाजिर होने पर उनकी जगह कोई दूसरा शिक्षक नहीं आता, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके अलावा छात्र भीड़भाड़ वाली कक्षाओं, जर्जर स्कूल भवनों, खराब सुविधाओं, लंबे स्कूल घंटों और शिक्षा में बढ़ती असमानता के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं।

सरकार का रुख और भविष्य की चिंता

छात्रों के आंदोलन पर फ्रांस की सरकार ने शिक्षा संबंधी मांगों पर सुधार का भरोसा दिया है, लेकिन सरकार हिंसा, आगजनी और स्कूलों में तोड़फोड़ पर सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा है कि सरकार छात्रों की शिकायतों को सुन रही है और अक्टूबर के अंत तक उनकी मांगों पर काम करने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि, इतिहास गवाह है कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन फ्रांस की सरकारों के लिए कभी आसान नहीं रहे हैं। मई 1968 का छात्र आंदोलन फ्रांस के इतिहास की सबसे बड़ी हड़ताल में बदल गया था, और वर्तमान संकट भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

डिस्क्लेमर एवं साभार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।

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