होम/देश/किसानों की बल्ले-बल्ले: इन 5 योजनाओं में सरकार दे रही है तगड़ी सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा
देशपढ़ने में समय: 7 मिनट

किसानों की बल्ले-बल्ले: इन 5 योजनाओं में सरकार दे रही है तगड़ी सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा

केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कई शानदार योजनाएं चला रही हैं। इन स्कीमों के जरिए सोलर पंप लगाने से लेकर पॉलीहाउस खेती और आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने के लिए बंपर सब्सिडी दी जा रही है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
21 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
किसानों की बल्ले-बल्ले: इन 5 योजनाओं में सरकार दे रही है तगड़ी सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा
📷 किसानों की बल्ले-बल्ले: इन 5 योजनाओं में सरकार दे रही है तगड़ी सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 30% से 50% तक की भारी-भरकम सहायता दी जाती है।
  • ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई यानी 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को 55% तक की सब्सिडी मिलती है।
  • पॉलीहाउस खेती और व्यावसायिक बागवानी के लिए मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत एक करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
  • पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं।
प्रायोजित • SPONSOREDVoterAction Campaign Suite
VoterAction - कागज़ पर नहीं, ऐप पर लड़े जाते हैं चुनाव | अभियान की पूरी कमान

खेती को आसान और मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सरकार की खास पहल

भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की आर्थिकी का एक बड़ा हिस्सा खेती और किसानी पर टिका हुआ है। देश के अन्नदाता यानी किसानों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई-नई योजनाएं लेकर आ रही हैं। खेती-किसानी में आने वाली लागत को कम करने और फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। लेकिन आधुनिक कृषि यंत्र और तकनीकें अक्सर काफी महंगी होती हैं, जिन्हें हर आम किसान के लिए अपने दम पर खरीदना बेहद मुश्किल होता है।

इसी समस्या का समाधान करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपए की वित्तीय सहायता और सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। इन योजनाओं का मकसद केवल किसानों को पैसे देना नहीं है, बल्कि उन्हें खेती में आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें। आज हम आपको ऐसी पांच प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से बता रहे हैं, जिनका फायदा उठाकर आप अपनी खेती की तस्वीर बदल सकते हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

पीएम विश्वकर्मा योजना का बदलता दायरा: पारंपरिक कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही केंद्र की यह बड़ी स्कीम, जानें कैसे उठाएं लाभ

पीएम विश्वकर्मा योजना का बदलता दायरा: पारंपरिक कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही केंद्र की यह बड़ी स्कीम, जानें कैसे उठाएं लाभ

बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा

बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा

आज का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार सहित प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा हाल (25 सितंबर 2026)

आज का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार सहित प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा हाल (25 सितंबर 2026)

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा झूठा दावा: अयोध्या के राम मंदिर के नाम पर फैलाया जा रहा मनगढ़ंत दुष्कर्म का वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा झूठा दावा: अयोध्या के राम मंदिर के नाम पर फैलाया जा रहा मनगढ़ंत दुष्कर्म का वीडियो

दशहरा से पहले मिलेगा अक्टूबर का राशन: त्योहार से पहले घर-घर पहुंचेगा खाद्यान्न, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देश

दशहरा से पहले मिलेगा अक्टूबर का राशन: त्योहार से पहले घर-घर पहुंचेगा खाद्यान्न, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देश

सर्वाइकल कैंसर से जंग: टीकाकरण अभियान में जुटी किशोरियां, जानें इस गंभीर बीमारी से बचने का तरीका

सर्वाइकल कैंसर से जंग: टीकाकरण अभियान में जुटी किशोरियां, जानें इस गंभीर बीमारी से बचने का तरीका

बुनियादी ढांचे को रफ्तार: परिवहन परियोजनाओं के फंड वितरण में सुस्ती पर सरकार सख्त, दिए बड़े निर्देश

बुनियादी ढांचे को रफ्तार: परिवहन परियोजनाओं के फंड वितरण में सुस्ती पर सरकार सख्त, दिए बड़े निर्देश

1. पीएम-कुसुम योजना: खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए बंपर मदद

आज के दौर में खेती के लिए बिजली और डीजल की कीमतें किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। सिंचाई के लिए लगातार बिजली कटौती या महंगे डीजल का खर्च किसानों की कमर तोड़ देता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान' यानी पीएम-कुसुम योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को खेतों में सोलर पंप लगाने और मौजूदा कृषि पंपों के सोलराइजेशन में भारी मदद दी जाती है।

आधिकारिक नेशनल पोर्टल के मुताबिक, इस योजना के तहत केंद्रीय सहायता सामान्य राज्यों में कुल लागत का 30 प्रतिशत तक हो सकती है, जबकि कुछ खास पहाड़ी या उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में यह सहायता 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी अतिरिक्त सब्सिडी देती हैं, जिससे किसानों को बहुत कम खर्च में सोलर पंप मिल जाते हैं। इससे बिजली और डीजल पर निर्भरता खत्म होती है और सिंचाई का खर्च लगभग शून्य हो जाता है।

2. ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 55 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी

देश के कई हिस्सों में पानी की भारी किल्लत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। पारंपरिक तरीके से खेत की सिंचाई करने में पानी की भयंकर बर्बादी होती है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने और हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके जरिए किसानों को टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) और फव्वारा सिंचाई (स्प्रिंकलर) प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को उपकरणों की खरीद पर 55 प्रतिशत तक की वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि अन्य श्रेणी के किसानों के लिए 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। कम पानी में फसलों की बेहतर सिंचाई होने से पैदावार भी अच्छी होती है और पानी की बर्बादी भी रुकती है। आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने से खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल भी सही तरीके से होता है।

3. कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर खरीदने के लिए एसएमएएम (SMAM) योजना

खेती के पारंपरिक तरीकों से अब अधिक मुनाफा कमाना मुश्किल हो गया है। समय पर बुआई, निराई और कटाई के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का होना बेहद जरूरी है। लेकिन एक आम किसान के लिए ट्रैक्टर, पावर टिलर, कल्टीवेटर और अन्य आधुनिक कृषि मशीनरी खरीदना आसान नहीं होता। किसानों की इस आर्थिक कठिनाई को दूर करने के लिए 'सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन' (SMAM) योजना चलाई जा रही है।

इस योजना के तहत ट्रैक्टर, पावर टिलर और दूसरे कृषि उपकरणों की खरीद के लिए सीधे बैंक खातों में सहायता राशि (DBT) भेजी जाती है। कृषि विभाग के पोर्टल्स पर समय-समय पर इसके लिए आवेदन मांगे जाते हैं और राज्य सरकारें अपने तय लक्ष्यों के अनुसार किसानों का चयन करती हैं। सही समय पर सही मशीन मिलने से खेती की लागत कम होती है और काम भी तेजी से पूरा होता है।

4. पॉलीहाउस खेती और बागवानी के लिए 1 करोड़ रुपये तक की भारी सब्सिडी

यदि आप सामान्य खेती से हटकर कुछ अलग और कमर्शियल करना चाहते हैं, तो पॉलीहाउस खेती और नेट हाउस आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। मौसम की मार और बेमौसम बारिश से फसलों को बचाने के लिए संरक्षित खेती (Protected Cultivation) आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर' (MIDH) के तहत संरक्षित परिस्थितियों में व्यावसायिक बागवानी परियोजनाओं के लिए बंपर मदद दी जाती है।

इस योजना के तहत किसानों को 50 प्रतिशत तक की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी मिलती है। सबसे खास बात यह है कि इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 1 करोड़ रुपये प्रति प्रोजेक्ट तक की सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। यानी बड़े स्तर पर पॉलीहाउस लगाने वाले किसानों को सरकार की तरफ से तगड़ी आर्थिक मदद मिल सकती है। इसके जरिए किसान ऑफ-सीजन सब्जियां और महंगे फूल उगाकर अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।

"सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाताओं की आय को दोगुना करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। जब तक किसान आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होगा, तब तक देश की आर्थिकी पूरी तरह मजबूत नहीं हो सकती। इन योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाया जा रहा है।" — कृषि मंत्रालय, भारत सरकार

5. पीएम-किसान योजना: सालभर में सीधे बैंक खाते में आते हैं 6,000 रुपये

इन तमाम बड़ी सब्सिडी योजनाओं के अलावा केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM-KISAN) देश भर के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बहुत बड़ा संबल बनी हुई है। इस योजना के तहत देश के पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों यानी 2,000-2,000 रुपये करके सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

खाद, बीज और छोटे-मोटे कृषि खर्चों को पूरा करने के लिए यह योजना किसानों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। बिना किसी बिचौलिए के सीधे खाते में पैसे आने से किसानों को बड़ी राहत मिलती है।

योजनाओं का लाभ उठाने के लिए इन बातों का रखें विशेष ध्यान

सरकार की इन तमाम योजनाओं का लाभ उठाने से पहले किसानों को कुछ जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सब्सिडी की वास्तविक राशि किसान की कैटेगरी (सामान्य, एससी, एसटी), राज्य, कुल जमीन का क्षेत्रफल, मशीन या प्रोजेक्ट की लागत सीमा और संबंधित राज्य सरकार की नीतियों पर निर्भर करती है। इसलिए किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले उसके नियमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

यदि आप भी इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको साइबर कैफे या किसी एजेंट के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। आप संबंधित योजनाओं की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। समय रहते सही योजना का चुनाव करके किसान भाई अपनी खेती को एक नया आयाम दे सकते हैं।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियमNATIONAL

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

25 सित॰
पीएम विश्वकर्मा योजना का बदलता दायरा: पारंपरिक कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही केंद्र की यह बड़ी स्कीम, जानें कैसे उठाएं लाभNATIONAL

पीएम विश्वकर्मा योजना का बदलता दायरा: पारंपरिक कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रही केंद्र की यह बड़ी स्कीम, जानें कैसे उठाएं लाभ

24 सित॰
बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतराNATIONAL

बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा

25 सित॰
आज का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार सहित प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा हाल (25 सितंबर 2026)NATIONAL

आज का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार सहित प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा हाल (25 सितंबर 2026)

25 सित॰
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा झूठा दावा: अयोध्या के राम मंदिर के नाम पर फैलाया जा रहा मनगढ़ंत दुष्कर्म का वीडियोNATIONAL

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा झूठा दावा: अयोध्या के राम मंदिर के नाम पर फैलाया जा रहा मनगढ़ंत दुष्कर्म का वीडियो

25 सित॰
दशहरा से पहले मिलेगा अक्टूबर का राशन: त्योहार से पहले घर-घर पहुंचेगा खाद्यान्न, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देशNATIONAL

दशहरा से पहले मिलेगा अक्टूबर का राशन: त्योहार से पहले घर-घर पहुंचेगा खाद्यान्न, प्रशासन ने जारी किए कड़े निर्देश

25 सित॰
सर्वाइकल कैंसर से जंग: टीकाकरण अभियान में जुटी किशोरियां, जानें इस गंभीर बीमारी से बचने का तरीकाNATIONAL

सर्वाइकल कैंसर से जंग: टीकाकरण अभियान में जुटी किशोरियां, जानें इस गंभीर बीमारी से बचने का तरीका

25 सित॰
बुनियादी ढांचे को रफ्तार: परिवहन परियोजनाओं के फंड वितरण में सुस्ती पर सरकार सख्त, दिए बड़े निर्देशNATIONAL

बुनियादी ढांचे को रफ्तार: परिवहन परियोजनाओं के फंड वितरण में सुस्ती पर सरकार सख्त, दिए बड़े निर्देश

25 सित॰