द फ्रीलान्स ग्राउंड डेस्क: अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही देश के मौसम ने अचानक एक तीव्र और अप्रत्याशित करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों और चेतावनियों के अनुसार, अगले कुछ घंटों में देश के कम से कम 15 राज्यों में भीषण मानसूनी हलचल या पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि तटीय इलाकों से लेकर मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों तक हाई अलर्ट बरतना जरूरी हो गया है, क्योंकि हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर पहाड़ों तक बदला मिजाज
हमारी फील्ड यूनिट द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली में आज का मौसम (New Delhi Weather Today) सुबह से ही बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के साथ शुरू हुआ। हालांकि सितंबर की विदाई के साथ उमस कम होने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक सक्रिय हुए सिस्टम ने दिल्ली-एनसीआर में पारे को लुढ़का दिया है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आज का मौसम (Handwara Weather Today) काफी सर्द और अप्रत्याशित हो चला है, जहां स्थानीय प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मूसलाधार बारिश की संभावना के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की है।
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दक्षिण भारत के तटीय जिलों में समुद्री तूफान जैसा अंदेशा
उत्तर भारत के विपरीत, दक्षिण के प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां अपनी पूरी तीव्रता पर हैं। आंध्र प्रदेश के तटीय और भीतरी जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। भीमावरम में आज का मौसम (Bhimavaram Weather Today) बेहद डरावना बना हुआ है, जहां लगातार हो रही मानसूनी बौछारों ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। इसी तरह विजयनगरम में आज का मौसम (Vizianagaram Weather Today) भी भारी बारिश और समुद्री तटों पर उठती ऊंची लहरों का गवाह बन रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाले बादलों के कारण इन क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 65 किमी/घंटा तक मापी जा रही है, जो मछुआरों के लिए गंभीर खतरा है।
15 राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट: जमीनी हकीकत
- उत्तर भारत: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।
- पर्वतीय क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर (हंदवाड़ा समेत) और उत्तराखंड में अचानक मौसम बिगड़ने से यातायात प्रभावित हुआ है।
- दक्षिण भारत: आंध्र प्रदेश (भीमावरम, विजयनगरम), कर्नाटक और तमिलनाडु के तटीय जिलों में समुद्री उफान और भारी बारिश का प्रकोप जारी है।
- मध्य और पूर्वी भारत: ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी कम दबाव का क्षेत्र बनने से गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं।
प्रशासनिक तैयारियां और एहतियाती कदम
मौसम के इस अचानक बिगड़े मिजाज को देखते हुए आपदा प्रबंधन इकाइयों (NDRF और SDRF) को 15 सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में तैनात कर दिया गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बेमौसम या अंतिम दौर की भारी बारिश से धान की पकी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। 'द फ्रीलान्स' की टीम लगातार जमीनी स्तर पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों से अपील की जाती है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का सख्ती से पालन करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।
'यह स्पष्ट रूप से जलवायु परिवर्तन के बदलते पैटर्न और बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर में एक साथ सक्रिय हुए वेदर सिस्टम का परिणाम है, जो अक्टूबर के महीने में भी मानसूनी तेवर दिखा रहा है।' - वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक







