नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त और तेज हो गई जब संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के प्रमुख नेताओं को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस द्वारा नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाए जाने के दृश्य स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विपक्षी दलों के नेता संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ मार्च निकाल रहे थे। इसी बीच संसद स्ट्रीट पर सुरक्षा बलों और पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। रोके जाने के बाद आक्रोशित विपक्षी नेताओं ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अंततः नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर वहां से ले गई। इससे ठीक पहले दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की एक अहम बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे। बैठक के बाद ही यह मार्च निकाला गया था।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। यूजर्स और समर्थकों की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां विपक्षी दलों के समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है, वहीं सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के इस तरह के मार्च से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा था, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया।






