होम/देश/एस. जयशंकर का बड़ा बयान: अमेरिका के अकेले चलने और चीन की बढ़ती ताकत पर विदेश मंत्री की दो टूक
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

एस. जयशंकर का बड़ा बयान: अमेरिका के अकेले चलने और चीन की बढ़ती ताकत पर विदेश मंत्री की दो टूक

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में वैश्विक राजनीति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर अकेली ताकत बनने का विकल्प चुना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बदल रही है और चीन का प्रभाव बढ़ रहा है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•5 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•24
🌐Read in English →
शेयर करें:
एस. जयशंकर का बड़ा बयान: अमेरिका के अकेले चलने और चीन की बढ़ती ताकत पर विदेश मंत्री की दो टूक
📷 एस. जयशंकर का बड़ा बयान: अमेरिका के अकेले चलने और चीन की बढ़ती ताकत पर विदेश मंत्री की दो टूक — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में वैश्विक व्यवस्था पर रखे विचार।
  • कहा कि अमेरिका ने अपनी पसंद से अकेली ताकत बनने का रास्ता चुना है, जिससे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संतुलन प्रभावित हुआ है।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए कहा कि भारत अब केवल शांति की बात नहीं कर रहा, बल्कि सक्रिय मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है।
  • भारत और यूरोपीय संघ के बीच सेमीकंडक्टर, एआई और रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी तेजी से मजबूत हो रही है।

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का वैश्विक राजनीति पर बड़ा हमला

बदलती हुई अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और महाशक्तियों के रुख पर भारत ने अब बेहद स्पष्ट और मुखर बयानबाजी शुरू कर दी है। नई दिल्ली में आयोजित म्यूनिख लीडर्स मीटिंग के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच पर अमेरिका और चीन की भूमिका को लेकर बेबाक राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की दुनिया तेजी से एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां पारंपरिक समीकरण पूरी तरह ध्वस्त हो रहे हैं और नई ताकतों का उभार तेजी से हो रहा है।

विदेश मंत्री के अनुसार, वैश्विक राजनीति में आज जो भूचाल देखा जा रहा है, उसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारक जिम्मेदार हैं। पहला कारण अमेरिका की रणनीतिक प्राथमिकताओं में आया बदलाव है, जिसे उन्होंने 'रेडिकल रीपोजिशनिंग' करार दिया। उनका साफ कहना था कि अमेरिका ने अपनी मर्जी से और अपनी पसंद के आधार पर खुद को एक 'अकेली ताकत' के रूप में ढालने का विकल्प चुन लिया है, जिसका असर पूरी दुनिया के सुरक्षा और कूटनीतिक ताने-बाने पर पड़ रहा है।

संबंधित खबरें

भारतीय क्रिकेट का बहुआयामी परिदृश्य: एक साथ कई मोर्चों पर दांव पर देश की प्रतिष्ठा

भारतीय क्रिकेट का बहुआयामी परिदृश्य: एक साथ कई मोर्चों पर दांव पर देश की प्रतिष्ठा

संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान पर मचा बवाल: शेखर सुमन के शो पर क्यों हुई किरकिरी और अभिनेता ने क्या दी सफाई

संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान पर मचा बवाल: शेखर सुमन के शो पर क्यों हुई किरकिरी और अभिनेता ने क्या दी सफाई

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां की दो टूक: नागरिकता और वोटिंग अधिकार एक-दूसरे से जुड़े, छेड़छाड़ नामुमकिन

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां की दो टूक: नागरिकता और वोटिंग अधिकार एक-दूसरे से जुड़े, छेड़छाड़ नामुमकिन

फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से उबाल: कांग्रेस और CJP का CEC पर सीधा हमला

फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से उबाल: कांग्रेस और CJP का CEC पर सीधा हमला

फॉर्म-6 विवाद: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक के बाद कटघरे में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार पर उठे गंभीर सवाल

फॉर्म-6 विवाद: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक के बाद कटघरे में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार पर उठे गंभीर सवाल

ब्रिटिश एयरबेस से रातों-रात क्यों हटाए गए अमेरिकी बॉम्बर? सामरिक हलचल की अंदरूनी कहानी

ब्रिटिश एयरबेस से रातों-रात क्यों हटाए गए अमेरिकी बॉम्बर? सामरिक हलचल की अंदरूनी कहानी

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बड़ा हमला: हूतियों ने अरामको रिफाइनरी को बनाया निशाना

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बड़ा हमला: हूतियों ने अरामको रिफाइनरी को बनाया निशाना

यूपी चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में रार: कांग्रेस के सीट फॉर्मूले पर सपा का कड़ा एतराज

यूपी चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में रार: कांग्रेस के सीट फॉर्मूले पर सपा का कड़ा एतराज

चीन का आक्रामक उभार और दुनिया भर के देशों पर पड़ता सीधा असर

विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में चीन के आक्रामक रणनीतिक उभार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि चीन खुद को वैश्विक व्यवस्था में एक विशिष्ट और अनूठी स्थिति में देखता है। अमेरिका और चीन के बीच चल रही इस महात्वाकांक्षी प्रतिस्पर्धा ने केवल इन दोनों देशों के आपसी संबंधों को प्रभावित नहीं किया है, बल्कि इसने पूरी दुनिया के बाजार, आपूर्ति श्रृंखला और संसाधनों को कूटनीतिक हथियारों में बदल दिया है।

आज के दौर में हर देश इस बात को लेकर चिंतित है कि उसके पास कौन से संसाधन और नियंत्रण हैं। सप्लायर और खरीदार के बीच की यह जंग ग्लोबल साउथ और ग्लोबल नॉर्थ दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि दुनिया अब किसी एक महाशक्ति के नियंत्रण में नहीं रहना चाहती, बल्कि मध्यम और उभरती हुई शक्तियां अपने हितों को सुरक्षित करने के लिए नए समीकरण तैयार कर रही हैं।

रूस-यूक्रेन संघर्ष में भारत की सक्रिय मध्यस्थता और शांति प्रयास

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन संघर्ष के मामले में भारत अब केवल एक दर्शक या मूक दर्शक बनकर नहीं रह गया है। भारत ने इस युद्ध को समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बेहद सक्रिय और व्यावहारिक मध्यस्थता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मॉस्को और कीव दोनों राजधानियों के साथ भारत का निरंतर संवाद जारी है।

काला सागर में जहाजों की सुरक्षा, अनाज और ऊर्जा निर्यात की सुचारू बहाली तथा दोनों पक्षों की तात्कालिक सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए भारत लगातार प्रयास कर रहा है। रूस और यूक्रेन दोनों ने ही भारत की इन शांति पहलों और प्रस्तावों की खुले तौर पर सराहना की है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

"उभरती और मध्यम शक्तियां अब किसी एक खेमे में पूरी तरह जाने के बजाय अपने हितों के हिसाब से अलग-अलग देशों के साथ रणनीतिक संबंध बना रही हैं। यह बदलती दुनिया का नया यथार्थ है।" — एस. जयशंकर, विदेश मंत्री, भारत सरकार

यूरोपीय संघ के साथ गहरे होते संबंध और रक्षा स्टार्टअप्स की छलांग

पारंपरिक रूप से भारत का झुकाव यूरोप के चुनिंदा बड़े देशों की तरफ अधिक रहा है, लेकिन अब इस सोच में क्रांतिकारी बदलाव आया है। विदेश मंत्री ने बताया कि भारत अब पूरे यूरोपीय संघ के साथ अपने रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ और व्यापक बनाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। आने वाले समय में भारत की आर्थिक वृद्धि दर बेहद मजबूत बनी रहेगी और देश की जनसांख्यिकी स्थिति इसे दुनिया में सबसे अलग खड़ा करती है।

उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। इसके साथ ही, भारतीय रक्षा क्षेत्र के स्टार्टअप्स विदेशों में अपनी साख मजबूत कर रहे हैं और देश का रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत की एक मजबूत तस्वीर पेश करता है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

भारतीय क्रिकेट का बहुआयामी परिदृश्य: एक साथ कई मोर्चों पर दांव पर देश की प्रतिष्ठाNATIONAL

भारतीय क्रिकेट का बहुआयामी परिदृश्य: एक साथ कई मोर्चों पर दांव पर देश की प्रतिष्ठा

5 अक्टू॰33
संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान पर मचा बवाल: शेखर सुमन के शो पर क्यों हुई किरकिरी और अभिनेता ने क्या दी सफाईNATIONAL

संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान पर मचा बवाल: शेखर सुमन के शो पर क्यों हुई किरकिरी और अभिनेता ने क्या दी सफाई

5 अक्टू॰25
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां की दो टूक: नागरिकता और वोटिंग अधिकार एक-दूसरे से जुड़े, छेड़छाड़ नामुमकिनNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां की दो टूक: नागरिकता और वोटिंग अधिकार एक-दूसरे से जुड़े, छेड़छाड़ नामुमकिन

5 अक्टू॰27
फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से उबाल: कांग्रेस और CJP का CEC पर सीधा हमलाNATIONAL

फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से उबाल: कांग्रेस और CJP का CEC पर सीधा हमला

5 अक्टू॰29
फॉर्म-6 विवाद: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक के बाद कटघरे में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार पर उठे गंभीर सवालNATIONAL

फॉर्म-6 विवाद: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक के बाद कटघरे में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार पर उठे गंभीर सवाल

5 अक्टू॰41
ब्रिटिश एयरबेस से रातों-रात क्यों हटाए गए अमेरिकी बॉम्बर? सामरिक हलचल की अंदरूनी कहानीNATIONAL

ब्रिटिश एयरबेस से रातों-रात क्यों हटाए गए अमेरिकी बॉम्बर? सामरिक हलचल की अंदरूनी कहानी

5 अक्टू॰39
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बड़ा हमला: हूतियों ने अरामको रिफाइनरी को बनाया निशानाNATIONAL

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बड़ा हमला: हूतियों ने अरामको रिफाइनरी को बनाया निशाना

5 अक्टू॰38
यूपी चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में रार: कांग्रेस के सीट फॉर्मूले पर सपा का कड़ा एतराजNATIONAL

यूपी चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में रार: कांग्रेस के सीट फॉर्मूले पर सपा का कड़ा एतराज

5 अक्टू॰42