सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर जानलेवा स्टंट
देशभर में सड़कों पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, बावजूद इसके कुछ लोग अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालने से बाज नहीं आते हैं। हाल ही में जम्मू से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है। यहां कुछ युवकों ने थार जैसी भारी-भरकम गाड़ी के बाहर लटककर ऐसा खतरनाक स्टंट किया कि देखने वालों की सांसें थम गईं। यह घटना न केवल यातायात नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की मुस्तैदी पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक चलती हुई थार गाड़ी के पायदान और खिड़कियों के सहारे दो युवक बाहर की तरफ लटके हुए हैं। गाड़ी सामान्य गति से सड़क पर दौड़ रही है और ये युवक बिना किसी डर या संकोच के अपनी जान को जोखिम में डालकर सफर का आनंद ले रहे हैं। इस तरह के स्टंट अक्सर फिल्मों या सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में यह किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकते हैं।
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नरवाल-कुंजवानी मार्ग की घटना और स्थानीय हालात
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना जम्मू के व्यस्त माने जाने वाले नरवाल से कुंजवानी मार्ग की है। खास बात यह है कि यह पूरा इलाका इन दिनों विकास कार्यों और सड़क निर्माण के दौर से गुजर रहा है। इस मार्ग पर पहले से ही निर्माण कार्य चलने के कारण ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है और सड़क की स्थिति भी कई जगहों पर ठीक नहीं है। ऐसे में चलती गाड़ी से बाहर लटककर सफर करना अपने आप में मौत को दावत देने जैसा है।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस प्रकार की हरकतें इस मार्ग पर अक्सर देखने को मिलती हैं, खासकर युवा वर्ग में लग्जरी गाड़ियों के साथ इस तरह के स्टंट करने का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। जिस वक्त यह थार गाड़ी सड़क पर दौड़ रही थी, उस दौरान आसपास अन्य वाहन और राहगीर भी मौजूद थे। अगर थोड़ा सा भी संतुलन बिगड़ जाता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था जिसमें न केवल स्टंट कर रहे युवक, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।
प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल ट्रैफिक पुलिस और कानून व्यवस्था की सख्ती को लेकर उठ रहा है। लोगों का कहना है कि क्या ट्रैफिक पुलिस का खौफ केवल चौराहों और चुनिंदा मुख्य मार्गों तक ही सीमित रह गया है? क्या शहर के भीतर इस तरह की मनमानी करने वालों पर लगाम कसने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है? ऐसे मामलों में जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन की नींद क्यों नहीं खुलती?
"सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है। यदि नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए किया जाएगा, तो ऐसी घटनाओं को रोकना असंभव होगा। प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दूसरों को सबक मिल सके।" — स्थानीय नागरिक एवं सड़क सुरक्षा विश्लेषक
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल ऑनलाइन चालान काटकर इतिश्री नहीं कर लेनी चाहिए, बल्कि वाहन मालिक और गाड़ी में सवार सभी युवकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। जब तक ऐसे मामलों में मिसाल कायम करने वाली सजा नहीं दी जाएगी, तब तक युवाओं में इस तरह की स्टंटबाजी का शौक कम नहीं होगा।
सोशल मीडिया की दीवानगी और रील्स का बढ़ता क्रेज
आज के दौर में सोशल मीडिया पर अपनी रीच बढ़ाने, फॉलोअर्स जुटाने और रातों-रात मशहूर होने की होड़ में युवा अपनी जिंदगी दांव पर लगाने से भी नहीं कतरा रहे हैं। थार, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो जैसी एसयूवी गाड़ियों के साथ खतरनाक स्टंट करने के वीडियो आए दिन इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर अपलोड किए जाते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले लाइक्स और कमेंट्स युवाओं को इस कदर अंधा कर रहे हैं कि उन्हें अपनी सुरक्षा की भी परवाह नहीं रहती।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया का यह नशा युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। वे यह भूल जाते हैं कि एक छोटी सी गलती उनकी पूरी जिंदगी को हमेशा के लिए अंधकार में धकेल सकती है। माता-पिता और अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए ताकि वे इस तरह की जानलेवा हरकतों से दूर रहें।
अब आगे क्या कार्रवाई करेगी ट्रैफिक पुलिस?
इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जम्मू ट्रैफिक पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है। वीडियो के आधार पर वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की पहचान करना आजकल की तकनीक के दौर में कोई मुश्किल काम नहीं है। यातायात विभाग सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से थार गाड़ी के मालिक का पता लगाकर उस पर भारी जुर्माना लगाने और कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में जुटा है।
उम्मीद की जानी चाहिए कि इस मामले में पुलिस की तरफ से इतनी सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की खतरनाक हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके। सड़क कोई खेल का मैदान नहीं है, बल्कि यह आवागमन का साधन है। इसे सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।





