विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस

दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों की सूची से हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•42
🌐Read in English →
शेयर करें:
जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस
📷 जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों की सूची से हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली से द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट — देश की राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहे जंतर-मंतर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अदालत ने जंतर-मंतर को अधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से चुपचाप हटाए जाने के मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से कड़ा जवाब तलब किया है। पिछले कुछ समय से जंतर-मंतर पर धरने और रैलियों पर रोक लगाने या पाबंदियां बढ़ाने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। अब इस मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुँचने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और हर कोई अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार कर रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सख्त टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि यदि सरकार और पुलिस के जवाब से अदालत संतुष्ट नहीं होती है, तो कानून अपना कड़ा काम करेगा। अदालत ने यह जानना चाहा है कि बिना किसी स्पष्ट और पारदर्शी नीति के दिल्ली के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल को कैसे और किस नियम के तहत सूची से बाहर कर दिया गया। देश के नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार और सुरक्षा के नाम पर प्रशासनिक पाबंदियों के बीच चल रहे इस विवाद में अब शीर्ष अदालत के दखल से नया मोड़ आ गया है।

जंतर-मंतर को सूची से बाहर करने पर कोर्ट की दो टूक

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से किसान, मजदूर, छात्र, राजनीतिक दल और विभिन्न संगठन अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते आए हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में यहाँ प्रदर्शन करने वालों पर कई तरह की बंदिशें लगा दी गईं और कई बार आयोजकों को अन्य तय की गई नई जगहों पर भेज दिया गया। जब इस बदलाव के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुँचा, तो अदालत ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। जजों ने साफ शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक देश में लोगों को अपनी बात रखने के लिए एक निश्चित और सुलभ जगह मिलना जरूरी है, और इस तरह अचानक पाबंदियां लगाना न्यायसंगत नहीं है।

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि जंतर-मंतर के विकल्प के रूप में जो नई जगहें तय की गई हैं, वहाँ बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं। अदालत ने यह भी पूछा है कि क्या बिना आम जनता और प्रदर्शनकारियों से चर्चा किए इस तरह का एकतरफा फैसला लिया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले को अब तय समय सीमा के भीतर अपना जवाब अदालत में दाखिल करना होगा, जिसके बाद इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

विरोध प्रदर्शन के बुनियादी अधिकारों पर मंडराता संकट

जंतर-मंतर को लेकर चल रहे इस विवाद ने एक बार फिर देश में नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकारों और पुलिस प्रशासन के सुरक्षा प्रबंधों के बीच संतुलन पर बड़ी बहस छेड़ दी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों का कहना है कि सरकारें अक्सर असंतोष की आवाज को दबाने के लिए जंतर-मंतर जैसी जगहों को शहर के बाहरी इलाकों में धकेलने की कोशिश करती हैं। रामलीला मैदान या जंतर-मंतर जैसी ऐतिहासिक जगहों पर प्रदर्शन करना आम आदमी की पहुंच में होता है, लेकिन दूर-दराज के इलाकों में जाकर आवाज उठाना कमजोर वर्गों के लिए बेहद मुश्किल साबित होता है।

द फ्रीलान्स की टीम ने जब जमीनी हकीकत जानने के लिए जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों का दौरा किया, तो वहाँ सन्नाटा पसरा हुआ था और भारी पुलिस बल तैनात नजर आया। स्थानीय दुकानदारों और वेंडर्स का कहना है कि धरने-प्रदर्शन बंद होने से उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है, क्योंकि पहले यहाँ रोज किसी न किसी मुद्दे पर भीड़ जुटती थी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जब केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेंगी, तो अदालत का अगला रुख क्या होगा।

कानून और व्यवस्था के नाम पर पाबंदियों का नया दौर

राजधानी दिल्ली में वीआईपी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का हवाला देकर पिछले कुछ वर्षों में कई पारंपरिक धरना स्थलों को धीरे-धीरे सीमित कर दिया गया है। जंतर-मंतर के अलावा भी कई ऐसी जगहें थीं जहाँ लोग आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुँचाने पहुँचते थे, लेकिन अब हर आंदोलन को अनुमति लेना एक टेढ़ी खीर बन गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा नोटिस से उन तमाम संगठनों और आम नागरिकों को थोड़ी राहत की उम्मीद बंधी है जो लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

द फ्रीलान्स अपनी इस खोजी रिपोर्ट के जरिए लगातार इस बात पर नजर बनाए हुए है कि प्रशासनिक तंत्र नागरिकों के मौलिक अधिकारों और सुरक्षा के बीच कैसे संतुलन बिठाता है। आने वाले दिनों में जैसे ही केंद्र और पुलिस की तरफ से हलफनामा दाखिल होगा, इस मामले की सुनवाई और अधिक दिलचस्प हो जाएगी। हमारी कोशिश रहेगी कि इस पूरे कानूनी संघर्ष से जुड़ी हर एक बारीक जानकारी और अपडेट सबसे पहले और सबसे सटीक रूप से आप तक पहुँचाई जाए।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

'मोदी का विरोध अलग, लेकिन बाहरी गोरा तय नहीं करेगा भारत के फैसले', एलन मस्क पर भड़के ओवैसी

'मोदी का विरोध अलग, लेकिन बाहरी गोरा तय नहीं करेगा भारत के फैसले', एलन मस्क पर भड़के ओवैसी

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बड़ी तैयारी: क्या केंद्र सरकार बुलाने जा रही है विशेष सत्र?

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बड़ी तैयारी: क्या केंद्र सरकार बुलाने जा रही है विशेष सत्र?

दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी से मिलीं वायरल छात्रा, कहा- जितना चाहे लाठीचार्ज कर लो, डरेंगे नहीं

दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी से मिलीं वायरल छात्रा, कहा- जितना चाहे लाठीचार्ज कर लो, डरेंगे नहीं

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘जंतर-मंतर’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीतिNATIONAL

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

16 अक्टू॰42
'मोदी का विरोध अलग, लेकिन बाहरी गोरा तय नहीं करेगा भारत के फैसले', एलन मस्क पर भड़के ओवैसीNATIONAL

'मोदी का विरोध अलग, लेकिन बाहरी गोरा तय नहीं करेगा भारत के फैसले', एलन मस्क पर भड़के ओवैसी

16 अक्टू॰39
तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषयNATIONAL

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

16 अक्टू॰37
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?NATIONAL

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को किया डिटेन?, कहा- "मुझे फांसी दे दो"?

16 अक्टू॰36
CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’NATIONAL

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

16 अक्टू॰46
संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बड़ी तैयारी: क्या केंद्र सरकार बुलाने जा रही है विशेष सत्र?NATIONAL

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बड़ी तैयारी: क्या केंद्र सरकार बुलाने जा रही है विशेष सत्र?

16 अक्टू॰34
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी से मिलीं वायरल छात्रा, कहा- जितना चाहे लाठीचार्ज कर लो, डरेंगे नहींNATIONAL

दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी से मिलीं वायरल छात्रा, कहा- जितना चाहे लाठीचार्ज कर लो, डरेंगे नहीं

16 अक्टू॰26
तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगेNATIONAL

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

16 अक्टू॰29
विज्ञापन • ADVERTISEMENT