कूनो नेशनल पार्क की ओर पर्यटकों के कदम बढ़ाने की खास तैयारी
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क इन दिनों वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अफ्रीकी चीतों के बसाहट के बाद से ही इस अभयारण्य को देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी पहुंच रहे हैं। अब पर्यटकों के इस सफर को और अधिक सुगम और रोमांचक बनाने के लिए प्रशासन ने एक अनोखी पहल शुरू की है। इसके तहत तीन बड़े राज्यों के प्रमुख मार्गों और हाईवे पर विशेष सांकेतिक बोर्ड स्थापित किए जाएंगे, जो राहगीरों को सीधे कूनो की दिशा दिखाएंगे।
वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करने के इस नए चरण में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई बड़े शहरों के बीच की दूरियों को दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। सफर के दौरान इन बोर्ड्स को देखकर कोई भी यात्री आसानी से यह जान सकेगा कि वह कूनो नेशनल पार्क से कितनी दूरी पर है और वहां पहुंचने के लिए उसे किस रास्ते से गुजरना होगा। इस योजना से न केवल पर्यटकों की राह आसान होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन कारोबार को भी एक नया पंख मिलेगा।
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किन प्रमुख शहरों और मार्गों को किया गया है चिह्नित
इस वृहद पर्यटन विस्तार योजना के तहत उन सभी प्रमुख मार्गों को चुना गया है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। राजस्थान के पर्यटन की दृष्टि से मशहूर शहरों जैसे कोटा, सवाई माधोपुर और जयपुर के प्रमुख रास्तों पर इन साइनेज को स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर झांसी के रास्तों को भी इस सूची में शामिल किया गया है, ताकि उत्तर भारत से आने वाले सैलानी सीधे इस वन्यजीव अभयारण्य की ओर रुख कर सकें।
मध्य प्रदेश के भीतर भी ग्वालियर, गुना, मुरैना और शिवपुरी जैसे महत्वपूर्ण जिलों के राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड्स पर न केवल कूनो नेशनल पार्क का मार्ग दर्शाया जाएगा, बल्कि आसपास के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की दूरियां भी अंकित होंगी। इससे यात्रियों को एक ही मार्ग पर कई खूबसूरत जगहों की जानकारी एक साथ मिल जाएगी और वे अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे.
टिकटोली और अहेरा गेट पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्क के प्रमुख प्रवेश द्वारों का कायाकल्प किया जा रहा है। कूनो के सबसे लोकप्रिय माने जाने वाले टिकटोली गेट और अहेरा गेट को अब पहले से ज्यादा आधुनिक और आकर्षक रूप दिया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए अत्याधुनिक टिकट काउंटर और समर्पित पर्यटक सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन केंद्रों के शुरू होने से पार्क में प्रवेश प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और तेज हो जाएगी। पर्यटकों को लंबी लाइनों में खड़े होने से राहत मिलेगी और वे बिना किसी परेशानी के जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट बुकिंग की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि घर बैठे ही लोग अपनी यात्रा तय कर सकें।
रणथंभौर और चंबल सफारी से भी जुड़ेगा पर्यटकों का सफर
इस नई पर्यटन नीति के तहत केवल कूनो तक ही सीमित नहीं रहा गया है, बल्कि आसपास के तमाम अन्य आकर्षणों को भी एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। श्योपुर जिले के मुख्य मार्गों पर लगने वाले इन साइन बोर्ड्स पर सवाई माधोपुर के विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क, रोमांचक चंबल सफारी और प्राचीन देवखो जैसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों की दूरियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।
इस एकीकृत दृष्टिकोण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जब कोई पर्यटक किसी एक स्थल की यात्रा पर निकलेगा, तो उसे रास्ते में मौजूद अन्य लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों की जानकारी भी मिल जाएगी। इससे सैलानी अपने प्रवास की अवधि को बढ़ा सकते हैं और इस पूरे क्षेत्र को एक बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में अनुभव कर सकते हैं।
प्रशासन का दावा: स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग का मानना है कि इस प्रकार के प्रचार माध्यमों से पर्यटकों की आमद में भारी इजाफा होगा। जब मुख्य राजमार्गों पर बड़े और आकर्षक सांकेतिक बोर्ड लगे होंगे, तो सामान्य यात्रियों का ध्यान भी इस वन्यजीव केंद्र की ओर आकर्षित होगा। इससे न केवल कूनो की पहचान और मजबूत होगी, बल्कि होटल, होमस्टे, गाइड और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारोबारियों को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
"कूनो नेशनल पार्क के टिकटोली और अहेरा गेट को पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाया जा रहा है। यहां टिकट विंडो और आधुनिक पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं ताकि सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और वे आसानी से वन्यजीवों का दीदार कर सकें।" — रूपेश उपाध्याय, अपर कलेक्टर, श्योपुर
अंततः यह पहल मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर श्योपुर और कूनो नेशनल पार्क को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेगी। आने वाले दिनों में जब ये बोर्ड्स सड़कों पर नजर आएंगे, तो निश्चित रूप से देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटकों का सफर और भी सुहाना हो जाएगा।





