होम/देश/नीतीश कुमार की बैठक से ललन सिंह गायब: जेडीयू में गरमाई सियासत, निशांत कुमार के नेतृत्व पर लगी मुहर
देशपढ़ने में समय: 7 मिनट

नीतीश कुमार की बैठक से ललन सिंह गायब: जेडीयू में गरमाई सियासत, निशांत कुमार के नेतृत्व पर लगी मुहर

पटना में आयोजित जेडीयू की उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और सांसद रामनाथ ठाकुर गैरमौजूद रहे, जिससे सियासी कयासबाजी तेज हो गई है। हालांकि, बैठक में शामिल विधायकों और मंत्रियों ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नेतृत्व को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
19 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
नीतीश कुमार की बैठक से ललन सिंह गायब: जेडीयू में गरमाई सियासत, निशांत कुमार के नेतृत्व पर लगी मुहर
📷 नीतीश कुमार की बैठक से ललन सिंह गायब: जेडीयू में गरमाई सियासत, निशांत कुमार के नेतृत्व पर लगी मुहर — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई जेडीयू विधायकों की बैठक से ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर अनुपस्थित रहे।
  • पार्टी के वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों ने एक स्वर में निशांत कुमार को अपना नेता माना।
  • अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद पर पार्टी ने साफ किया कि अंतिम फैसला सिर्फ नीतीश कुमार का होगा।
प्रायोजित • SPONSOREDVoterAction Campaign Suite
VoterAction - कागज़ पर नहीं, ऐप पर लड़े जाते हैं चुनाव | अभियान की पूरी कमान

बिहार की सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में पार्टी के सभी विधायकों, विधान पार्षदों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक बेहद अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राजनीतिक परिस्थितियों, सांगठनिक तैयारियों और विधायकों को प्रशिक्षण देना था। लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक की सबसे ज्यादा चर्चा दो बड़ी वजहों से हो रही है। पहली वजह पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शुमार केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का बैठक से नदारद रहना और दूसरी वजह नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को पार्टी की कमान सौंपने की मांग पर सभी नेताओं की सर्वसम्मति बनना है।

बैठक खत्म होने के बाद से ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि पार्टी के प्रमुख नेताओं का दावा है कि संगठन के भीतर सब कुछ पूरी तरह ठीक है और किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है। इसके बावजूद, ललन सिंह जैसे कद्दावर नेता की अनुपस्थिति ने विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है, वहीं जेडीयू के अंदरूनी हलकों में भी इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।

ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी के लगभग सभी छोटे-बड़े जन प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तथा राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर का न पहुंचना हर किसी के ध्यान का केंद्र बन गया। दोनों ही नेता जेडीयू के शीर्ष रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। ललन सिंह की अनुपस्थिति को लेकर जब मीडिया ने सवाल पूछे, तो पार्टी के नेताओं ने सफाई देने की कोशिश की, लेकिन साथ ही अपनी चिंता भी जाहिर की।

बैठक से बाहर निकले पूर्व मंत्री और जेडीयू विधायक अजीत कुमार ने मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने ललन सिंह की अनुपस्थिति पर सीधी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने बड़े कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं को जरूर मौजूद रहना चाहिए था।

blockquote>"मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि ललन सिंह को इस कार्यक्रम में किसी भी हालत में मौजूद होना चाहिए था। बैठक में ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर का न होना अच्छा संदेश नहीं देता है। हालांकि, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हमारी पार्टी में सब कुछ ठीक है और संगठन पूरी तरह मजबूत है।" — अजीत कुमार, विधायक व पूर्व मंत्री, जेडीयू

अजीत कुमार ने आगे कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायकों को प्रशिक्षित करना और संगठन की प्राथमिकताओं से रूबरू कराना था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी एकजुट है और किसी भी मतभेद की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।

📷 पटना में आयोजित जेडीयू विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते पार्टी के मंत्री और विधायक।
विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

स्मार्ट क्लास में गानों पर थिरके छात्र: परीक्षा खत्म होते ही डिजिटल स्क्रीन पर चलाया वीडियो, हुआ बड़ा एक्शन

स्मार्ट क्लास में गानों पर थिरके छात्र: परीक्षा खत्म होते ही डिजिटल स्क्रीन पर चलाया वीडियो, हुआ बड़ा एक्शन

बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सियासत गरमाई: विपक्षी दलों ने उठाए सवाल, कहा- राज्य में बेलगाम हो चुके हैं अपराधी

बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सियासत गरमाई: विपक्षी दलों ने उठाए सवाल, कहा- राज्य में बेलगाम हो चुके हैं अपराधी

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर की पार्टी ने उतारे सभी 8 उम्मीदवार, शिक्षा और रोजगार को बनाया बड़ा मुद्दा

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर की पार्टी ने उतारे सभी 8 उम्मीदवार, शिक्षा और रोजगार को बनाया बड़ा मुद्दा

बिहार में प्रशासनिक कसावट की बड़ी तैयारी: विधान समिति की टीम करेगी ताबड़तोड़ जिलों का दौरा, पांच साल के कामकाज का होगा हिसाब

बिहार में प्रशासनिक कसावट की बड़ी तैयारी: विधान समिति की टीम करेगी ताबड़तोड़ जिलों का दौरा, पांच साल के कामकाज का होगा हिसाब

बिहार सबके लिए एक समान नहीं: मैथिली ठाकुर के बयान पर भड़के नीरज पांडे, कहा- मैंने भी झेला है कड़ा संघर्ष

बिहार सबके लिए एक समान नहीं: मैथिली ठाकुर के बयान पर भड़के नीरज पांडे, कहा- मैंने भी झेला है कड़ा संघर्ष

महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट पर उबाल: वामपंथी दलों का ऐलान, केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ होगा बड़ा आर-पार का संघर्ष

महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट पर उबाल: वामपंथी दलों का ऐलान, केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ होगा बड़ा आर-पार का संघर्ष

मच्छरों का आतंक और तेजी से गिरता प्लेटलेट्स: शहर में फिर पैर पसार रहा डेंगू, अस्पतालों में बढ़ाई गई निगरानी

मच्छरों का आतंक और तेजी से गिरता प्लेटलेट्स: शहर में फिर पैर पसार रहा डेंगू, अस्पतालों में बढ़ाई गई निगरानी

बिहार में इंजीनियरों के लिए बड़ा मौका: साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में यंग प्रोफेशनल के 50 पदों पर भर्ती शुरू

बिहार में इंजीनियरों के लिए बड़ा मौका: साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में यंग प्रोफेशनल के 50 पदों पर भर्ती शुरू

'नीतीश और निशांत के अलावा कौन है लीडर?': सर्वसम्मति से समर्थन

इस बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पहलू नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर रहा। बैठक के दौरान जब पार्टी नेताओं से निशांत कुमार के नेतृत्व के बारे में पूछा गया, तो सभी ने एक सुर में उनका समर्थन किया। बिहार सरकार में मंत्री सुनील कुमार ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में इसकी पुष्टि की।

सुनील कुमार ने बताया कि बैठक में विधायकों और विधान पार्षदों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही जब नेताओं से पूछा गया कि क्या उन्हें निशांत कुमार की लीडरशिप मंजूर है, तो सभी ने बिना किसी हिचकिचाहट के हां में जवाब दिया।

blockquote>"निशांत तो हमारे सर्वमान्य लीडर हैं। नीतीश कुमार और निशांत के अलावा इस पार्टी का लीडर भला कौन हो सकता है? पूरी पार्टी उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार है।" — सुनील कुमार, मंत्री, बिहार सरकार

पार्टी के वरिष्ठ विधायक हरि नारायण सिंह ने भी कहा कि बैठक में संगठन के कई दूरगामी मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और नेताओं की लंबे समय से इच्छा रही है कि निशांत कुमार आगे आकर पार्टी की कमान संभालें और संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करें।

अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद पर पार्टी का कड़ा रुख

बैठक में सिर्फ सांगठनिक ढांचे या नेतृत्व परिवर्तन पर ही बात नहीं हुई, बल्कि हाल के दिनों में सामने आए आतंरिक विवादों पर भी चर्चा की गई। पूर्व विधायक अनंत सिंह द्वारा पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार के लगातार किए जा रहे विरोध का मुद्दा भी इस बैठक में उठा। इस संबंध में जब बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत सख्त अंदाज में जवाब दिया।

भगवान सिंह कुशवाहा ने दो टूक कहा कि जनता दल यूनाइटेड के एकमात्र मालिक नीतीश कुमार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया:

blockquote>"अनंत सिंह किसका विरोध कर रहे हैं या क्या कह रहे हैं, यह वह खुद जानें। पार्टी पूरी तरह से अपने अधिकृत उम्मीदवार और प्रवक्ता के साथ खड़ी है। जेडीयू में जो भी अंतिम फैसला होगा, वह केवल और केवल नीतीश कुमार का होगा और वही फैसला हर नेता व कार्यकर्ता को मानना होगा।" — भगवान सिंह कुशवाहा, मंत्री, बिहार सरकार

इसी मुद्दे पर बिहार सरकार के एक और मंत्री बुलो मंडल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर है। अनंत सिंह द्वारा नीरज कुमार का विरोध किए जाने के मामले को संगठन गंभीरता से देख रहा है और उचित समय पर शीर्ष नेतृत्व इस पर सही निर्णय लेगा।

विधायकों की ट्रेनिंग और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी

जेडीयू की इस बैठक का एक बड़ा हिस्सा विधायकों के प्रशिक्षण सत्र को समर्पित रहा। चुनावी साल और बदलते सियासी समीकरणों को देखते हुए नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जाकर काम करने की सलाह दी है। ट्रेनिंग के दौरान विधायकों को बताया गया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को घर-घर तक कैसे पहुंचाया जाए।

बैठक में शामिल विधायकों ने बताया कि उन्हें बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, स्थानीय मुद्दों को तुरंत सुलझाने और सोशल मीडिया पर पार्टी के विचारों को प्रभावी ढंग से रखने के टिप्स दिए गए हैं। पार्टी का मानना है कि केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सही प्रचार-प्रसार भी चुनावी सफलता के लिए बेहद जरूरी है।

जेडीयू में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत और बिहार का भावी परिदृश्य

इस पूरी बैठक का राजनीतिक विश्लेषण किया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि जेडीयू अब एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव (जनरेशनल शिफ्ट) की ओर बढ़ रही है। नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र बिंदु रहे हैं। लेकिन अब जिस तरह से पार्टी के वरिष्ठ मंत्री, विधायक और पदाधिकारी खुले तौर पर निशांत कुमार के नाम पर मुहर लगा रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में निशांत जेडीयू की मुख्यधारा की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई देंगे।

हालांकि, ललन सिंह जैसे कद्दावर नेता की अनुपस्थिति यह भी दर्शाती है कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर कुछ तालमेल संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिन्हें समय रहते सुलझाना नीतीश कुमार के लिए बेहद जरूरी होगा। यदि ललन सिंह की नाराजगी या दूरी बरकरार रहती है, तो यह आगामी चुनावों में संगठन के आंतरिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल, जेडीयू के तमाम नेता यही दावा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार का फैसला ही अंतिम है और पार्टी एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

स्मार्ट क्लास में गानों पर थिरके छात्र: परीक्षा खत्म होते ही डिजिटल स्क्रीन पर चलाया वीडियो, हुआ बड़ा एक्शनNATIONAL

स्मार्ट क्लास में गानों पर थिरके छात्र: परीक्षा खत्म होते ही डिजिटल स्क्रीन पर चलाया वीडियो, हुआ बड़ा एक्शन

24 सित॰
बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सियासत गरमाई: विपक्षी दलों ने उठाए सवाल, कहा- राज्य में बेलगाम हो चुके हैं अपराधीNATIONAL

बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सियासत गरमाई: विपक्षी दलों ने उठाए सवाल, कहा- राज्य में बेलगाम हो चुके हैं अपराधी

24 सित॰
बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर की पार्टी ने उतारे सभी 8 उम्मीदवार, शिक्षा और रोजगार को बनाया बड़ा मुद्दाPOLITICS

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर की पार्टी ने उतारे सभी 8 उम्मीदवार, शिक्षा और रोजगार को बनाया बड़ा मुद्दा

24 सित॰
बिहार में प्रशासनिक कसावट की बड़ी तैयारी: विधान समिति की टीम करेगी ताबड़तोड़ जिलों का दौरा, पांच साल के कामकाज का होगा हिसाबNATIONAL

बिहार में प्रशासनिक कसावट की बड़ी तैयारी: विधान समिति की टीम करेगी ताबड़तोड़ जिलों का दौरा, पांच साल के कामकाज का होगा हिसाब

24 सित॰
बिहार सबके लिए एक समान नहीं: मैथिली ठाकुर के बयान पर भड़के नीरज पांडे, कहा- मैंने भी झेला है कड़ा संघर्षNATIONAL

बिहार सबके लिए एक समान नहीं: मैथिली ठाकुर के बयान पर भड़के नीरज पांडे, कहा- मैंने भी झेला है कड़ा संघर्ष

24 सित॰
महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट पर उबाल: वामपंथी दलों का ऐलान, केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ होगा बड़ा आर-पार का संघर्षNATIONAL

महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट पर उबाल: वामपंथी दलों का ऐलान, केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ होगा बड़ा आर-पार का संघर्ष

24 सित॰
मच्छरों का आतंक और तेजी से गिरता प्लेटलेट्स: शहर में फिर पैर पसार रहा डेंगू, अस्पतालों में बढ़ाई गई निगरानीNATIONAL

मच्छरों का आतंक और तेजी से गिरता प्लेटलेट्स: शहर में फिर पैर पसार रहा डेंगू, अस्पतालों में बढ़ाई गई निगरानी

24 सित॰
बिहार में इंजीनियरों के लिए बड़ा मौका: साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में यंग प्रोफेशनल के 50 पदों पर भर्ती शुरूEDUCATION

बिहार में इंजीनियरों के लिए बड़ा मौका: साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में यंग प्रोफेशनल के 50 पदों पर भर्ती शुरू

19 सित॰