होम/देश/स्वर कोकिला लता मंगेशकर का वह कल्ट किस्सा: जब गले की खराबी के बाद तोड़ा था मौन व्रत और रचा था इतिहास
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का वह कल्ट किस्सा: जब गले की खराबी के बाद तोड़ा था मौन व्रत और रचा था इतिहास

भारतीय संगीत जगत की अमर आवाज लता मंगेशकर के जीवन से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा, जब वोकल कॉर्ड्स की समस्या के चलते उन्होंने महीनों तक गाना छोड़ दिया था। एक मशहूर संगीतकार के समझाने पर उन्होंने मौन व्रत तोड़ा और ऐसा गाना गाया जिसने इतिहास रच दिया।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
27 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
स्वर कोकिला लता मंगेशकर का वह कल्ट किस्सा: जब गले की खराबी के बाद तोड़ा था मौन व्रत और रचा था इतिहास
📷 स्वर कोकिला लता मंगेशकर का वह कल्ट किस्सा: जब गले की खराबी के बाद तोड़ा था मौन व्रत और रचा था इतिहास — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • साठ के दशक में स्वर कोकिला लता मंगेशकर को गले की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने संगीत से दूरी बना ली थी।
  • मशहूर शास्त्रीय गायक उस्ताद आमिर खान की सलाह पर उन्होंने लंबे समय तक मौन व्रत धारण किया और किसी से बातचीत बंद कर दी थी।
  • दिग्गज संगीतकार हेमंत कुमार ने फिल्म 'बीस साल बाद' के लिए लता दीदी को मनाया और उनसे ऐसा गाना गवाया जिसने उनके करियर को नया जीवन दिया।

भारतीय संगीत की निर्विवाद मलिका

संगीत की दुनिया में जब भी अमर और रूहानी आवाजों का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम स्वर कोकिला लता मंगेशकर का आता है। उन्हें 'सुरों की रानी' और 'स्वर साम्राज्ञी' के रूप में जाना जाता है। उनकी आवाज में एक ऐसा जादू और सम्मोहन था, जो सुनने वाले के दिल और दिमाग पर गहरा असर छोड़ जाता था। दिग्गजों का मानना था कि जब लता दीदी गाती थीं, तो ऐसा लगता था मानो कोई पवित्र आत्मा या संत भक्ति भाव से भरा कोई भजन प्रस्तुत कर रहा हो। उन्होंने बेहद कम उम्र में गाना शुरू कर दिया था और देखते ही देखते पूरे देश के संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करने लगीं।

साल 1942 में मराठी फिल्म 'किति हसाल' से अपने प्लेबैक सिंगिंग सफर का आगाज करने वाली लता जी ने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक कई सुपरहिट गानों ने उन्हें बुलंदियों पर पहुंचा दिया। देश का शायद ही कोई ऐसा संगीतकार रहा होगा जो उनके साथ काम करने की ख्वाहिश न रखता हो। उनकी आवाज की रेंज, शब्दों के उच्चारण की स्पष्टता और भावनाओं को पिरोने का उनका अंदाज बेजोड़ था। हर नए दिन के साथ उनकी लोकप्रियता और मांग आसमान छू रही थी, लेकिन उनके जीवन में एक ऐसा दौर भी आया जब उनके चाहने वाले मायूस हो गए थे।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

सिनेमा के 'किंग ऑफ रोमांस' यश चोपड़ा की अनसुनी दास्तान: जब स्विट्जरलैंड की बस में खुद अपनी ही बनाई झील का किस्सा सुन रहे थे निर्देशक

सिनेमा के 'किंग ऑफ रोमांस' यश चोपड़ा की अनसुनी दास्तान: जब स्विट्जरलैंड की बस में खुद अपनी ही बनाई झील का किस्सा सुन रहे थे निर्देशक

बॉलीवुड की अनसुनी कहानियों का सफर: सिनेमा के पर्दे के पीछे की छिपे राज और किस्से

बॉलीवुड की अनसुनी कहानियों का सफर: सिनेमा के पर्दे के पीछे की छिपे राज और किस्से

कानून हाथ में लेना पड़ा भारी: खेत से केला और गोभी चुराने के आरोप में युवक को पेड़ से बांधा, वीडियो वायरल होने पर पुलिस सक्रिय

कानून हाथ में लेना पड़ा भारी: खेत से केला और गोभी चुराने के आरोप में युवक को पेड़ से बांधा, वीडियो वायरल होने पर पुलिस सक्रिय

आईपीओ बाजार में तगड़ा रोमांच: रिकॉर्डतोड़ 177 गुना सब्सक्रिप्शन और शानदार जीएमपी से निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

आईपीओ बाजार में तगड़ा रोमांच: रिकॉर्डतोड़ 177 गुना सब्सक्रिप्शन और शानदार जीएमपी से निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

35 की उम्र में भी मिल सकती है सरकारी नौकरी, कम पढ़ाई वाले युवाओं के लिए खुला है रास्ता

35 की उम्र में भी मिल सकती है सरकारी नौकरी, कम पढ़ाई वाले युवाओं के लिए खुला है रास्ता

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया बड़ा संकट: $365 ट्रिलियन पहुंचा दुनिया का कुल कर्ज, मची खलबली

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया बड़ा संकट: $365 ट्रिलियन पहुंचा दुनिया का कुल कर्ज, मची खलबली

लिथियम का झंझट खत्म! वैज्ञानिकों ने तैयार की देश की पहली 'नमक वाली' बैटरी, सौर ऊर्जा से होगी चार्ज

लिथियम का झंझट खत्म! वैज्ञानिकों ने तैयार की देश की पहली 'नमक वाली' बैटरी, सौर ऊर्जा से होगी चार्ज

भगवा छोड़ ग्लैमरस अवतार में लौटीं 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री, वायरल वीडियो पर भड़के लोग

भगवा छोड़ ग्लैमरस अवतार में लौटीं 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री, वायरल वीडियो पर भड़के लोग

वह दौर जब थम गए थे स्वर कोकिला के सुर

साठ का दशक हिंदी सिनेमा के लिए सुनहरा दौर माना जाता है, लेकिन यह कालखंड लता मंगेशकर के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में एक बड़ी चुनौती लेकर आया था। उस समय अचानक उनकी वोकल कॉर्ड्स यानी गले की नसों में गंभीर समस्या पैदा हो गई। इस शारीरिक तकलीफ के कारण वह अपनी आवाज का जादुई इस्तेमाल करने में असमर्थ हो रही थीं। उनके लिए गाना तो दूर, सामान्य रूप से बोलना भी मुश्किल होता जा रहा था। इस स्थिति ने देश भर के संगीत प्रेमियों और खुद लता दीदी को गहरी चिंता में डाल दिया था।

ऐसी स्थिति में उस दौर के महान शास्त्रीय गायक उस्ताद आमिर खान ने लता मंगेशकर को एक बेहद अहम सलाह दी। उन्होंने लता जी से कहा कि यदि वह अपने गले को हमेशा के लिए बचाना चाहती हैं और अपनी पुरानी आवाज वापस पाना चाहती हैं, तो उन्हें कुछ समय के लिए गायिकी से पूरी तरह नाता तोड़ लेना चाहिए और पूर्ण विश्राम करना चाहिए। उस्ताद की इस बात को मानकर लता दीदी ने महीनों तक रिकॉर्डिंग स्टूडियो की तरफ कदम नहीं बढ़ाया और पूरी तरह मौन व्रत धारण कर लिया।

मौन व्रत और इंडस्ट्री में फैली अनहोनी की अफवाहें

जब लता मंगेशकर जैसी महान गायिका अचानक महीनों तक खामोश हो गईं और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या रिकॉर्डिंग में नजर नहीं आईं, तो फिल्म इंडस्ट्री में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। गलियारों में यह बात तेजी से फैलने लगी कि स्वर कोकिला ने अब हमेशा के लिए गायिकी से किनारा कर लिया है और वह कभी वापस स्टूडियो नहीं लौटेंगी। उनके फैंस के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था। उस दौर के संगीतकार और निर्माता भी इस बात से सहमे हुए थे कि अगर लता जी वापस नहीं लौटीं, तो भारतीय सिनेमा का संगीत जगत सूना हो जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा सालों बाद इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुआ था, जिसका संचालन संजय पटेल ने किया था। उन्होंने लता दीदी के छोटे भाई और जाने-माने संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर के हवाले से बताया था कि अपने करियर के सबसे चरम पर होने के बावजूद लता जी ने अनुशासन का परिचय दिया। उन्होंने किसी भी बात की परवाह किए बिना उस्ताद आमिर खान की सलाह का अक्षरशः पालन किया और अपनी सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

"जब लता जी ने महीनों तक खामोश रहकर अपने गले को वक्त दिया, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह वापसी करेंगी तो एक ऐसा धमाका करेंगी जो इतिहास के पन्नों में अमर हो जाएगा।" — हृदयनाथ मंगेशकर, संगीतकार

हेमंत कुमार का प्रयास और ऐतिहासिक वापसी

लता दीदी के इस लंबे मौन व्रत को तोड़ने का श्रेय दिग्गज संगीतकार और गायक हेमंत कुमार को जाता है। फिल्म 'बीस साल बाद' के निर्माण के दौरान हेमंत दा को अपनी एक धुन के लिए सिर्फ और सिर्फ लता मंगेशकर की ही आवाज की जरूरत थी। वह अच्छी तरह जानते थे कि इस गाने के साथ कोई दूसरा न्याय नहीं कर सकता। वह लता जी के घर पहुंचे और उन्हें बहुत समझाया। हेमंत कुमार के स्नेह और संगीत के प्रति उनकी जिद के आगे लता दीदी पिघल गईं और उन्होंने अपना मौन व्रत तोड़ने का फैसला किया।

इसके बाद रिकॉर्डिंग स्टूडियो में जो हुआ, उसने भारतीय सिनेमा के इतिहास की दिशा ही बदल दी। लता मंगेशकर ने फिल्म 'बीस साल बाद' के लिए 'कहीं दीप जले, कहीं दिल...' गाना रिकॉर्ड किया। शकील बदायूंनी के लिखे और हेमंत कुमार के संगीत से सजे इस गाने ने आते ही धूम मचा दी। लोगों ने इस गीत को सर आंखों पर बिठा लिया। यह गाना बॉक्स ऑफिस पर और लोकप्रियता के मामले में इतना बड़ा सुपरहिट साबित हुआ कि लता दीदी का स्वर्णिम काल एक बार फिर से लौट आया। इस बेजोड़ गीत के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। आज इतने दशक बीत जाने के बाद भी यह गाना संगीतप्रेमियों के जेहन में उतनी ही गहराई से बसा हुआ है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

सिनेमा के 'किंग ऑफ रोमांस' यश चोपड़ा की अनसुनी दास्तान: जब स्विट्जरलैंड की बस में खुद अपनी ही बनाई झील का किस्सा सुन रहे थे निर्देशकNATIONAL

सिनेमा के 'किंग ऑफ रोमांस' यश चोपड़ा की अनसुनी दास्तान: जब स्विट्जरलैंड की बस में खुद अपनी ही बनाई झील का किस्सा सुन रहे थे निर्देशक

27 सित॰
बॉलीवुड की अनसुनी कहानियों का सफर: सिनेमा के पर्दे के पीछे की छिपे राज और किस्सेNATIONAL

बॉलीवुड की अनसुनी कहानियों का सफर: सिनेमा के पर्दे के पीछे की छिपे राज और किस्से

27 सित॰
कानून हाथ में लेना पड़ा भारी: खेत से केला और गोभी चुराने के आरोप में युवक को पेड़ से बांधा, वीडियो वायरल होने पर पुलिस सक्रियNATIONAL

कानून हाथ में लेना पड़ा भारी: खेत से केला और गोभी चुराने के आरोप में युवक को पेड़ से बांधा, वीडियो वायरल होने पर पुलिस सक्रिय

27 सित॰
आईपीओ बाजार में तगड़ा रोमांच: रिकॉर्डतोड़ 177 गुना सब्सक्रिप्शन और शानदार जीएमपी से निवेशकों की बढ़ी धड़कनेंNATIONAL

आईपीओ बाजार में तगड़ा रोमांच: रिकॉर्डतोड़ 177 गुना सब्सक्रिप्शन और शानदार जीएमपी से निवेशकों की बढ़ी धड़कनें

27 सित॰
35 की उम्र में भी मिल सकती है सरकारी नौकरी, कम पढ़ाई वाले युवाओं के लिए खुला है रास्ताNATIONAL

35 की उम्र में भी मिल सकती है सरकारी नौकरी, कम पढ़ाई वाले युवाओं के लिए खुला है रास्ता

27 सित॰
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया बड़ा संकट: $365 ट्रिलियन पहुंचा दुनिया का कुल कर्ज, मची खलबलीNATIONAL

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया बड़ा संकट: $365 ट्रिलियन पहुंचा दुनिया का कुल कर्ज, मची खलबली

27 सित॰
लिथियम का झंझट खत्म! वैज्ञानिकों ने तैयार की देश की पहली 'नमक वाली' बैटरी, सौर ऊर्जा से होगी चार्जNATIONAL

लिथियम का झंझट खत्म! वैज्ञानिकों ने तैयार की देश की पहली 'नमक वाली' बैटरी, सौर ऊर्जा से होगी चार्ज

27 सित॰
भगवा छोड़ ग्लैमरस अवतार में लौटीं 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री, वायरल वीडियो पर भड़के लोगNATIONAL

भगवा छोड़ ग्लैमरस अवतार में लौटीं 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री, वायरल वीडियो पर भड़के लोग

27 सित॰