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पंजाब के LPU बवाल पर फाउंडर अशोक मित्तल का बड़ा खुलासा, बोले- हिंदू और सिख समुदायों में दरार डालने की थी साजिश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ मामले पर यूनिवर्सिटी के फाउंडर और बीजेपी सांसद अशोक मित्तल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे सोशल मीडिया के जरिए पंजाब को अशांत करने की सुनियोजित साजिश करार दिया है।
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नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•2 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•30
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पंजाब के LPU बवाल पर फाउंडर अशोक मित्तल का बड़ा खुलासा, बोले- हिंदू और सिख समुदायों में दरार डालने की थी साजिश
📷 पंजाब के LPU बवाल पर फाउंडर अशोक मित्तल का बड़ा खुलासा, बोले- हिंदू और सिख समुदायों में दरार डालने की थी साजिश — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • LPU कैंपस में हुई हिंसा और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक डिलीवरी बॉय और एक छात्र शामिल है।
  • यूनिवर्सिटी के चांसलर और सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'रेडिट' पर फैलाई गई मनगढ़ंत अफवाहों के कारण यह पूरा बवाल खड़ा हुआ था।
  • जांच के दौरान कथित घटना का कोई भी सबूत नहीं मिला है, और अब पुलिस ने कुल चार अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिंसा और तोड़फोड़ पर फाउंडर का बड़ा बयान

पंजाब के फगवाड़ा स्थित प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में हाल ही में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों और तोड़फोड़ की घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी। इस संवेदनशील मामले पर अब यूनिवर्सिटी के चांसलर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद अशोक मित्तल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इसे एक गहरी साजिश बताया है। उनका कहना है कि कैंपस की शांति को भंग करने और छात्रों को भ्रमित करने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाई गईं।

अशोक मित्तल ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि जिस प्रकार की भ्रामक जानकारियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फैलाई गईं, उनका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन की शुरुआती तथा गहन जांच में किसी भी तरह के अप्रिय या कथित हमले का कोई सबूत हाथ नहीं लगा है। इसके बावजूद सुनियोजित तरीके से माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

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सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों से भड़का था आक्रोश

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब इंटरनेट और सोशल मीडिया पर विशेषकर 'रेडिट' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कुछ ऐसी पोस्ट वायरल होने लगीं, जिनमें गर्ल्स हॉस्टल के भीतर एक गंभीर घटना होने का दावा किया गया था। इन मनगढ़ंत पोस्ट्स में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा गंभीर अपराध किए जाने की बात कही गई थी, जिससे छात्रों की भावनाएं आहत हुईं और वे भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए।

यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जब इस तरह की संवेदनशील अफवाहें तेजी से फैलती हैं, तो युवाओं का उग्र होना स्वाभाविक है, लेकिन इस बार इसके पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ था जो शिक्षण संस्थान की छवि को धूमिल करना चाहते थे। शुरुआती विरोध के बाद स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर हो गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।

हिंदू और सिख समुदायों के बीच दरार डालने की गहरी साजिश

सांसद अशोक मित्तल ने इस घटना के सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक यूनिवर्सिटी का मामला नहीं है, बल्कि इसके जरिए पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें लगातार पंजाब में हिंदू और सिख समुदायों के बीच आपसी भाईचारे को कमजोर करने और दरार पैदा करने की साजिश रच रही हैं।

"यह सिर्फ एक संस्थान में अशांति फैलाने की कोशिश नहीं है, बल्कि पंजाब में अराजकता पैदा करने की सुनियोजित साजिश है। इसके जरिए हमारे सुरक्षा प्रतीकों और सेना का मनोबल गिराने का घिनौना प्रयास किया गया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" — अशोक मित्तल, चांसलर एवं सांसद

मित्तल ने विशेष रूप से उन वायरल वीडियो की कड़ी निंदा की जिनमें उपद्रवी तत्व यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रतीक के तौर पर रखे गए रिटायर हो चुके मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़कर नाचते और हंगामा करते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर देश की सैन्य विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता का अनादर है।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन नए केस दर्ज

इस हिंसा और आगजनी मामले में पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। ताजा अपडेट के मुताबिक, पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गगन (निवासी टिब्बी मोहल्ला, फगवाड़ा), जेम्स दहिया और अभि के रूप में हुई है। इनमें से जेम्स दहिया एलपीयू का ही छात्र है, जबकि गगन एक स्थानीय पिज्जा डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि इस पूरी साजिश के पीछे के अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके। उधर, गिरफ्तार आरोपी गगन के परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर पुख्ता सबूत जुटाने में जुटी है।

चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज, सात सदस्यीय विशेष टीम कर रही जांच

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के मामले में कानून का शिकंजा कसते हुए पुलिस ने तीन और नई एफआईआर दर्ज कर ली हैं। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में दर्ज मामलों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है। ये सभी मामले अलग-अलग घटनाओं जैसे कि हाईवे पर यातायात बाधित करने, यूनिवर्सिटी परिसर में भारी तोड़फोड़ करने, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस के वाहनों को आग के हवाले करने को लेकर दर्ज किए गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर पुलिस ने सात सदस्यीय एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह टीम गर्ल्स हॉस्टल और अन्य परिसरों में जाकर लगातार पूछताछ कर रही है और हर एक पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष और आगे की स्थिति

फिलहाल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कैंपस में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस दोनों ही छात्रों से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया के नकारात्मक और खतरनाक प्रभावों को उजागर करती है, जहां बिना पुष्टि के फैलाई गई एक झूठी खबर ने बड़े पैमाने पर हिंसा और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही इस साजिश के सभी पहलुओं से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
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