नई दिल्ली/कोलकाता — द फ्रीलान्स ब्यूरो। पितृ पक्ष की विदाई और देवी पक्ष की शुरुआत का प्रतीक महालया आज देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी के साथ बंगाल की प्रसिद्ध दुर्गा पूजा का काउंटडाउन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। सुबह की पहली किरण के साथ ही रेडियो पर महिषासुर मर्दिनी के पाठ और मंत्रोच्चार गूंजने लगे। बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हर तरफ मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस खास मौके पर देश के शीर्ष नेताओं ने भी नागरिकों को शुभकामनाएं भेजी हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सुबह से ही 'सुभो महालया' ट्रेंड कर रहा है। लोग एक-दूसरे को बधाई संदेश, तस्वीरें और शुभकामनाएं भेज रहे हैं। टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया पर भी महालया के महत्व और इसकी पौराणिक कथाओं पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। खासकर पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में इस त्योहार को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है। पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम टच दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री और अन्य दिग्गजों ने देशवासियों को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को महालया की बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में मां दुर्गा से प्रार्थना की कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को महालया की शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा के चरणों में नमन किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राज्य और देश के लोगों को महालया की बधाई देते हुए इस उत्सव को भाईचारे और शांति के साथ मनाने की अपील की है। नेताओं के इन संदेशों के बाद से सोशल मीडिया पर बधाई देने का सिलसिला और तेज हो गया है।
महालया का दिन केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी बहुत गहरा है। इस दिन लोग सुबह-सुबह नदी के घाटों पर जाकर अपने पितरों को तर्पण अर्पित करते हैं। इसे महालया अमावस्या भी कहा जाता है। इसके साथ ही देवी दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन का मार्ग प्रशस्त होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करने के लिए अपनी शक्तियों को जागृत किया था। लोग अपने घरों की साफ-सफाई कर चुके हैं और नए कपड़ों की खरीदारी पूरी हो चुकी है।
बाजारों में रौनक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कोलकाता से लेकर दिल्ली और मुंबई तक के बाजारों में महालया के दिन भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लोग पूजा के लिए जरूरी सामान, फल, और नए कपड़े खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। कपड़ा बाजार और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में भी जबरदस्त बिक्री दर्ज की जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार त्योहारी सीजन में व्यापार बहुत अच्छा रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह बिल्कुल भी कम नहीं हुआ है।
त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, विशेषकर पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट डायवर्जन की योजना तैयार कर ली है ताकि लोगों को जाम का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और त्योहार को आपसी सौहार्द के साथ मनाएं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे की तैयारी
द फ्रीलान्स की टीम ने कोलकाता के कई प्रमुख पंडालों और बाजारों का दौरा किया। ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि इस साल पंडालों की थीम बेहद अनोखी और सामाजिक मुद्दों पर आधारित हैं। कई जगहों पर पर्यावरण संरक्षण और नारी शक्ति को मुख्य विषय बनाया गया है। कारीगर दिन-रात मेहनत कर पंडालों को भव्य रूप दे रहे हैं। आने वाले सात दिनों तक पूरा देश भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा। महालया के साथ शुरू हुआ यह सफर अब सप्तमी, अष्टमी और महानवमी तक धूमधाम से आगे बढ़ेगा।









