होम/देश/फांसी की आहट से सहमे मुस्कान और साहिल: नीला ड्रम हत्याकांड में सजा का ऐलान जल्द, जेल में फूट-फूटकर रोए
देशपढ़ने में समय: 8 मिनट

फांसी की आहट से सहमे मुस्कान और साहिल: नीला ड्रम हत्याकांड में सजा का ऐलान जल्द, जेल में फूट-फूटकर रोए

मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया है। फैसले के बाद दोनों आरोपियों के होश उड़ गए और वे जेल में बिलख-बिलखकर रोने लगे। पीड़ित परिवार ने अब अदालत से दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•2 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•39
🌐Read in English →
शेयर करें:
फांसी की आहट से सहमे मुस्कान और साहिल: नीला ड्रम हत्याकांड में सजा का ऐलान जल्द, जेल में फूट-फूटकर रोए
📷 फांसी की आहट से सहमे मुस्कान और साहिल: नीला ड्रम हत्याकांड में सजा का ऐलान जल्द, जेल में फूट-फूटकर रोए — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • मेरठ जिला अदालत ने मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी ठहराया।
  • अदालत के फैसले की जानकारी मिलते ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दोनों आरोपी फूट-फूटकर रोने लगे।
  • जेल अधिकारियों के अनुसार फैसले की सुगबुगाहट तेज होने के बाद से दोनों आरोपियों ने खाना-पीना काफी कम कर दिया था।
  • मृतक सौरभ के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष जताया है और अदालत से दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला, पत्नी और प्रेमी करार दिए गए दोषी

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले को झकझोर देने वाले सनसनीखेज 'नीला ड्रम हत्याकांड' में अदालत ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला न्यायालय ने मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है। इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों को पेश किया गया था। जैसे ही न्यायाधीश ने दोनों को दोषी ठहराए जाने का आदेश सुनाया, अदालत कक्ष से लेकर जेल के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम तक सन्नाटा छा गया और फौरन ही आरोपी फफक-फफक कर रो पड़े।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और न्यायपालिका ने इस मामले की हर कड़ी को बेहद बारीकी से जोड़ा था। अदालत के इस फैसले के बाद मृतक सौरभ के परिवारवालों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उनके दिलों में अब भी अपने बेटे की दर्दनाक मौत का गम और आरोपियों के प्रति गहरा आक्रोश साफ देखा जा सकता है। परिजनों ने मीडिया और अदालत के सामने दो टूक कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए मुस्कान और साहिल को फांसी के फंदे से कम कुछ भी नहीं मिलना चाहिए।

पिछले कई महीनों से चली आ रही कानूनी प्रक्रियाओं और गवाहों के बयानों के बाद आए इस फैसले ने एक बार फिर से इस खौफनाक वारदात को ताजा कर दिया है। पुलिस जांच में यह बात पहले ही साबित हो चुकी थी कि किस तरह सुनियोजित साजिश के तहत इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया था। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इन दोनों को क्या सजा सुनाती है, क्योंकि समाज के हर वर्ग से यही मांग उठ रही है कि ऐसे दरिंदों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।

संबंधित खबरें

ड्रम में सीमेंट भरकर दफनाए थे शव, चार साल बाद खुद पुलिस के पास पहुंचा कातिल दामाद और ऐसे खुला ट्रिपल मर्डर का खौफनाक राज

ड्रम में सीमेंट भरकर दफनाए थे शव, चार साल बाद खुद पुलिस के पास पहुंचा कातिल दामाद और ऐसे खुला ट्रिपल मर्डर का खौफनाक राज

कर्ज चुकाने के चक्कर में बना जाली नोट किंगपिन: इंस्टाग्राम रील्स देखकर घर में शुरू की छपाई, मेले में खपाए पैसे

कर्ज चुकाने के चक्कर में बना जाली नोट किंगपिन: इंस्टाग्राम रील्स देखकर घर में शुरू की छपाई, मेले में खपाए पैसे

सशक्त होती बेटियां: आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी में बढ़ा महिलाओं का दबदबा, प्लेसमेंट और वेतन में भी बड़ा उछाल

सशक्त होती बेटियां: आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी में बढ़ा महिलाओं का दबदबा, प्लेसमेंट और वेतन में भी बड़ा उछाल

अक्टूबर की शुरुआत में चमके सोने-चांदी के दाम, एमसीएक्स पर जोरदार उछाल के साथ महंगा हुआ सोना

अक्टूबर की शुरुआत में चमके सोने-चांदी के दाम, एमसीएक्स पर जोरदार उछाल के साथ महंगा हुआ सोना

हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही: 3412 करोड़ रुपये के नुकसान पर केंद्र को भेजा जाएगा अंतिम ज्ञापन, जल्द मिलेगी राहत

हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही: 3412 करोड़ रुपये के नुकसान पर केंद्र को भेजा जाएगा अंतिम ज्ञापन, जल्द मिलेगी राहत

कर्नाटक वोटर लिस्ट विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद डीके शिवकुमार ने खत्म किया धरना

कर्नाटक वोटर लिस्ट विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद डीके शिवकुमार ने खत्म किया धरना

तीन महीने में ही क्यों बंद हो रही हैं चीनी मिलें? आर्थिक संकट की जांच के आदेश, जानिए क्या होगा असर

तीन महीने में ही क्यों बंद हो रही हैं चीनी मिलें? आर्थिक संकट की जांच के आदेश, जानिए क्या होगा असर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की गूंज: भारत में स्टैंडिंग्स, लाइव स्ट्रीमिंग और रोमांचक मुकाबलों का महाकुंभ

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की गूंज: भारत में स्टैंडिंग्स, लाइव स्ट्रीमिंग और रोमांचक मुकाबलों का महाकुंभ

जेल की बैरक में फूट-फूटकर रोए मुस्कान और साहिल, छूट गए होश

दोषी करार दिए जाने की खबर मिलते ही कभी बेखौफ नजर आने वाले मुस्कान और साहिल के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए। जेल सूत्रों के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जैसे ही उन्हें यह पता चला कि वे अदालत में दोषी साबित हो चुके हैं, दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मुस्कान अपने दुपट्टे से लगातार अपने आंसू पोछती हुई नजर आई, जबकि साहिल भी अपने हाथों से चेहरा छिपाकर फफक-फफक कर रोता दिखा। जेलकर्मियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन सजा की तलवार लटकती देख दोनों का मानसिक संतुलन हिल गया था।

फैसला आने से ठीक पिछले कुछ दिनों से दोनों के व्यवहार में आए बदलाव ने जेल प्रशासन का भी ध्यान खींचा था। वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से मुस्कान काफी डरी हुई थी और उसने अपना अधिकांश समय पूजा-पाठ में बिताना शुरू कर दिया था। वह लगातार भगवान शिव की आराधना कर रही थी ताकि शायद उसके गुनाहों का बोझ या डर कुछ कम हो सके। वहीं, दूसरी तरफ साहिल भी पूरी तरह गुमसुम हो गया था और उसने जेल के अन्य कैदियों से बातचीत करना बिल्कुल बंद कर दिया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब कानून का शिकंजा कसता है और जुर्म खुलकर सामने आ जाता है, तब बड़े से बड़े अपराधी का अहंकार टूट जाता है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। अपराध के वक्त जो दुस्साहस इन दोनों के चेहरों पर था, वह अब पूरी तरह डर और लाचारी में बदल चुका था। जेल के भीतर उनकी यह हालत इस बात का गवाह है कि किए गए पाप का अंत कितना डरावना होता है।

फैसले से पहले खाना-पीना छोड़ा, मानसिक तनाव के चलते शुरू हुई काउंसलिंग

न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किए जाने के बाद दोनों आरोपियों पर गहरा मानसिक दबाव साफ दिखाई दे रहा है। जेल अधिकारियों के अनुसार, पिछले चौबीस घंटों में मुस्कान और साहिल ने सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम भोजन किया है। जब उन्हें रात का खाना परोसा गया, तो उन्होंने खाने से पूरी तरह इनकार कर दिया। जेल स्टाफ और डॉक्टरों की टीम ने उन्हें समझाइश दी, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह नाममात्र का भोजन ग्रहण किया। सुबह के नाश्ते के वक्त भी उनका यही हाल रहा।

जेल प्रशासन ने दोनों की बिगड़ती मानसिक स्थिति और लगातार रोने की जिद को देखते हुए उनकी विशेष काउंसलिंग शुरू करवा दी है। जेल के मनोवैज्ञानिक और काउंसलर लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं ताकि वे किसी अत्यधिक मानसिक अवसाद का शिकार न हो जाएं। अधिकारियों का कहना है कि कैदियों की सुरक्षा और मानसिक स्थिरता को बनाए रखना जेल मैनुअल का हिस्सा है, इसलिए उन्हें हर संभव चिकित्सीय और मानसिक सहायता मुहैया कराई जा रही है।

इस बीच, मुस्कान द्वारा अपनी बड़ी बेटी और माता-पिता से मिलने की इच्छा जताए जाने की भी चर्चा है। हालांकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मुलाकात के नियम सभी कैदियों के लिए समान हैं। यदि परिवार के लोग नियमानुसार जेल परिसर में मिलने आते हैं, तो मुलाकात कराई जा सकती है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में विशेष छूट नहीं दी जाएगी। अपनी बेटी के भविष्य को लेकर मुस्कान के मन में अब जो पछतावा और चिंता उमड़ रही है, वह उसके अपराधबोध का ही एक हिस्सा है।

खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: नींद की गोलियां देकर शरीर के किए थे 15 टुकड़े

यह पूरा मामला देश भर में चर्चा का विषय बन गया था जब ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या का भयानक सच सामने आया था। पुलिस जांच के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 4 मार्च 2025 को रची गई थी। मास्टरमाइंड पत्नी मुस्कान ने अपने पति सौरभ के खाने में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिला दी थीं। जब सौरभ गहरी बेहोशी की हालत में चला गया, तो उसके प्रेमी साहिल ने बेरहमी से उसकी छाती पर कई बार चाकू से वार कर उसकी जान ले ली।

हत्या के बाद भी इन दोनों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। साक्ष्यों को छिपाने और पहचान मिटाने के लिए उन्होंने मृत शरीर के आरी से 15 टुकड़े किए। इन टुकड़ों को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में ठूंसकर भरा गया और फिर उसके ऊपर सीमेंट का घोल डालकर पूरी तरह सील कर दिया गया ताकि बदबू बाहर न आ सके और किसी को शक न हो। पुलिस ने जब इस मामले की तहकीकात की और ड्रम को खोदकर निकाला, तो देखने वालों की रूह कांप उठी थी।

"मेरे बेटे के कातिलों को कानून ऐसा सबक सिखाए कि भविष्य में कोई ऐसी वीभत्स घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम इन दोनों दरिंदों के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा चाहते हैं।" — रेनू देवी, मृतक सौरभ की मां

घटना के बाद से ही ब्रह्मपुरी स्थित वह मकान वीरान पड़ा है जहां इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। स्थानीय लोग आज भी उस मकान को 'हत्या वाला घर' कहकर पुकारते हैं और वहां जाने से कतराते हैं। मकान मालिक से लेकर आसपास के पड़ोसियों तक, हर कोई इस घटना को याद कर सिहर उठता है। अब जबकि अदालत ने दोनों को दोषी करार दे दिया है, तो पीड़ित परिवार और पूरे समाज की नजरें उस दिन पर टिकी हैं जब अदालत इन्हें अंतिम सजा सुनाएगी।

निष्कर्ष: न्याय की आस में समाज और पीड़ित परिवार

मेरठ का यह नीला ड्रम हत्याकांड इंसानी रिश्तों के पतन और क्रूरता की एक ऐसी दास्तान है, जिसे सुनकर हर संवेदनशील व्यक्ति का दिल दहल जाता है। एक तरफ जहां लालच और अवैध संबंधों ने एक हंसते-खेते परिवार को नेस्तनाबूद कर दिया, वहीं दूसरी तरफ कानून की लंबी और निष्पक्ष प्रक्रिया ने आखिरकार अपना काम कर दिखाया है। अदालत द्वारा दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराया जाना इस बात का प्रमाण है कि कानून के हाथ भले ही लंबे हों, लेकिन वे अपराधियों की गिरेबान तक जरूर पहुंचते हैं।

अब जबकि सजा के ऐलान की घड़ी नजदीक आ रही है, पूरे देश की निगाहें मेरठ जिला अदालत के फैसले पर टिकी हैं। क्या अदालत इन दोनों को फांसी के फंदे पर लटकाएगी या उम्रकैद की सजा देगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि इस फैसले ने अपराधियों के मन में कानून का खौफ जरूर पैदा कर दिया है। समाज में इस तरह के अपराधों के खात्मे के लिए जरूरी है कि दोषियों को ऐसी नजीर पेश करने वाली सजा मिले जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक कड़ा संदेश बने।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

ड्रम में सीमेंट भरकर दफनाए थे शव, चार साल बाद खुद पुलिस के पास पहुंचा कातिल दामाद और ऐसे खुला ट्रिपल मर्डर का खौफनाक राजNATIONAL

ड्रम में सीमेंट भरकर दफनाए थे शव, चार साल बाद खुद पुलिस के पास पहुंचा कातिल दामाद और ऐसे खुला ट्रिपल मर्डर का खौफनाक राज

1 अक्टू॰16
कर्ज चुकाने के चक्कर में बना जाली नोट किंगपिन: इंस्टाग्राम रील्स देखकर घर में शुरू की छपाई, मेले में खपाए पैसेNATIONAL

कर्ज चुकाने के चक्कर में बना जाली नोट किंगपिन: इंस्टाग्राम रील्स देखकर घर में शुरू की छपाई, मेले में खपाए पैसे

1 अक्टू॰51
सशक्त होती बेटियां: आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी में बढ़ा महिलाओं का दबदबा, प्लेसमेंट और वेतन में भी बड़ा उछालNATIONAL

सशक्त होती बेटियां: आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी में बढ़ा महिलाओं का दबदबा, प्लेसमेंट और वेतन में भी बड़ा उछाल

2 अक्टू॰47
अक्टूबर की शुरुआत में चमके सोने-चांदी के दाम, एमसीएक्स पर जोरदार उछाल के साथ महंगा हुआ सोनाNATIONAL

अक्टूबर की शुरुआत में चमके सोने-चांदी के दाम, एमसीएक्स पर जोरदार उछाल के साथ महंगा हुआ सोना

2 अक्टू॰46
हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही: 3412 करोड़ रुपये के नुकसान पर केंद्र को भेजा जाएगा अंतिम ज्ञापन, जल्द मिलेगी राहतNATIONAL

हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही: 3412 करोड़ रुपये के नुकसान पर केंद्र को भेजा जाएगा अंतिम ज्ञापन, जल्द मिलेगी राहत

2 अक्टू॰30
कर्नाटक वोटर लिस्ट विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद डीके शिवकुमार ने खत्म किया धरनाNATIONAL

कर्नाटक वोटर लिस्ट विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद डीके शिवकुमार ने खत्म किया धरना

2 अक्टू॰49
तीन महीने में ही क्यों बंद हो रही हैं चीनी मिलें? आर्थिक संकट की जांच के आदेश, जानिए क्या होगा असरNATIONAL

तीन महीने में ही क्यों बंद हो रही हैं चीनी मिलें? आर्थिक संकट की जांच के आदेश, जानिए क्या होगा असर

2 अक्टू॰42
फीफा वर्ल्ड कप 2026 की गूंज: भारत में स्टैंडिंग्स, लाइव स्ट्रीमिंग और रोमांचक मुकाबलों का महाकुंभNATIONAL

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की गूंज: भारत में स्टैंडिंग्स, लाइव स्ट्रीमिंग और रोमांचक मुकाबलों का महाकुंभ

2 अक्टू॰40