मध्य प्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी
सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे युवाओं के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में बंपर नियुक्तियों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। सिपाही यानी आरक्षक से लेकर सब-इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे प्रतिष्ठित पदों पर बहाली के लिए प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार कुल 18,834 रिक्त पदों को भरने के लिए मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। लंबे समय से वर्दी पहनने का ख्वाब संजोए बैठे उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा मौका साबित हो सकता है, क्योंकि विभाग ने तय समय-सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने का संकल्प लिया है।
इस मेगा रिक्रूटमेंट ड्राइव के तहत साल 2025 और साल 2026 की दोनों भर्तियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ युवाओं के जुड़ने से न केवल थानों और पुलिस चौकियों में बल की कमी दूर होगी, बल्कि कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के कठिन दौर से गुजर रहे छात्रों के लिए यह साल खुशियों की सौगात लेकर आया है, बशर्ते वे अपनी फिटनेस और पढ़ाई में कोई कोर-कसर न छोड़ें।
संबंधित खबरें
दो चरणों में बंटी है पूरी चयन प्रक्रिया, जानें क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह
अक्सर युवाओं के मन में यह सवाल आता है कि इतनी बड़ी तादाद में एक साथ विज्ञापन आने के बावजूद नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से क्यों की जाती हैं। पुलिस मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इस बात से पर्दा उठाया है। दरअसल, एक साथ 18 हजार से अधिक जवानों का चयन कर लेने के बाद उनके बुनियादी प्रशिक्षण यानी बेसिक ट्रेनिंग की सबसे बड़ी चुनौती सामने आती है। राज्य की विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण अकादमियों जैसे भौरी-भोपाल, सागर, उमरिया और रीवा की अपनी एक निश्चित क्षमता होती है।
इन सभी अकादमियों को मिलाकर एक समय में अधिकतम 8 से 10 हजार प्रशिक्षुओं को ही एक साथ बुनियादी ट्रेनिंग दी जा सकती है। यही वजह है कि पुलिस प्रशासन ने सूझबूझ दिखाते हुए पूरी भर्ती को दो अलग-अलग चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण के रिक्रूट्स अपना प्रशिक्षण पूरा करके जब मैदानी इलाकों में तैनात होंगे, तभी दूसरे चरण के जवानों को ट्रेनिंग के लिए अकादमियों में भेजा जाएगा। इस वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित होता है कि हर एक नौजवान को उच्च स्तर की पुलिसिंग ट्रेनिंग मिल सके।
फरवरी में होगा फिजिकल टेस्ट, अप्रैल-मई तक हाथों में होगी नियुक्ति
चयन प्रक्रिया के अगले और बेहद अहम पड़ाव पर बात करें तो फिलहाल पूरा ध्यान शारीरिक दक्षता परीक्षण यानी फिजिकल टेस्ट पर केंद्रित है। पुलिस विभाग की специализирован फिजिकल भर्ती शाखा इस समय मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित की जाने वाली लिखित परीक्षाओं के अंतिम परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रही है। जैसे ही स्कोरकार्ड विभाग को सौंपे जाएंगे, वैसे ही शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के लिए ग्राउंड टेस्ट का विस्तृत और तारीखवार शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा।
विभागीय योजनाओं के मुताबिक, सब कुछ तयशुदा प्लान के तहत चला तो फरवरी महीने के दौरान ही फिजिकल टेस्ट की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा। इसके तुरंत बाद मार्च के आसपास अंतिम मेरिट सूचियां तैयार होंगी और फिर अप्रैल से मई महीने के भीतर सफल एवं योग्य उम्मीदवारों को उनकी पसंद और मेरिट के आधार पर अलग-अलग जिलों व इकाइयों में पदस्थापना सौंप दी जाएगी।
किन-किन पदों पर हो रही है बहाली? जानिए सालवार पूरा ब्योरा
इस व्यापक भर्ती अभियान को दो अलग-अलग वर्षों की कार्ययोजना के तहत बांटा गया है। पहली कार्ययोजना साल 2025 की है, जिसके तहत कुल 8,500 पदों पर चयन होना है। इसमें अकेले 7,500 पद साधारण आरक्षकों के हैं, जबकि 500 पद सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 500 पद सूबेदार (मिनिस्ट्रियल) और एएसआई (मिनिस्ट्रियल) वर्ग के अंतर्गत रखे गए हैं, जिनकी कमान संभालने के लिए तकनीकी और लिपिकीय दक्षता जरूरी होती है।
वहीं, दूसरी कार्ययोजना साल 2026 की है, जिसके अंतर्गत कुल 10,334 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इस दूसरे चरण में 7,500 पद आरक्षक के हैं, 507 पद सूबेदार और एसआई के हैं, 655 पद मिनिस्ट्रियल संवर्ग के लिए हैं, 1,000 पद वाहन चालकों (ड्राइवर) के लिए विशेष तौर पर सृजित किए गए हैं और लगभग 672 पद पुलिस बैंड संवर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन विभिन्न श्रेणियों के चलते हर योग्यता वाले युवा को अपनी क्षमता के अनुसार आवेदन करने और चयनित होने का पूरा अवसर मिल रहा है।
प्रशासनिक सतर्कता और निष्पक्षता पर विशेष जोर
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए इस बार पुलिस मुख्यालय ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। चयन प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक बायोमीट्रिक तकनीकों का इस्तेमाल करके पूरी बहाली को पूरी तरह फूलप्रूफ बनाया जा रहा है ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न बचे।
"हमारी प्राथमिकता पूरी पारदर्शिता के साथ सबसे योग्य और शारीरिक रूप से सक्षम युवाओं को मध्य प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बनाना है। लिखित परीक्षा के परिणाम हाथ लगते ही शारीरिक परीक्षण का कार्यक्रम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा और तय डेडलाइन के भीतर नियुक्तियां बांट दी जाएंगी।" — शाहिद अबसार, एडीजी (चयन एवं भर्ती), मध्य प्रदेश पुलिस
युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों पर ही भरोसा रखें। अपने कागजात दुरुस्त रखें और फिजिकल टेस्ट के लिए अभी से मैदान में पसीना बहाना शुरू कर दें, क्योंकि आने वाले कुछ महीने उनके करियर की दिशा तय करने वाले हैं।


