राजनीतिक सरगर्मी के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पड़ोसी राज्य पंजाब की सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। अमृतसर के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सैनी ने रोजगार के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि चुनावी मंचों से बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकारों को अब जनता के सामने अपने किए गए वादों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार तत्काल एक श्वेत पत्र जारी करे और यह स्पष्ट करे कि उसके कार्यकाल में वास्तव में कितने युवाओं को रोजगार मिला है।
अमृतसर में पार्टी कार्यकर्ताओं का भव्य स्वागत और राजनीतिक हुंकार
अपने पंजाब प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर में एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता श्वेत मलिक, जिला अध्यक्ष सलिल कपूर, राकेश रिंकू, प्रताप सिंह और तरण जस्सी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आज जनता राजनीति में जवाबदेही चाहती है और खोखले वादे अब ज्यादा दिन टिकने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं के रोजगार का मामला केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनके उज्ज्वल भविष्य और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की जनता से चुनाव के दौरान 20 लाख नौकरियां देने जैसे लुभावने वादे किए गए थे, लेकिन जब हकीकत की जमीन पर देखते हैं तो निराशा ही हाथ लगती है। उन्होंने कांग्रेस के पिछले दौर की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि हर घर में रोजगार देने के नाम पर जनता के साथ सिर्फ छल किया गया है।
संबंधित खबरें
हरियाणा मॉडल का जिक्र: बिना पर्ची और खर्ची के मिल रहा रोजगार
अपने राज्य की नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा में पिछले कुछ समय में प्रशासनिक सुधारों के जरिए गेम-चेंजिंग कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में युवाओं को बिना किसी सिफारिश, बिना पर्ची और बिना खर्ची के पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि महज 18 महीने के अंतराल में लगभग 45 हजार युवाओं को उनकी योग्यता के बल पर सरकारी पदों पर नियुक्त किया गया है।
भर्ती प्रक्रियाओं का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा पुलिस के लगभग 5,600 पदों के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के लगभग 8,500 अन्य पदों पर भर्ती और साक्षात्कार का सिलसिला निरंतर जारी है। सरकार का मुख्य विजन यह है कि राज्य के किसी भी युवा को रोजगार हासिल करने के लिए बिचौलियों या राजनीतिक नेताओं के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि उसकी योग्यता ही उसकी पहचान बने।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर कड़ा प्रहार और जनता का टूटा भरोसा
पंजाब में हाल ही में सामने आई आबकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा के परिणामों और उनमें हुई कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि युवाओं का सिस्टम पर विश्वास कायम रहे।
"युवाओं को रोजगार देना केवल राजनीतिक चुनावी वादा नहीं बल्कि उनके भविष्य और परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। पंजाब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उसने अपने वादों पर कितना काम किया है।" — नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
उन्होंने कहा कि पंजाब की मौजूदा सरकार ने युवाओं के इसी विश्वास को तोड़ने का काम किया है। जब परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता नहीं रहती और धांधली की खबरें सामने आती हैं, तो मेहनतकश युवाओं का मनोबल टूट जाता है। ऐसी कार्यशैली से राज्य की पूरी युवा पीढ़ी अंधकार की तरफ धकेल दी जाती है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जनहित योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों का कच्चा चिट्ठा
रोजगार के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य जनहितकारी योजनाओं का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पहले साल के बजट में ही 5 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया था। इसमें से 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई गई है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।
गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों पात्र परिवारों को पक्के मकान की चाबियां सौंपी गई हैं। जिन गरीब परिवारों के पास अपनी जमीन का एक टुकड़ा तक नहीं था, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में 100-100 गज और शहरी क्षेत्रों में 30-30 गज के मुफ्त प्लॉट आवंटित किए गए हैं। इन कल्याणकारी कदमों से राज्य के लगभग 32 हजार गरीब परिवार सीधे तौर पर लाभांवित हुए हैं और उन्हें एक नई जिंदगी जीने का अवसर मिला है।
निष्कर्ष और भविष्य की राजनीतिक दिशा
अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सुशासन और पारदर्शी नीतियां ही किसी भी सरकार की असली कसौटी होती हैं। झूठे प्रचार और विज्ञापनों की राजनीति अब ज्यादा दिन नहीं चल सकती। पंजाब की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह हर मोर्चे पर अपनी सरकारों से हिसाब मांग रही है। श्वेत पत्र की मांग करके उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आने वाले दिनों में रोजगार का यह मुद्दा और अधिक तल्ख होने वाला है।









