चंडीगढ़ के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की पटकथा लिखी गई। अमरिंदर सिंह 'राजा' वड़िंग के इस्तीफे के तुरंत बाद, पार्टी आलाकमान ने अनुभवी नेता और पूर्व ओलंपियन परगट सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी है। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य की सियासत में तमाम दल अपनी जमीन मजबूत करने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
राजा वड़िंग का इस्तीफा और अचानक हुआ यह बदलाव
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का पार्टी अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा देना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चौंकाने वाला रहा। हालांकि, पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और आगामी रणनीतिक चुनौतियों को इस बदलाव का मुख्य कारण माना जा रहा है। वड़िंग के हटने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बिना वक्त गंवाए परगट सिंह के नाम पर मुहर लगा दी, जो अपनी बेबाक और जुझारू छवि के लिए जाने जाते हैं।
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कौन हैं परगट सिंह? खेल के मैदान से राजनीतिक अखाड़े तक का सफर
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और पद्म श्री से सम्मानित परगट सिंह ने खेल के मैदान से राजनीति में कदम रखने के बाद हमेशा अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाई है। अकाली दल से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले परगट सिंह बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह हमेशा से मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले नेताओं में शुमार रहे हैं। उनकी प्रशासनिक समझ और जनहित के मुद्दों पर आक्रामक तेवरों को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
संगठन को एकजुट करने की होगी सबसे बड़ी चुनौती
आगामी चुनावों और पार्टी की रणनीति पर असर
परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरे हुए सांगठनिक ढांचे को एकजुट करने की होगी। पंजाब कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी से जूझती रही है। पार्टी के भीतर विभिन्न क्षत्रपों के अपने समीकरण हैं, जिन्हें साधना नए अध्यक्ष के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य में विपक्षी दलों और सत्ताधारी दल को घेरने के लिए एक आक्रामक विपक्ष के रूप में कांग्रेस को खड़ा करना उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर होगा।
'राजनीति में समझौते और संघर्ष के बीच संतुलन बनाना ही असली नेतृत्व की पहचान है, और परगट सिंह के पास प्रशासनिक और खेल दोनों का लंबा अनुभव है।' - एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता
राष्ट्रीय स्तर पर सांगठनिक फेरबदल का हिस्सा
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस पार्टी ने केवल पंजाब में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सांगठनिक बदलाव किए हैं। उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा 'मोना' को पार्टी की कमान सौंपने और इमरान मसूद को बड़ी जिम्मेदारी देने के साथ ही यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अब आक्रामक और जमीन से जुड़े नेताओं को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है। पंजाब में परगट सिंह की नियुक्ति इसी राष्ट्रीय रणनीति का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है।








